बिहार इस वक्त कड़ाके की ठंड और शीतलहर की चपेट में है. राज्य के लगभग सभी जिलों में सुबह-शाम गला देने वाली ठंड और तेज चलने वाली हवाओं ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं. ऊपरी हिमालय और राजस्थान की ओर से आ रही सर्द हवाओं ने पूरे बिहार को अपनी आगोश में ले लिया है. मौसम विभाग के मुताबिक, अगले 4 से 5 दिनों तक ठंड से राहत मिलने के आसार नहीं हैं. उत्तर-पश्चिमी ठंडी हवाओं और कोहरे की वजह से तापमान सामान्य से काफी नीचे बना हुआ है.
राज्य के कई जिलों में न्यूनतम तापमान 8 डिग्री सेल्सियस के आसपास पहुंच गया है, जबकि अधिकतम तापमान भी 16 डिग्री सेल्सियस के करीब सिमट गया है. रात के समय ठंड का असर सबसे ज्यादा देखा जा रहा है. सुबह के वक्त घना कोहरा छाया रहने से दृश्यता भी कम हो रही है, जिससे सड़क और रेल यातायात प्रभावित हो रहा है. मौसम विभाग के ताजा आंकड़ों के अनुसार, नालंदा जिले का राजगीर इलाके इस समय बिहार का सबसे ठंडा स्थान दर्ज किया गया है.
राजगीर में दर्ज किया गया सबसे कम तापमान
राजगीर में न्यूनतम तापमान 6 से 7 डिग्री सेल्सियस के बीच रिकॉर्ड किया गया. वहीं भागलपुर का सबौर भी 8 डिग्री सेल्सियस के साथ सबसे ठंडा रहा है. इसके अलावा गया, भागलपुर, मुजफ्फरपुर, दरभंगा और पूर्णिया जैसे जिलों में भी तापमान लगातार गिर रहा है. भीषण ठंड को देखते हुए जिला प्रशासन ने बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी है. राज्य के कई जिलों में कक्षा 8वीं तक के सभी सरकारी और निजी स्कूल 31 दिसंबर तक बंद रखने का आदेश जारी किया गया है.
स्कूलों की टाइमिंग में बदलाव
वहीं उच्च कक्षाओं में स्कूलों की टाइमिंग बदली गई है, ताकि छात्रों को सुबह की ठंड से बचाया जा सके. राज्य के अधिकांश जिले में कोहरा और कोल्ड डे का असर देखने को मिल रहा है. सुबह के समय कोहरे के कारण वाहन चालकों को ड्राइविंग करने में परेशानी हो रही है. वहीं रेल और हवाई परिचालन पर भी आंशिक असर हो रहा है. खुले में काम करने वाले मजदूर, रिक्शा चालक और ठेला-खोमचा वाले सबसे ज्यादा प्रभावित हैं.
मौसम विभाग और स्वास्थ्य विभाग ने लोगों को ठंड से बचने की सलाह दी है. मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि बिना जरूरत सुबह-शाम घर से बाहर न निकलें, कंपा देने वाली ठंड में बुजुर्गों और बच्चों का विशेष ध्यान रखें. गर्म कपड़े पहनें और अलाव का सहारा लें. ठंड से जुड़ी किसी भी परेशानी पर तुरंत डॉक्टर की सलाह लें. मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि पश्चिमी विक्षोभ के कमजोर पड़ने तक ठंड का असर बना रहेगा, नए साल की शुरुआत भी ठंड और कोहरे के बीच होने की संभावना है.
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