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“सिर कटी लाश और बेवफा पत्नी! बलौदाबाजार में रेलवे ट्रैक पर मिली बॉडी का खुला खौफनाक राज, सुपारी किलर के साथ मिलकर उजाड़ा अपना ही सुहाग

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बलौदाबाजार: जिले में रेलवे लाइन के पास मिली बिना सिर वाली लाश की गुत्थी को पुलिस ने सुलझा लिया है. पहचान नहीं होने से मामला काफी पेचीदा था लेकिन पुलिस कई कड़ियों को जोड़ते हुए हत्यारों तक पहुंच गई. वारदात का मास्टरमाइंड कोई और नहीं बल्कि पत्नी ही निकली. पुलिस ने कुल 4 लोगों को गिरफ्तार किया है. जानिए पुलिस कैसे सुलझाई ये मर्डर मिस्ट्री-

11 जनवरी को मिली थी लाश

दिनांक 11 जनवरी 2026 की सुबह करीब 4:30 बजे हथबंद थाना पुलिस को सूचना मिली कि ग्राम मजगांव के पास हथबंद–भाटापारा रेलवे लाइन पर एक शव पड़ा हुआ है. सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची, वहां का नजारा हैरान कनेर वाला था. रेलवे अपलाइन खंभा नंबर 771/23-25 के पास एक पुरुष का शव पड़ा था, जिसकी उम्र लगभग 30 वर्ष लग रही थी.

अंधेकत्ल की पहचान सबसे बड़ी चुनौती

शव का सिर पूरी तरह धड़ से अलग था और कहीं भी नजर नहीं आ रहा था. प्रारंभिक जांच में यह स्पष्ट हो गया कि युवक की हत्या कहीं और की गई है और पहचान छिपाने के उद्देश्य से सिर को अलग स्थान पर फेंक दिया गया, जबकि धड़ रेलवे लाइन पर डाल दिया गया. मृतक ने हल्के नीले रंग की जींस पहन रखी थी और उसके दाहिने हाथ की कलाई पर अंग्रेजी में “G.K. JOSHI” गुदा हुआ था. यही गोदना आगे चलकर इस अंधेकत्ल की गुत्थी सुलझाने में अहम सुराग बना.

80 जवानों ने 4 किलोमीटर तक खोजा सिर

थाना हथबंद में केस दर्ज हुआ. पीएम रिपोर्ट और घटनास्थल की जांच के के आधार पर धारा 103(1), 238 बीएनएस के तहत आगे की विवेचना शुरू हुई. पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती शव की पहचान थी. बिना सिर के शव की पहचान केवल कपड़ों और हाथ पर बने गोदने के आधार पर करना बेहद कठिन था. पुलिस ने करीब 80 पुलिसकर्मियों की टीम बनाकर घटनास्थल के आसपास लगभग 4 किलोमीटर क्षेत्र में सघन तलाशी अभियान चलाया, लेकिन सिर बरामद नहीं हो सका.

मुनादी से लेकर टेक्निकल आधार पर जांच

इसके बाद पुलिस ने आसपास के गांवों में मुनादी कराई, ग्रामीणों से पूछताछ की गई. सोशल मीडिया, व्हाट्सएप ग्रुप और आसपास के जिलों में शव का हुलिया प्रसारित किया गया. साथ ही घटनास्थल तक पहुंचने वाले मार्गों पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई. साइबर सेल की टेक्निकल टीम ने भी मोबाइल लोकेशन और कॉल डिटेल के आधार पर तकनीकी विश्लेषण किया.

चार दिन बाद खुली पहचान

लगातार प्रयासों के बाद पुलिस को सफलता मिली. घटना के चार दिन बाद शव की पहचान गैस कुमार जोशी पिता गोपाल जोशी, उम्र 40 वर्ष के रूप में हुई. वह ग्राम भोथीडीह, जिला बेमेतरा का रहने वाला था. मृतक की पहचान होते ही पुलिस ने हत्या की दिशा में जांच तेज कर दी. पुलिस को जानकारी मिली कि मृतक की पत्नी कुसुम जोशी का मायका सिमगा थाना क्षेत्र के ग्राम दरचुरा में है. इसी कड़ी को जोड़ते हुए पुलिस ने संदिग्धों पर नजर रखनी शुरू की.

पत्नी साजिशकर्ता, मामा और सुपारी किलर बने मददगार

मुखबिरों से मिली सूचना और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने मृतक की पत्नी कुसुम जोशी, उसके मामा राजेश भारती और दो अन्य संदिग्धों को हिरासत में लिया. पूछताछ में पहले आरोपियों ने पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की, लेकिन जब अलग-अलग पूछताछ की गई तो पूरा सच सामने आ गया. आरोपियों ने स्वीकार किया कि गैस कुमार जोशी अपनी पत्नी के साथ आए दिन झगड़ा करता था, मारपीट करता था और अमानवीय व्यवहार करता था.

झगड़े से परेशान होकर कुसुम ने अपने पति को रास्ते से हटाने की योजना बनाई. इस योजना को अंजाम देने के लिए उसने अपने मामा राजेश भारती और दो सुपारी किलर दारासिंह अनंत और करन अनंत को शामिल किया गया. बताया जा रहा है कि पहले भी हत्या की कोशिश हुई थी, लेकिन नाकाम रही. इसके बाद 40 हजार रुपए में सुपारी तय हुई.

पार्टी के बहाने बुलाया, शराब पिलाई फिर…

पुलिस जांच में सामने आया कि घटना के दिन कुसुम अपने पति गैस कुमार को पार्टी करने के बहाने ग्राम दरचुरा लेकर गई. वहां पहले से ही दोनों सुपारी किलर मौजूद थे. सभी ने मिलकर गैस कुमार को अत्यधिक शराब पिलाई. नशे की हालत में जब वह खुद को संभाल नहीं पाया, तब उसके साथ मारपीट की गई और वह बेहोश हो गया. इसके बाद आरोपी उसे कार में बैठाकर ग्राम मजगांव रेलवे लाइन के पास ले गए. धारदार तलवार से उसका गला काट दिया गया. पहचान छिपाने के उद्देश्य से धड़ को रेलवे लाइन पर फेंक दिया गया और सिर को ग्राम डिग्गी में गड्ढा खोदकर दबा दिया गया. हत्या के बाद कुसुम ने दोनों सुपारी किलरों को तय रकम भी दी.

पुलिस की मुस्तैदी से पर्दाफाश

इस अंधेकत्ल के खुलासे में हथबंद थाना, साइबर सेल और वैज्ञानिक टीम की भूमिका अहम रही. पुलिस अधीक्षक भावना गुप्ता के निर्देश में गठित विशेष टीम ने तकनीकी विश्लेषण, पीएम रिपोर्ट, मनोवैज्ञानिक पूछताछ और फील्ड इन्वेस्टिगेशन के जरिए मामले को सुलझाया. इस सफलता पर पुलिस अधीक्षक ने पूरी टीम को 5000 का इनाम देने की घोषणा की है. आरोपियों से घटना में प्रयुक्त कार, तलवार, मोबाइल फोन और कई साक्ष्य मिले हैं.

ये 4 आरोपी गिरफ्तार

  • कुसुम जोशी (35 वर्ष), निवासी ग्राम भोथीडीह, थाना चंदनू, जिला बेमेतरा – मृतक की पत्नी
  • राजेश भारती (32 वर्ष), निवासी ग्राम दरचुरा, थाना सिमगा – पत्नी का मामा
  • दारासिंह अनंत (44 वर्ष), निवासी ग्राम डिग्गी, थाना भाटापारा ग्रामीण – सुपारी किलर
  • करन अनंत (34 वर्ष), निवासी ग्राम बड़े जरौद, थाना भाटापारा ग्रामीण – सुपारी किलर

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