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सीमा पार से घुसपैठ का दायरा बढ़ा: पूर्वोत्तर/उत्तर भारत के इस राज्य में भी बड़ी संख्या में बांग्लादेशी मिले, इतनों को भेजा गया वापस

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देश में घुसपैठ का मुद्दा गर्म है. पीएम मोदी तक इसको लेकर भरे मंच से खत्म करने की बात कह चुके हैं. केंद्र सरकार के आदेश के बाद अब ओडिशा सरकार ने भी बांग्लादेशी घुसपैठियों के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है. मई महीने से अब तक 49 गैर कानूनी बांग्लादेशियों को डिपोर्ट किया गया है. इसके लिए राज्य सरकार ने एक स्पेशल टास्क फोर्स बनाई है.

सरकार ने राज्य घुसपैठियों को खत्म करने के लिए कई तरह के कदम उठाए हैं. इसको लेकर दो राज्य-स्तरीय डिटेंशन सेंटर और 18 होल्डिंग सेंटर स्थापित किए हैं. यह अभियान केंद्रीय एजेंसियों के साथ समन्वय में चल रहा है, जिसका उद्देश्य राज्य से अवैध प्रवासियों को हटाना है.

ओडिशा सरकार का कहना है कि उसने मई से अब तक 49 गैर-कानूनी बांग्लादेशियों को डिपोर्ट किया है. यह तब हुआ जब राज्य सरकार ने मिनिस्ट्री ऑफ़ होम अफेयर्स के ऑर्डर पर कार्रवाई तेज कर दी. इनमें से दो के खिलाफ पासपोर्ट बनाने के लिए केस दर्ज किए गए हैं.

सरकार ने लिखित जवाब में दी जानकारी

राज्य विधानसभा को एक लिखित जवाब में जानकारी देते हुए, ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने सोमवार को कहा कि राज्य सरकार ने गैर-कानूनी बांग्लादेशी घुसपैठियों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए एक स्पेशल टास्क फोर्स बनाई है. मंत्री ने कहा कि अलग-अलग जिलों के SPs को भी बांग्लादेश और म्यांमार से बिना डॉक्यूमेंट वाले माइग्रेंट्स के खिलाफ कार्रवाई तेज करने के लिए कहा गया है.

यह तब हुआ जब राज्य सरकार ने मिनिस्ट्री ऑफ़ होम अफेयर्स के ऑर्डर पर गैर-कानूनी इमिग्रेंट्स पर कार्रवाई तेज़ कर दी. ये हिरासतें पहले भी एक पॉलिटिकल मुद्दा रही हैं, जिसमें पश्चिम बंगाल की CM ममता बनर्जी की TMC ने बंगाली बोलने वाले माइग्रेंट्स के हैरेसमेंट पर एतराज़ जताया था.

छान-बीन के बाद दिए जा रहे आदेश

सरकार की तरफ से बताया गया कि 1,768 संदिग्ध लोगों का वेरिफिकेशन पूरा हो चुका है, जिनमें से 1,667 को भारतीय के तौर पर पहचाने जाने के बाद जाने दिया गया है. अभी अलग-अलग जिलों में 50 और लोगों का वेरिफिकेशन चल रहा है.

होल्डिंग सेंटर में रखे जा रहे घुसपैठिए

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने राज्य लेवल पर दो डिटेंशन सेंटर और जिला लेवल पर 18 और होल्डिंग सेंटर बनाए हैं. संदिग्ध मामलों को वेरिफिकेशन पूरा होने तक होल्डिंग सेंटर में रखा जाता है, जबकि राज्य लेवल के डिटेंशन सेंटर का इस्तेमाल पहचाने गए बांग्लादेशी घुसपैठियों को उनके डिपोर्टेशन तक रखने के लिए किया जाता है.

राज्य में लगभग 4 हजार प्रवासी

CM ने सदन को बताया कि सीनियर पुलिस अधिकारियों को उन जिलों में जाने के लिए कहा गया है, जहां सबसे ज्यादा संदिग्ध मामले हैं, खासकर उत्तरी और तटीय इलाकों में, और केंद्र सरकार और पड़ोसी राज्यों की एजेंसियों के साथ कोऑर्डिनेट करने के लिए कहा गया है. हाल ही में ओडिशा के भद्रक जिले में पुलिस ने अवैध बांग्लादेशियों और रोहिंग्या पर कार्रवाई के तहत पश्चिम बंगाल के एड्रेस प्रूफ के साथ कम से कम नौ बंगाली बोलने वाले प्रवासी मजदूरों को हिरासत में लिया है.

मार्च में, राज्य सरकार ने विधानसभा को बताया था कि ओडिशा में बांग्लादेश से 3,740 बिना डॉक्यूमेंट वाले प्रवासी हैं. हालांकि, अधिकारियों का अनुमान है कि असली आंकड़ा इससे ज्यादा है.

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