Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
Namo Bharat Train: अब दिल्ली से मेरठ सिर्फ 55 मिनट में, सराय काले खां से मोदीपुरम तक दौड़ने को तैयार... Anant Bhaskar Murder Case: आंध्र प्रदेश के पूर्व MLC अनंत भास्कर पर हत्या का मामला: सुप्रीम कोर्ट ने... सुप्रीम कोर्ट का कड़ा रुख: बंगाल में न्यायिक नियुक्तियों पर जारी खींचतान पर SC का बड़ा फैसला, अधिकारिय... बड़ी खबर: क्या बाबरी के नाम पर बन सकती है नई मस्जिद? सुप्रीम कोर्ट ने याचिकाकर्ता को दिया झटका, सुनव... Greater Noida News: रयान इंटरनेशनल स्कूल में एक घंटे तक बाथरूम में बंद रही मासूम छात्रा, परिजनों ने ... भगवान को लिखा 'जॉब लेटर': छात्र ने मांगी 20 लाख के पैकेज वाली नौकरी, बदले में भगवान को दिया ये अनोखा... चुगली की तो कटेगी जेब! अब इधर-उधर की बातें की तो देना होगा भारी जुर्माना, जानें इस अनोखे फैसले के पी... Bihar Assembly News: 'ब्राह्मण' शब्द पर बिहार विधानसभा में हंगामा, डिप्टी सीएम विजय सिन्हा बोले- "मै... Rahul Gandhi Sultanpur Visit: सुल्तानपुर में फिर मोची रामचेत की दुकान पर रुके राहुल गांधी, बेटी के इ... AAP Attacks Opponents: महिलाओं को 2500 रुपये, प्रदूषण और युवा; आप ने 15 सवालों के जरिए सरकार को घेरा

BJP नेता का अपमान पड़ा भारी? ओडिशा में सीनियर अधिकारी को ऑफिस में मारे लात-घूंसे, विपक्ष ने किया हंगामा

267

ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर में नगर निगम (BMC) के अतिरिक्त आयुक्त रत्नाकर साहू पर सोमवार को जनसुनवाई के दौरान हमला हो गया. इस हमले के बाद पुलिस ने 3 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है. इस हमले के बाद कथित तौर पर ऐसे आरोप लगाए जा रहे हैं कि आयुक्त ने बीजेपी नेता के साथ दुर्व्यवहार किया था. घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है. यही कारण है कि घटना के विरोध में ओडिशा प्रशासनिक सेवा संघ ने सामूहिक अवकाश का ऐलान किया है.

इस पूरे मामले पर अब सियासत भी शुरू हो चुकी है. तमाम राजनीतिक दल सवाल खड़े कर रहे हैं. इस बीच भुवनेश्वर के डीसीपी जगमोहन मीणा ने कहा कि मामले में एफआईआर दर्ज कर ली गई है. गिरफ्तार किए गए तीन लोगों की पहचान जीवन राउत, रश्मि महापात्रा और देबाशीष प्रधान के रूप में हुई है.

क्यों किया गया अधिकारी पर हमला?

बीएमसी के अतिरिक्त आयुक्त रत्नाकर साहू को सोमवार को जनसुनवाई के दौरान निशाना बनाया गया, जब कुछ लोगों ने उनके चैंबर में घुसकर उनका कॉलर पकड़ लिया. सोशल मीडिया पर हमलावरों का आयुक्त को लात मारने और सिर पर हमला करने का वीडियो वायरल हो रहा है.

शुरुआती रिपोर्ट में अधिकारी पर बीजेपी नेता जगन्नाथ प्रधान या “जग भाई” का अपमान करने का आरोप लगा है. यही वजह मानी जा रही है कि उनके समर्थकों की तरफ से ये मारपीट की गई है.

अधिकारी ने बताई पूरी आपबीती

निगम आयुक्त साहू ने बताया कि जब वे जन सुनवाई में बैठे थे, तो करीब 5-6 लोग उनके केबिन में जबरन घुस आए. मुझे लगा की वे अपनी शिकायत लेकर आए हैं. इस दौरान उनके साथ एक पार्षद भी मौजूद था, जिसने मुझसे कहा कि बीजेपी नेता जगन्नाथ प्रधान के साथ दुर्व्यवहार किया है. इसी बातचीत के दौरान उन लोगों ने मुझे ऑफिस से घसीटा और मेरे साथ मारपीट की.

अधिकारी ने बताया कि मारपीट करने साथ ही उन लोगों ने मुझे एक कार में जबरन डालने की कोशिश भी की. वे मेरा अपहरण करना चाहते थे.

घटना के विरोध में सामूहिक अवकाश का ऐलान

घटना के बाद सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो के बाद तमाम अधिकारियों में गुस्सा है. यही कारण है कि हमले के बाद ओएएस ने सामूहिक रूप से छुट्टी ली, विरोध प्रदर्शन किया. नगर निगम के कर्मचारियों और विपक्षी बीजू जनता दल पार्टी के पार्षदों ने विरोध प्रदर्शन किया. ओडिशा प्रशासन सेवा संघ (ओएएस) ने हमले के विरोध में मंगलवार से सामूहिक छुट्टी की घोषणा की है.

घटना को लेकर विपक्ष हमलावर

निगम आयुक्त के साथ हुई मारपीट पर सियासत भी शुरू हो चुकी है. विपक्षी दलों ने हमले की निंदा की है. राज्य के विपक्षी दलों – बीजद और कांग्रेस – ने हमलावरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है. हमले की निंदा करते हुए, बीजद नेता और पूर्व मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने मौजूदा भाजपा सरकार पर निशाना साधा है. उन्होंने कहा कि मैं इस वीडियो को देखकर पूरी तरह से स्तब्ध हूं. आज, रत्नाकर साहू, ओएएस अतिरिक्त आयुक्त, बीएमसी, अतिरिक्त सचिव रैंक के एक वरिष्ठ अधिकारी को उनके कार्यालय से घसीटा गया और एक भाजपा पार्षद के सामने बेरहमी से लात-घूंसों से पीटा गया. उन्होंने ओडिशा के मुख्यमंत्री से हमले और हमले के पीछे के राजनीतिक नेताओं के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है.

कांग्रेस ने कहा कि भाजपा नेता अपरूपा राउत अपने गुंडों के साथ नगर निगम के अतिरिक्त आयुक्त की पिटाई कर रहे हैं. अतिरिक्त आयुक्त रत्नाकर साहू का अपहरण करने का भी प्रयास किया गया. किसी तरह आयुक्त अपनी जान बचाने में सफल रहे. यह बीजेपी का जंगल राज है, जहां अपराधी खुलेआम गुंडागर्दी कर रहे हैं.

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.