Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
सीजेपी कार्यकर्ता के पिता पर हमले के खिलाफ आक्रोश, कॉकरोच जनता पार्टी ने दिया 10 दिन का अल्टीमेटम छात्रों पर अत्यधिक बल प्रयोग के आरोप पर सुप्रीम कोर्ट में दिल्ली पुलिस का हलफनामा, कार्रवाई का किया ... जंतर-मंतर पर छात्रों से पुलिस की बदसलूकी: सुप्रीम कोर्ट बनाएगा हाई लेवल कमेटी, CJI बोले- निर्दोष छात... बिहार पुलिस में बड़ा फेरबदल: 18 IPS अधिकारियों के तबादले, सीवान एसपी पूरन झा हटे, भारत सोनी बने नए क... उमरिया का वह ऐतिहासिक गांव जहां कभी राजीव गांधी पहुंचे थे, आज 41 साल से सड़क को तरस रहा पंचकेदार कल्पेश्वर महादेव मंदिर में भारी बारिश से तबाही: मलबे से पटा परिसर, हवन कुंड और सुरक्षा दीवा... नालंदा में मिड डे मील में नमक की जगह मिलाया सर्फ: 24 से अधिक स्कूली बच्चों की बिगड़ी तबीयत, मची अफरा... महाराष्ट्र कैबिनेट के बड़े फैसले: पंढरपुर विकास के लिए विशेष पुनर्वास नीति, जायकवाड़ी फेज-2 को ₹6,47... शिव भक्ति पर शौहर ने दिया तीन तलाक: झारखंड की जमीला खातून बरेली में बनी ज्योति देवी, प्रकाश संग लिए ... लखनऊ के होटल क्रिस्टेलिया में फर्जी विदेश मंत्रालय अफसरों का हाईड्रामा, स्टाफ को बनाया बंधक

पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना में डिलीवरी बॉय की मौत पर भड़की भीड़, पुलिस ने आंसू गैस के गोले चलाकर संभाला मोर्चा

41

पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना में एक सड़क दुर्घटना में डिलीवरी बॉय की मौत के बाद इलाके में तनाव फैल गया. मौके पर जमा हुई भीड़ ने प्रदर्शन किया इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच पथराव हुआ. स्थिति को नियंत्रण में करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले दागे और प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर किया. घटना साल्ट लेक इलाके के पास बुधवार से गुरुवार की रात के बीच हुई.

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, डिलीवरी बॉय साल्ट लेक की ओर जा रहा था और सिग्नल पर रुका था. तभी एक चार-पहिया वाहन ने उसे टक्कर मार दी, जिससे उसका पैर रॉड में फंस गया. प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि टक्कर के तुरंत बाद कार में आग लग गई, जिससे रॉड में फंसा डिलीवरी बॉय पूरी तरह जल गया.

घटनास्थल पर मौजूद किसी ने भी उसकी मदद नहीं की. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि दुर्घटना के बाद जब लोग मौके पर जमा हुए तो पुलिस ने उन्हें तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े.

आंसू गैस के गोले दागे

एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि जब हम घटनास्थल पर पहुचे तो वहा एक जलती हुई कार और एक मृत व्यक्ति मिला. हमने फंसे हुए अन्य यात्रियों को बचाकर अस्पताल भेजा. फायर ब्रिगेड के आने के बाद भी कुछ लोग पत्थर फेंक रहे थे. शुरुआत में हमने कोई कार्रवाई नहीं की, लेकिन जब उन्होंने सड़क जाम करने की कोशिश की तो हमें भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस का इस्तेमाल करना पड़ा.

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.