Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
फर्जी डिग्री से बने थे वकील! इलाहाबाद हाईकोर्ट के निर्देश पर 12 अधिवक्ताओं पर एफआईआर, कई जिलों में म... झारखंड JPSC परीक्षा विवाद में ED की बड़ी एंट्री: ECIR दर्ज कर शुरू की जांच, 17वें दिन भी छात्रों का ... रांची: JPSC-JSSC धांधली पर छात्रों का नई विधानसभा तक मार्च, बीजेपी नेताओं की गिरफ्तारी पर महुआ माजी ... महाराष्ट्र में FDA की बड़ी कार्रवाई: बीड में 1.94 करोड़ का 1.19 लाख kg मिलावटी खाद्य तेल जब्त, 5 फैक... संबलपुर में 'हर घर तिरंगा' यात्रा की धूम: धर्मेंद्र प्रधान संग सड़क पर उतरे हजारों लोग, देशभक्ति के ... PM मोदी ने की CWG 2026 पदक विजेताओं की अगवानी: 7 LKM में खिलाड़ियों से मुलाकात, दिया "जो खेलेगा, वो ... मुंबई में FDA की बड़ी कार्रवाई का होटल कारोबारियों ने किया समर्थन: बोले— 'ग्राहकों की सेहत से समझौता... दिल्ली विधानसभा के मानसून सत्र का दूसरा दिन आज, CAG रिपोर्ट और नए विधेयकों पर हंगामे के आसार सिद्धार्थनगर में सीएम योगी आदित्यनाथ ने ₹311 करोड़ की 107 विकास परियोजनाओं का किया लोकार्पण व शिलान्... सीएजी रिपोर्ट केजरीवाल सरकार के भ्रष्टाचार का लिखित दस्तावेज, मंत्री प्रवेश साहिब सिंह ने बोला तीखा ...

कर्नाटक धर्मस्थल मामला: आरोप लगाने वाले पर ही एक्शन, SIT ने क्यों उठाया ये कदम?

33

कर्नाटक के धर्मस्थल मामले में SIT ने एक बड़ा एक्शन लिया है. दरअसल, सफाई कर्मचारी ने आरोप लगाते हुए कहा था कि धर्मस्थल में पिछले दो दशकों से कई हत्याएं, बलात्कार और शवों को दफनाने की घटनाएं हुई हैं. सूत्रों के अनुसार इन आरोपों की जांच करने के लिए SIT ने शिकायतकर्ता को गिरफ्तार किया है और उससे पूछताछ कर रही है.

अधिकारियों का कहना है कि शिकायतकर्ता द्वारा दिए गए बयान और सबूत में कई गड़बड़ियां पाए जाने के बाद यह गिरफ्तारी हुई है. एसआईटी लगातार इस मामले की जांच कर रही है.

शिकायतकर्ता का नाम नहीं किया उजागर

विशेष जांच दल (SIT) और उसके प्रमुख प्रणव मोहंती ने बताया कि शिकायतकर्ता से शुक्रवार देर रात तक पूछताछ की गई. हालांकि व्यक्ति का नाम उजागर नहीं किया गया है. अधिकारियों ने बताया कि शिकायतकर्ता ने जो बयान दिए थे और दस्तावेज उपलब्ध करवाएं थे उनमें कुछ गड़बड़ियां पाई गई हैं, जिस वजह से यह पूछताछ की गई है.

क्या है मामला?

शिकायतकर्ता एक पूर्व सफाई कर्मचारी है, जिसकी पहचान उजागर नहीं की गई है. शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि 1995 से 2014 के बीच उसने धर्मस्थल में सफाई कर्मचारी के तौर पर काम किया. इस दौरान उसे महिलाओं और नाबालिगों सहित कई लोगों के शवों को दफनाने के लिए मजबूर किया गया, जिनमें से कुछ पर यौन उत्पीड़न के निशान थे. शिकायतकर्ता ने यह बयान मजिस्ट्रेट के सामने भी दर्ज कराया है.

‘धर्मस्थल की छवि खराब करने का आरोप’

कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने शुक्रवार को यह विश्वास जताया था कि इस आरोप लगाया कि धर्मस्थल की छवि खराब करने की साजिश चल रही है. इस मामले की जांच की के लिए राज्य सरकार ने एक एसआईटी टीम का भी गठन किया. शिवकुमार ने कहा कि जांच के जरिए इस मामले की सच्चाई सामने आएगी. उन्होंने यह भी कहा कि अगर यह आरोप झूठे पाए गए तो इसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी.

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.