Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
Iran-Israel War Impact: ईरान युद्ध के कारण बढ़ सकते हैं पानी और कोल्ड ड्रिंक की बोतलों के दाम; भारतीय... मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड का बड़ा फरमान: "मुसलमानों के लिए इस्लामी उत्तराधिकार कानून अनिवार्य"; संपत्ति... विकसित भारत 2047: हरियाणा बनेगा देश का 'ग्रोथ इंजन'! उद्योग और युवाओं के कौशल पर सरकार का बड़ा दांव;... दिल्ली-देहरादून हाईवे पर 'आपत्तिजनक नारा' लिखना पड़ा भारी! दो युवतियों समेत 3 गिरफ्तार; माहौल बिगाड़ने... सावधान! दिल्ली में 48 घंटे बाद बरसेगा पानी, यूपी-राजस्थान में 'तूफान' जैसी हवाओं का अलर्ट; IMD ने पह... आगरा में 'जहरीली गैस' का तांडव! कोल्ड स्टोरेज से रिसाव के बाद मची भगदड़, जान बचाने के लिए खेतों की त... Bus Fire News: जैसलमेर से अहमदाबाद जा रही स्लीपर बस में लगी भीषण आग, एक यात्री झुलसा; खिड़कियों से क... कश्मीर में VIP सुरक्षा पर 'सर्जिकल स्ट्राइक'! फारूक अब्दुल्ला पर हमले के बाद हिला प्रशासन; अब बुलेटप... ईरान की 'हिट लिस्ट' में Google, Apple और Microsoft? अब टेक कंपनियों को तबाह करेगा तेहरान; पूरी दुनिय... दिल्ली में 'Zero' बिजली बिल वालों की शामत! खाली पड़े घरों की सब्सिडी छीनने की तैयारी; क्या आपका भी बं...

भारत का सबसे महंगा तलाक! जोहो फाउंडर श्रीधर वेम्बू से अमेरिकी कोर्ट ने मांगे 15,000 करोड़ के बॉन्ड

21

जोहो के मालिक श्रीधर वेम्बू एक बार फिर से चर्चा में है. इस बार उनके तलाक को लेकर खबर आई है. अमेरिकी कोर्ट में इसका केस चल रहा है. अगर ये तलाक होता है और कोर्ट ऑर्डर फॉलो होते हैं तो इसे भारत के सबसे महंगे तलाकों में से एक हो सकता है. जोहो के को-फाउंडर श्रीधर वेम्बू को अमेरिका की एक अदालत ने चल रहे तलाक के मामले में 1.7 अरब डॉलर यानी 15 हजार करोड़ रुपए से ज्यादा के बॉन्ड जमा करने का निर्देश दिया है. एक समाचार रिपोर्ट के अनुसार, कैलिफोर्निया की कोर्ट ने याचिका के बाद प्रॉपर्टी ट्रांसफर और वैवाहिक संपत्ति के बंटवारे पर संभावित प्रभाव को लेकर चिंताओं का हवाला देते हुए यह कदम उठाया. वेम्बू की पूर्व पत्नी, प्रमिला श्रीनिवासन, अमेरिका में रहने वाली एक शिक्षाविद, उद्यमी और हेल्थ सर्विस टेक्नोलॉजी सेक्टर में काम करती हैं.

द न्यूज़ मिनट की रिपोर्ट के अनुसार, यह आदेश जनवरी 2025 में पारित किया गया था. कैलिफोर्निया की हाई कोर्ट ने जोहो संस्थाओं की निगरानी के लिए एक रिसीवर नियुक्त किया और एक बड़े कॉर्पोरेट रिस्ट्रक्चर करने पर रोक लगा दी. द न्यूज मिनट की रिपोर्ट के अनुसार कैलिफोर्निया की सुपीरियर कोर्ट द्वारा पारित आदेश में कहा गया है कि इस मामले के रिकॉर्ड से यह स्पष्ट होता है कि याचिकाकर्ता (श्रीधर) ने सामुदायिक संपत्तियों में प्रतिवादी (प्रमिला) के हितों की अनदेखी की है और कानून का उल्लंघन किया है, और ज़ोहो कॉर्पोरेशन, टी एंड वी होल्डिंग्स, इंक., टोनी थॉमस, जेडसीपीएल और संबंधित संस्थाएं याचिकाकर्ता के निर्देश पर याचिकाकर्ता के हितों को आगे बढ़ाने और प्रतिवादी के हितों को नुकसान पहुंचाने के लिए काम करेंगी.

जोहो के असेट्स को लेकर विवाद

श्रीनिवासन ने नवंबर 2024 में अपने आवेदन में दावा किया था कि वेम्बू ने चुपके से अमेरिका स्थित जोहो कॉर्पोरेशन (जो चेन्नई स्थित ज़ोहो कॉर्पोरेशन प्राइवेट लिमिटेड (ZCPL) की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी है) में अपने शेयरों का एक बड़ा हिस्सा श्रीधर के लंबे समय के सहयोगी के स्वामित्व वाली एक इकाई को ट्रांसफर कर दिया था. यह ट्रांजेक्शन तीन फेज में किया गया था. प्रमिला ने द न्यूज मिनट की रिपोर्ट में कहा कि मैंने अपनी इनकम से श्रीधर का समर्थन किया ताकि वह अपनी नौकरी छोड़ सकें और बिजनेस पर फोकस कर सके. मुझे यह जानकर गहरा सदमा लगा कि तलाक के लिए अर्जी देने के बाद ही मुझे पता चला कि उन्होंने दावा किया है कि जिस कंपनी को उन्होंने हमारी शादी के दौरान बनाया था, उसमें उनकी हिस्सेदारी केवल 5 फीसदी है, और उनके भाई-बहनों के पास कंपनी की बहुमत हिस्सेदारी है.

कितनी है वेम्बू की नेटवर्थ?

हालांकि, वेम्बू ने इस दावे का खंडन करते हुए जोर देकर कहा कि जोहो के को-फाउंडर और लंबे समय तक सीईओ के रूप में काम करने के बावजूद, जोहो में उनकी हिस्सेदारी हमेशा केवल 5 प्रतिशत ही रही है. फोर्ब्स की 2025 की सूची के अनुसार, वेम्बू और उनके भाई-बहनों (जिनके पास अब कंपनी के अधिकांश शेयर (80 प्रतिशत से अधिक) हैं) की कुल संपत्ति 6 ​​अरब डॉलर है. लगभग तीस वर्षों के वैवाहिक जीवन और अमेरिका में एक बेटे की परवरिश के बाद, वेम्बू 2019 के अंत में भारत लौट आए. तलाक की कार्यवाही 2021 में शुरू हुई.

कौन हैं प्रमिला श्रीनिवासन?

लिंक्डइन पर, प्रमिला श्रीनिवासन ने खुद को अमेरिका में रहने वाली एक शिक्षाविद, उद्यमी और हेल्थ टेक एक्सपर्ट के रूप में बताया है. उनके पास इलेक्ट्रिकल और कंप्यूटर इंजीनियरिंग में पीएचडी है और उन्होंने हेल्थ टेक, विशेष रूप से इलेक्ट्रॉनिक हेल्थ रिकॉर्ड और स्पेशल केयर सिस्टम्स में काफी काम किया है. उनके करियर में हेल्थ सर्विस तक पहुंच और डिजिटल इंफ्रा के लिए वकालत भी शामिल है. उन्होंने द ब्रेन फाउंडेशन की स्थापना भी की है, जो अमेरिका स्थित एक नॉन प्रॉफिटेबल संस्था है जो ऑटिज्म रिसर्च, उपचार और सामुदायिक सहायता के लिए समर्पित है.

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.