Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला: कर्नाटक में UAPA मामलों की रोजाना सुनवाई के लिए बनेगा अलग स्पेशल कोर्ट जस्टिस यशवंत वर्मा मामले में बड़ी कार्रवाई, राज्यसभा में पेश की गई 3 सदस्यीय जांच समिति की रिपोर्ट देहरादून-मसूरी मार्ग पर सड़क चौड़ीकरण के दौरान भीषण भूस्खलन, सड़क पर गिरा भारी मलबा जालंधर के अवतार नगर में सनसनीखेज डबल मर्डर, कलयुगी युवक ने अपनी पत्नी और पिता की हत्या कर मचाया हड़क... 'जंतर-मंतर सीजन-2' का जल्द होगा आगाज: CJP फाउंडर अभिजीत दिपके का बड़ा ऐलान, हॉल न मिलने पर भाजपा पर ... नोएडा में 'स्पेशल 26' स्टाइल में 29 लाख की भीषण लूट, फर्जी GST अधिकारी और पुलिसकर्मी बनकर 5 शातिर गि... बिहार में शराबबंदी लागू होने के एक दशक बाद फिर छिड़ी बहस, NCAER रिपोर्ट के बाद जीतन राम मांझी का बड़... जालोर में गोमाता के प्रति अनूठी आस्था, 'राधा' गाय पहनती है 10 किलो चांदी के गहने, बन रहा 1 करोड़ का ... ग्रेटर नोएडा में भारी बारिश से नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट में जलभराव, अखिलेश यादव ने सरकार पर कसा तंज बांकीपुर विधायक प्रशांत किशोर का 10 हजार नौकरियों का बड़ा ऐलान, बिहार के सियासी गलियारों में मचा हड़...

आतंकियों के लिए बना ये Drone, भारत में हुआ तैयार, जानें Inside Story

31

भारत ने “ऑप्रेशन सिंदूर” के तहत पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत जम्मू-कश्मीर (पो.ओ.के.) के आतंकी ठिकानों पर हमला किया। इस ऑप्रेशन के तहत कुल 9 ठिकानों को निशाना बनाया गया है और खास बात यह रही कि भारतीय सेना द्वारा पहली बार बड़े स्तर पर पर Loitering Munition Systems यानी कामिकेज़ ड्रोन का इस्तेमाल किया।

सूत्रों अनुसार इस मिशन का हीरो रहा ‘स्काईस्ट्राइकर’, जो एक सुसाइड ड्रोन है। यह दुश्मन के ठिकानों को खोजकर खुद को उनमें विस्फोट कर देता है। इसे विदेश नहीं बल्कि बेंगलुरु की अल्फा डिजाइन टेक्नोलॉजीज़ और इज़रायल की एल्बिट सिस्टम्स ने मिलकर बनाया है। भारतीय सेना ने 2021 में इसके 100 से अधिक Units का ऑर्डर दिया था, और अब यह सेना की सबसे मारक क्षमताओं में शामिल हो चुका है।

अगर बात करें Loitering Munition की प्रमुख खूबियों की तो इसमें 100 KM तक की मारक क्षमता है,  5 से 10 K/G तक वारहेड ले जाने में सक्षम है, जो बेहद कम आवाज़ करके,  बिजली से चलता है और तो और कम ऊंचाई पर उड़कर दुश्मन की नजरों से बचता है । भारतीय सेना  Loitering Munition Systems की मदद से’सेंसर-टू-शूटर’ Operations को अंजाम दे सकती है, यानी कि दुश्मन की मौजूदगी की जानकारी मिलने पर तुरंत उस पर अटैक किया जा सकता है। इसकी खासियत एक यह भी है कि ये ड्रोन न सिर्फ दुश्मन को निशाना बनाते हैं बल्कि स्पेशल फोर्सेज और सैनिकों को रियल टाइम इंटेलिजेंस भी देते हैं, तांकि वे और अधिक सुरक्षित और प्रभावी हो सके।

बता दें कि कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल को आतंकी हमला हुआ था। इसमें 26 पर्यटक मारे गए थे। पहलगाम अटैक के 15 दिन बाद उक्त कार्रवाई की गई।

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.