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डिजिटल इंडिया का ‘लोचा’! 2500 KM दूर भेज दी बिना चाबी की इलेक्ट्रिक बस, हिमाचल पहुँचकर खुली पोल

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हिमाचल पथ परिवहन निगम (एचआरटीसी) की ई-बस सेवा के ट्रायल को लेकर एक रोचक मामला सामने आया है. कंपनी ने ट्रायल को लेकर बस को ट्राले पर लादकर सोलन तो भेज दिया, लेकिन उसके साथ बस की चाबी भेजना ही भूल गई. इस लापरवाही के कारण निगम के अफसरों को ट्राले से बस नीचे उतारने में काफी परेशानी का सामना करना पड़ा. काफी देर तक जब चाबी नहीं मिली तो निगम ने तुरंत कंपनी से संपर्क किया, जिसके बाद बस की चाबी को हैदराबाद से फ्लाइट के जरिए भेजा गया.

चाबी को हैदराबाद से विमान के माध्यम से चंडीगढ़ भेजा गया, जहां से देर शाम उसे सोलन पहुंचाया गया. चाबी पहुंचने के बाद ही ई-बस को ट्राले से उतारा जा सका. इस पूरे घटनाक्रम के बाद निगम अधिकारियों के सुर भी कुछ बदले नजर आए. चाबी न होने से परेशान अधिकारियों ने दावा किया कि सुरक्षा के लिहाज से ट्राले को सुरक्षित स्थान पर खड़ा किया गया था, ताकि किसी तरह की असुविधा या नुकसान न हो.

सोलन से अर्की तक चलाया गया ई-बस

ई-बस के ट्रायल की प्रक्रिया भी अब शुरू हो चुकी है. पहले दिन सोलन से अर्की वाया ममलीग रूट पर बस का परीक्षण किया गया. इस दौरान एचआरटीसी और कंपनी के अधिकारी मौजूद रहे और बस की तकनीकी जांच की. बस को पूरी तरह चार्ज करने के बाद सोलन से अर्की तक चलाया गया, ताकि यह आकलन किया जा सके कि फुल चार्जिंग पर बस कितनी दूरी तय करती है. इसके अलावा चार्जिंग सिस्टम, ब्रेक, पिकअप और अन्य व्यवस्थाओं की भी बारीकी से जांच की गई.

एचआरटीसी की योजना आने वाले दिनों में अन्य रूटों पर भी ई-बस का ट्रायल करने की है. अलग-अलग भौगोलिक परिस्थितियों और मार्गों पर परीक्षण के बाद एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जाएगी, जिसे निगम के उच्चाधिकारियों को भेजा जाएगा. इसी रिपोर्ट के आधार पर यह तय किया जाएगा कि भविष्य में ई-बसों की खरीद की जाए या नहीं.

बस को तुरंत ट्राले से नहीं उतारा जा सका

बताया गया कि बीते सोमवार शाम करीब छह बजे ई-बस हैदराबाद से सोलन पहुंची थी. इसके बाद बस को एचआरटीसी वर्कशॉप में खड़ा किया गया, लेकिन वहां बस उतारने के लिए उपयुक्त स्थान नहीं होने के कारण मंगलवार को इसे सेब मंडी के पास खड़ा कर दिया गया. यहां जब टीम ने बस को मिट्टी के ढेर पर उतारने की तैयारी की और चाबी मांगी, तो चाबी उपलब्ध नहीं हो सकी. यही कारण रहा कि बस को तुरंत ट्राले से नहीं उतारा जा सका.

इस पूरे मामले के बाद अब स्थिति सामान्य हो गई है. बस को ट्राले से उतार दिया गया है और उसका ट्रायल सुचारु रूप से चल रहा है. इस संबंध में अधिकारी ने बताया कि वीरवार को सोलन से अर्की रूट पर ई-बस का सफल ट्रायल किया गया है.

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