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किसान के बेटे का कमाल, 15 साल की उम्र में नेशनल लेवल पर जीता सिल्वर मेडल

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सरगुजा: आत्मविश्वास, कड़ी मेहनत और दृढ़ संकल्प के साथ अगर कोई काम किया जाए तो उसका नतीजा हमेशा पॉजिटिव निकलता है. क्योंकि ईश्वर भी उसी की मदद करते हैं जो अपनी मदद खुद करता है. मैनपाट के खिलाड़ी ओम यादव ने खेल के मैदान में कड़ी मेहनत की. जिसका नतीजा ये हुआ कि वो आज राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ियों में शुमार हो चुके हैं. नेटबॉल के खेल में ओम यादव ने नेशनल लेवल पर सिल्वर मेडल जीता और साबित कर दिया कि हुनर पैसों की मोहताज नहीं होती, मौकों की मोहताज होती है.

15 साल की उम्र मे नेशनल खेला और जीता सिल्वर मेडल

ओम यादव के पिता एक सामान्य किसान हैं. गरीबी और अभावों में पले बढ़े बेटे की खेल में रुचि देखकर पिता ने भी उसका हौसला बढ़ाया. नेटबॉल के उभरते खिलाड़ी ओम यादव कहते हैं कि वो कक्षा दसवीं के छात्र हैं. पढ़ाई के साथ साथ नेटबॉल के खेल में भी ट्रेनिंग ले रहे हैं. अच्छी ट्रेनिंग के लिए वो अंबिकापुर के एक हॉस्टल में रहते हैं. पढ़ाई और खेल दोनों पर बराबर ध्यान देते हैं. 15 साल के ओम यादव एक नेशनल लेवल की प्रतियोगिता खेल चुके हैं. दूसरी प्रतियोगिता के लिए वो जल्द ही राजस्थान के बाड़मेर जाने वाले हैं. ईटीवी भारत की टीम से बात करते हुए ओम कहते हैं कि वो अपने खेल से देश और प्रदेश का नाम रोशन करना चाहते हैं.

टैलेंट सर्च अभियान से मिली पहचान

सरगुजा में होनहार खिलाड़ियों को खोजने के लिए टैलेंट सर्च कार्यक्रम चलाया जाता है. इसी टैलेंट सर्च के दौरान ओम यादव की प्रतिभा को देखकर उनका चयन नेटबॉल ट्रेनिंग के लिए किया गया. कोच की निगरानी में ओम यादव ने जल्द ही इस खेल से गुर सीख लिए. कोच भी ओम यादव की प्रतिभा के कायल हैं. ओम यादव जब ट्रेनिंग के लिए अंबिकापुर के गांधी स्टेडियम पहुंचते हैं, तो जूनियर खिलाड़ी उनके दांव पेंच से काफी कुछ सीखते हैं. ओम कहते हैं कि नेटबॉल के मैदान में उन्होने जो कुछ भी सीखा है, मेडल जीता है, उसका श्रेय कोच राजेश प्रताप सिंह को जाता है.

किसान के बेटे से कमाल की उम्मीद

ओम यादव बताते हैं की वो इससे पहले भी नेटबॉल का नेशनल पंजाब में खेल चुके हैं और उस प्रतियोगिता में उनका सिल्वर मेडल लगा था. बार फिर वो नेशनल खेलने राजस्थान के बाड़मेर जा रहे हैं. ओम खेल के मैदान में बेहतर प्रर्दशन करके खेल कोटे से सरकारी नौकरी पाना चाहते हैं, वो बताते हैं की मैनपाट में सुपलगा में उसका परिवार रहता है. पिता छोटे किसान हैं. खेती बारी से जो भी होता है उससे उनका गुजारा चलता है. परिवार के लोग बड़ी मुश्किल से उनकी कोचिंग का खर्च निकाल पाते हैं.
कोच भी है ओम के मुरीद

राष्ट्रीय कोच राजेश प्रताप सिंह ने बताया कि बाड़मेर में नेशनल स्कूल गेम्स चल रहे हैं. प्रतियोगिता में छत्तीसगढ़ की टीम शामिल हो रही है. ओम यादव के मैच नेटबॉल स्कूल नेशनल के लिए 8 से 12 जनवरी को होने हैं. ओम यादव का एक बार सिल्वर लग चुका है, उम्मीद है कि इस बार भी ओम बाड़मेर में बेहतर प्रदर्शन करेगा.

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