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GEN-Z के नए शौक, भजन क्लबों में झूम रहे बुजुर्गों संग युवा, फन के साथ भगवान की भक्ती

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जबलपुर: जेन जी (Gen z) यानि जनरेशन Z को बहुत फास्ट फॉरवर्ड और टैक्नोलॉजी से भरा माना जाता है. माना जाता है इस जनरेशन के बच्चों को बहुत जल्दी होती है. वहीं इन जेन जी बच्चों के बीच आजकल एक नया शौक चरम पर है. जिसे भजन क्लबिंग कहा जा रहा है. जिसका नजारा मध्य प्रदेश के जबलपुर में देखने मिला. जबलपुर जैसे छोटे शहर में भी भजन क्लबिंग में सैकड़ों की तादाद में युवा इकट्ठे हो रहे हैं और यह मस्ती में भजन गा रहे हैं.

क्लब का कल्चर भारत के माझोले शहरों में भी कई साल पहले ही चलन में आ चुका है. होटल्स में छोटे-छोटे क्लब्स होते हैं, जहां लोग इकट्ठे होते हैं और सामान्य तौर पर डीजे या डिस्को की थीम पर डांस किया जाता है. हालांकि क्लब कल्चर को परिवार की बहुत सहमति नहीं होती, लोग भले ही क्लब में चले जाते हैं, लेकिन ज्यादातर ऐसी पार्टियां बदनाम रही है.

भजन क्लब में पहुंच रहे कई युवा

वहीं क्लब-पार्टी छोड़कर अब शहरों में एक दूसरा चलन भजन संध्या का खूब दिखाई दे रहा है. जिसमें लोग बढ़चढ़कर पहुंचते हैं और झूमकर भजन गाते और नाचते हैं. आज का युवा पूजा-पाठ और सनातन धर्म में अपनी रुचि दिखा रहा है. अपने धर्म से जुड़ने और जानने के लिए उन्होंने नया तरीका निकाला है. वे पार्टी-क्लब के साथ अब भजन क्लब भी कर रहे हैं. जिसमें बड़ी संख्या में युवा इकट्ठा होते हैं.

जबलपुर ग्वारीघाट में भजन क्लब

इन युवाओं के पास गाने बजाने के लिए एक टोली होती है. इसमें कुछ अच्छे गायक और वादक होते हैं, यहां कोई पूजा पाठ नहीं होता, लेकिन भगवान के भजन होते हैं. वहीं सुनने वाला नाचने लगता है. जबलपुर में इसकी शुरुआत ग्वारीघाट के तट से हुई. यहां शनिवार शाम 7 बजे से ही युवा इकट्ठे हुए और उन्होंने गाना शुरू कर दिया. धीरे-धीरे भजन की मस्ती की शाम में सैकड़ों लोग शामिल हो गए.

भजन क्लब से भगवान की भक्ति के साथ नशे से दूर रहते युवा

अनुराग विश्वकर्मा ने बताते हैं कि “पहले हम लोग मंदिर में इकट्ठा होते थे, लेकिन अब ज्यादा लोग होने लगे हैं. इसलिए हमने सार्वजनिक स्थानों पर भजन क्लबिंग शुरू की है. अनुराग विश्वकर्मा का कहना है कि ऐसी क्लब की वजह से युवा नशे से दूर हो रहे हैं.” ऐसा ही एक दूसरा आयोजन जबलपुर के राइट टाउन में एक बिल्डिंग की टेरिस पर हुआ. यहां भी युवाओं के साथ बुजुर्ग भी पहुंचे और 2 घंटे तक भक्ति संगीत के साथ नाच-गाने का दौर चलता रहा. इस आयोजन में शामिल होने पहुंची सिया अभी कॉलेज में पढ़ रही हैं. उनका कहना है कि उन्हें यह पार्टी पसंद आई. इसमें डांस, गाना है और इसके साथ ही भगवान की भक्ति है.

Gen Z को पसंद आ रहा भजन क्लब

इस आयोजन में गायक श्रेया तिवारी और ईशान ने ऐसे गीतों का चयन किया जो भजन से लिए गए थे. लेकिन जिनमें मस्ती थी. श्रेया तिवारी का कहना है कि “ऐसे आयोजनों को और अधिक बढ़ाया जाना चाहिए, ताकि युवा धर्म से जुड़ सके. ईशान का कहना है कि भजनों का यह नया तरीका जेन जी को पसंद आ रहा है.” वहीं रुद्रांश तिवारी का कहना है कि “आज का युवा पार्टी करना चाहता है, लेकिन परिवार के लोग उन्हें ऐसी पार्टियों में नहीं भेजते, क्योंकि रात की पार्टियों में अक्सर युवा नशा करने लगते हैं, लेकिन घर का बच्चा यदि भजन करने जाएगा, तो परिवार खुद उसे यहां भेजेगा.

इसके साथ ही रोजगार पढ़ाई की वजह से युवाओं के जीवन में भी बहुत तनाव है और ऐसी पार्टियों में शामिल होने की वजह से युवाओं को तनाव कम करने का भी मौका मिलेगा.

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