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छठ पर्व की शुरुआत ‘नहाए-खाए’ से: कालिंदी कुंज घाट पर यमुना के जहरीले झाग के बीच स्नान करती दिखीं व्रती महिलाएं

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देशभर में मनाए जाने वाले छठ महापर्व की आज से शुरुआत हो गई है. नहाए खाए के साथ महापर्व शुरू हुआ है, जो चार दिनों तक चलेगा. दिल्ली के कालिंदी कुंज घाट पर झाग के बीच व्रती महिलाओं ने यमुना में स्नान किया, आचमन किया और जल लेकर घर गईं. व्रती महिलाएं यमुना के इसी जल से घर को पवित्र करेंगी और खाने में भी इसे थोड़ा सा डालेगी. आपको बता दें कि इस बार दिल्ली में 1500 से ज्यादा छठ घाट बनाए गए हैं.

कालिंदी कुंज घाट पर शनिवार सुबह छठ महापर्व के पहले दिन व्रती महिलाओं ने यमुना में स्नान किया. इस दौरान लोगों ने कहा कि पिछली बार के मुकाबले तो यमुना का जल साफ दिख रहा है, लेकिन फिर भी उतना साफ नहीं हो पाया, लेकिन हम मानते हैं, इसलिए यहां आते हैं. व्रती महिलाओं ने ना सिर्फ यमुना में स्नान किया है, बल्कि वह यहां से जल भी ले गई हैं. जिससे वह घर को पवित्र करेंगी, साथ ही खाने में भी उसे मिलाएंगी.

सरकारी अवकाश घोषित

दिल्ली सरकार ने छठ के लिए 27 अक्टूबर को सार्वजनिक अवकाश की घोषणा की है. मुख्यमंत्री ने बताया कि चार दिवसीय इस उत्सव का तीसरा दिन सबसे महत्वपूर्ण है और इसीलिए सोमवार को अवकाश रखा गया है. दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने शुक्रवार को द्वारका सेक्टर-23बी स्थित पोचनपुर छठ पूजा समिति के घाट का निरीक्षण किया. उन्होंने घाट पर चल रही तैयारियों की समीक्षा की और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए.

यमुना तट पर बन रहे 17 मॉडल छठ घाट

मुख्यमंत्री का स्पष्ट कहना है कि छठ पर्व के दौरान श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की असुविधा नहीं होनी चाहिए. इस कार्यक्रम में स्थानीय विधायक संदीप सहरावत, छठ पूजा समिति के सदस्य एवं अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे. मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि कहा कि दिल्ली सरकार की ओर से छठ महापर्व की तैयारियां अब अंतिम चरण में हैं. यमुना तट पर 17 मॉडल छठ घाटों का निर्माण किया जा रहा है.

‘पूरी दिल्ली होगी छठमय’

साथ ही पूरी दिल्ली में 1000 से अधिक छठ स्थलों पर समितियों द्वारा आयोजित कार्यक्रमों में सरकार सभी आवश्यक सुविधाएं जैसे टेंट, बिजली, स्वच्छता, शौचालय, सुरक्षा और पेयजल उपलब्ध करा रही है. उन्होंने कहा कि यमुना किनारे बनाए जा रहे मॉडल घाटों पर इस बार की छठ पूजा का दृश्य अभूतपूर्व, भव्य और दिव्य होगा. श्रद्धा और सुविधा के संगम से पूरी दिल्ली ‘छठमय’ दिखाई देगी. यह पहली बार है जब दिल्ली में इतने व्यापक स्तर पर सरकार द्वारा छठ पर्व का आयोजन किया जा रहा है.

CM रेखा गुप्ता ने क्या कहा?

इस अवसर पर स्थानीय निवासियों एवं छठ पूजा समिति के सदस्यों ने मुख्यमंत्री का हार्दिक स्वागत और सम्मान किया तथा छठ महापर्व की तैयारियों को लेकर दिल्ली सरकार की ओर से किए जा रहे प्रयासों के लिए आभार व्यक्त किया. मुख्यमंत्री ने भी उपस्थित नागरिकों से आत्मीय संवाद किया और उनके सुझावों एवं आवश्यकताओं को ध्यानपूर्वक सुना. उन्होंने कहा कि छठ महापर्व केवल आस्था का नहीं, बल्कि सामाजिक एकजुटता और सहयोग का प्रतीक है.

सरकार का लक्ष्य है कि प्रत्येक श्रद्धालु को स्वच्छ, सुरक्षित और सम्मानजनक वातावरण प्राप्त हो. निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने स्वयं घाट की रंगाई-पुताई के कार्य में श्रमदान किया, जिससे स्थानीय लोगों में उत्साह और प्रेरणा का वातावरण बना. मुख्यमंत्री ने कहा कि जब जनप्रतिनिधि और जनता मिलकर किसी आयोजन की तैयारी करते हैं, तो वह केवल एक पर्व नहीं, बल्कि सांस्कृतिक एकता और सहभागिता का उत्सव बन जाता है.

मुख्यमंत्री ने बताया कि मां यमुना की सफाई का कार्य पिछले आठ महीनों से युद्ध स्तर पर जारी है. सरकार ने यमुना को स्वच्छ और अविरल बनाने का संकल्प लिया है और यह एक सतत प्रक्रिया है, जिसे तब तक जारी रखा जाएगा जब तक मां यमुना पूर्ण रूप से स्वच्छ न हो जाएं. उन्होंने कहा कि अब इस प्रयास के परिणाम स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगे हैं. यमुना की सफाई के अभियान में दिल्ली, हरियाणा और उत्तर प्रदेश सरकारों के साथ-साथ केंद्र सरकार का भी सहयोग प्राप्त हो रहा है.

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