विश्व एड्स दिवस: देवघर के एआरटी सेंटर में एचआईवी मरीजों का होता है बेहतर इलाज, दूर-दूर से आते हैं संक्रमित
देवघर: 1 दिसंबर को पूरे विश्व में एड्स दिवस के रूप में मनाया जाता है. देश में हर जगह लोगों को AIDS के बारे में जागरूक किया जा रहा है. झारखंड में अभी भी AIDS के कई एक्टिव केस हैं और उन सभी का इलाज चल रहा है.
देवघर सहित पूरे संथाल में करीब साढ़े तीन सौ मरीज हैं
झारखंड के संथाल क्षेत्र की बात करें तो यहां भी एचआईवी के मरीजों देखने को मिले हैं. जिला प्रशासन ऐसे मरीजों के इलाज के लिए लगातार प्रयास कर रहा है. पिछले पांच वर्षों के आंकड़ों को देखें तो देवघर जिला सहित पूरे संथाल क्षेत्र में स्वास्थ्य विभाग की तरफ से मिले आंकड़ों के अनुसार अभी तक करीब साढ़े तीन सौ मरीजों की पहचान हुई है, जो देवघर के एंटी-रेट्रोवायरल थैरेपी (ए.आर.टी) केंद्र में इलाज करवा रहे हैं.
सुरक्षित संभोग और एचआईवी संक्रमण से बचने के बताए जाते हैं उपाय
एड्स दिवस के मौके पर देवघर के सिविल सर्जन युगल प्रसाद चौधरी बताते हैं कि इस दिन जिला स्वास्थ्य समिति के द्वारा ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्र के विभिन्न स्थानों पर जाकर लोगों को एचआईवी के प्रति जागरूक किया जाता है. खास करके नेशनल हाइवे पर ट्रक चलाने वाले वाहन चालकों और मजदूर वर्ग के लोगों को सुरक्षित संभोग और एचआईवी संक्रमण से बचने के उपाय बताए जाते हैं.
जिला स्वास्थ्य विभाग की तरफ से मिले आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2021 में संथाल क्षेत्र के विभिन्न जिलों में करीब 29 एचआईवी के मरीज मिले तो वहीं वर्ष 2022 में 57, 2023 में 59, 2024 में 74 मरीज और वर्ष 2025 में एचआईवी के 42 मरीज पाए गए.
देवघर में है बेहतर इलाज की व्यवस्था
इन आंकड़ों को देखने के बाद स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह से अलर्ट हो चुका है और एड्स दिवस पर ही नहीं बल्कि आम दिनों में भी एचआईवी से ग्रसित मरीजों की देखरेख की जा रही है और इसके इलाज को लेकर उन्हें सरकारी मुआवजा भी दिया जा रहा है. हालांकि संथाल के अन्य जिलों में भी जांच होती है लेकिन देवघर में इलाज की बेहतर व्यवस्था होने के कारण मरीजों की संख्या यहां अत्यधिक देखी जाती है.
देवघर के सिविल सर्जन डॉक्टर युगल प्रसाद चौधरी ने बताया कि देवघर में बने एंटी-रेट्रोवायरल थैरेपी केंद्र में संथाल प्रमंडल के सभी जिलों से आए मरीजों को विशेष सुविधा दी जाती है और मुफ्त में दवा भी उपलब्ध कराई जाती है. संथाल परगना के छह जिलों के साथ-साथ बांका, जमुई और भागलपुर के भी एचआईवी मरीज देवघर में आकर स्वास्थ्य लाभ लेते हैं.
मरीजों को इलाज के लिए ए.आर.टी सेंटर लाया जाता है
उन्होंने बताया कि देवघर में एचआईवी के मरीजों की देखरेख के लिए बेहतर व्यवस्था की गई है और जहां भी मरीज मिल रहे हैं, उन्हें चिन्हित कर इलाज के लिए ए.आर.टी सेंटर लाया जाता है.
इस बीमारी में जागरुकता बहुत ही जरूरी है. इसको लेकर देवघर का जिला स्वास्थ्य विभाग एचआईवी के मरीजों पर काम करने वाले एनजीओ, सामाजिक कार्यकर्ताओं सहित अन्य संगठनों के साथ मिलकर लोगों को मदद पहुंचाने का काम कर रहा है. डॉ. युगल प्रसाद चौधरी, सिविल सर्जन
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