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प्राइवेट पार्ट में एक साथ लगाए इतने इंजेक्शन, मरीज की तड़प-तड़प कर मौत, झोलाछाप डॉक्टर अरेस्ट

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बालोद: छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में झोलाछाप डॉक्टर रेखराम साहू की लापरवाही से पाइल्स के मरीज सुभाष कुमार जनबंधु की मौत हो गई। सुभाष मोहला-मानपुर-अंबागढ़ का निवासी था और पिछले 14-15 साल से पाइल्स की बीमारी से जूझ रहा था। वह इलाज के लिए ग्राम कांदुल में रहने वाले झोलाछाप डॉक्टर रेखराम साहू के पास गया था, जिसने मरीज के परिजनों से 8 हजार रुपए लिए थे।

परिजनों के मुताबिक, 8 मई को रेखराम साहू ने सुभाष को गुदा द्वार में एक साथ 9 इंजेक्शन लगा दिए। इसके बाद 9 मई को मरीज को अधिक ब्लीडिंग और पेट फूलने की समस्या शुरू हुई। परिजन डॉक्टर को कॉल करने पर टालमटोल के बाद मोबाइल बंद कर दिया। स्थिति गंभीर होने पर परिवार ने सुभाष को भिलाई के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया। डॉक्टरों ने बताया कि इंजेक्शन गलत तरीके से लगाए गए थे और लगातार ब्लीडिंग और संक्रमण के कारण 11 मई को सुभाष की मौत हो गई।

जांच में सामने आया कि रेखराम साहू के पास डॉक्टरी डिग्री नहीं थी और उसका छत्तीसगढ़ में कोई रजिस्ट्रेशन भी नहीं था। इसके बाद पुलिस ने उसके खिलाफ छत्तीसगढ़ राज्य उपचार्यागृह, रोगोपचार संबंधी स्थापनाएं अनुज्ञापन अधिनियम 2010 की धारा 12, छत्तीसगढ़ आयुर्विज्ञान परिषद अधिनियम 1987 की धारा 24 और धारा 105 के तहत केस दर्ज किया। पुलिस ने 18 सितंबर को झोलाछाप डॉक्टर को गिरफ्तार किया और कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया। एएसपी मोनिका ठाकुर ने बताया कि मृतक के पिता की रिपोर्ट पर केस दर्ज किया गया था।

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