झारखंड में लंबित छात्रवृत्ति को लेकर आप का विरोध प्रदर्शन, कहा- हेमंत सरकार छात्रों से साथ धोखा कर रही है
रांची: झारखंड में लंबित छात्रवृत्ति तत्काल सुनिश्चित कराने की मांग को लेकर अरविंद केजरीवाल की आम आदमी पार्टी लंबे अंतराल के बाद सोमवार को सड़क पर दिखी. रांची के परमवीर अल्बर्ट एक्का चौक पर आम आदमी पार्टी के द्वारा विरोध प्रदर्शन किया गया. इससे पहले पार्टी का झंडा, अपनी मांगों के समर्थन वाले बैनर-तख्ती के साथ आप कार्यकर्ता रांची विश्वविद्यालय के गेट से होते हुए अल्बर्ट एक्का चौक पहुंचे थे.
आप ने कहा- अब पार्टी चुप नहीं बैठेगी
आम आदमी पार्टी के जोनल प्रभारी राजेश लिंडा एवं प्रदेश मीडिया प्रभारी प्रभात शर्मा के नेतृत्व में छात्रों के स्कॉलरशिप को रोके जाने के विरोध में मार्च निकाला गया. इस दौरान प्रदेश मीडिया प्रभारी प्रभात शर्मा ने कहा कि हेमंत सरकार राज्य के छात्रों के साथ धोखा कर रही है. छात्रवृत्ति नहीं मिलने से राज्य के होनहार और प्रतिभावान छात्र का भविष्य दांव पर लग गया है. पहले इस सरकार में जैक ने मैट्रिक और इंटर का परीक्षा फीस बढ़ा दी और अब छात्रवृत्ति भी नहीं दे रही है. आम आदमी पार्टी अब इस पर चुप नहीं रहेगा.
वहीं, प्रभात शर्मा ने हेमंत सरकार से मांग की कि वह जल्द से जल्द केंद्र की मोदी सरकार के साथ तकनीकी समस्याओं को सुलझाकर छात्रों को छात्रवृत्ति नियमित रूप से दिए जाने की सुनिश्चित कराएं. आप ने चेतावनी दी कि यदि छात्रवृत्ति नहीं मिली तो झारखंड के छात्र हेमंत सरकार को झारखंड की जमीन से उखाड़ फेंकेंगे.
राज्य के छात्र-छात्राओं का भविष्य हो रहा खराब- राजेश लिंडा
आप के जोनल प्रभारी राजेश लिंडा ने छात्रों की छात्रवृत्ति रोके जाने पर चिंता जताते हुए कहा कि यदि हेमंत सरकार छात्रवृत्ति नहीं देती है तो झारखंड का भविष्य गर्त में चला जाएगा. झारखंड 20 साल पीछे चल जाएगा. आप के जोनल प्रभारी विधान चंद्र राय ने भी लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि छात्रों के मां-बाप अपने जेवर, अपनी जमीन, अपने घर गिरवी रखकर अपने बच्चों को पढ़ाने के लिए विवश हो रहे हैं.
झारखंड में आदिवासियों एवं पिछड़ों की सरकार होते हुए भी यदि उनको छात्रवृत्ति नहीं मिलती है तो यह झारखंड के लिए दुर्भाग्य की बात है. इस कार्यक्रम में मुख्य रूप से लक्ष्मण सिंह पवन पांडे कृष्ण कुमार अभिषेक प्रकाश, अशोक महतो, विजय बारा इम्तियाज आलम, गुलजार अंसारी विक्की महतो रीना खालको मंजू तिर्की शीला महतो अजय महतो अनिल महतो आदि सैकड़ो कार्यकर्ता उपस्थित थे.
Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.