Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
हैदराबाद से पैदल चलने के तनाव में बेकाबू हुआ था हाथी! इंदौर पुलिस की कार्रवाई, महावत गिरफ्तार ग्वालियर में MITS की बीटेक छात्रा ने हॉस्टल में लगाई फांसी, सहेली को वाट्सऐप पर भेजा "बाय" और लिखा म... मंडला में इंसानियत की दर्दनाक मिसाल: पालतू मुर्गे को बचाने 30 फीट गहरे कुएं में उतरे बुजुर्ग, डूबने ... प्रथम विश्व युद्ध में ब्रिटिश हुकूमत को दिया था ₹35 हजार का कर्ज! सीहोर के परिवार को ब्रिटेन सरकार न... इंदौर पुलिस में हड़कंप: फर्जी गवाह और विवेचना में लापरवाही पर पूर्व थाना प्रभारी दिनेश वर्मा का डिमो... मध्य प्रदेश: श्रीकृष्ण की 64 कलाओं और 14 विद्याओं से निखरेगी Gen Z प्रतिभा, ₹1 लाख छात्रवृत्ति पर छि... इंदौर में कलयुगी बेटी की करतूत: मां के खाते से उड़ाए मृत पिता के ₹80 लाख, कोर्ट के आदेश पर बेटी-दामा... वेस्टइंडीज का 26 साल पुराना सपना टूटा! Port of Spain टेस्ट में पाकिस्तान की धमाकेदार जीत, बाबर-शफीक ... राजपाल यादव की बढ़ीं मुश्किलें: शाहजहांपुर की दो संपत्तियां होंगी नीलाम, सेंट्रल बैंक का ₹16.61 करोड... पाकिस्तान में नेताओं के झूठे हलफनामे पर कसेगा शिकंजा: चुनाव आयोग बदलने जा रहा है 2017 के कड़े नियम

टमाटर के दाम गिरने से किसान परेशान, दिहाड़ी देकर मजदूरों से तुड़वाए और लोगों को फ्री में बांटे

33

बैतूल: टमाटर के दाम गिरने की वजह से किसानों को बड़ा नुकसान झेलना पड़ रहा है। मंडी में टमाटर खरीदी नहीं हो रही है। इसकी बड़ी वजह सामने आई है मंडी में व्यापारी दूसरे जिलों से टमाटर मंगवा रहे है जिसका असर लोकल किसानों पर पड़ रहा है ऐसे ही मध्य प्रदेश के बैतूल बाजार के एक उन्नत किसान जोकि अपने एक एकड़ खेत में लगे टमाटर लोगों को फ्री में बांट रहे है जोकि काफी चर्चा में बने हुए हैं।

बैतूल बाजार के उन्नत किसान भूपेंद्र किशोर उर्फ छुट्टू पवार इन्होंने करीब डेढ़ एकड़ खेत में टमाटर की फसल लगाई हुई है और फसल भी खूब जमी जिससे टमाटर की बंपर पैदावार हो रही है लेकिन बाजार में टमाटर के दाम औंधे मुंह गिर गए हैं जिससे बैतूल मंडी में टमाटर नहीं बिक रहा है। किसान भूपेंद्र रोजाना अपने खेत से मजदूर लगाकर टमाटर तुड़वा रहे हैं और बैतूल बाजार नगर में घूमकर लोगों को फ्री में बांट रहे हैं।

उनका कहना है कि बड़ी लागत से खेत में टमाटर लगाया है लेकिन बाजार में नहीं बिक रहा खेतों में खराब होगा इससे अच्छा है कि वे लोगों में बांट दे दान कर दें जिससे उन्हें पैसे तो लेकिन पुण्य जरूर मिलेगा।

भूपेंद्र बताते हैं कि वे बहुत समय से सब्जियों की खेती करते आ रहे है लेकिन इस समय जो हाल टमाटर के हैं वैसा पहले नहीं हुआ उन्होंने एक एकड़ खेत में 55 हजार रुपए की लागत लगाकर देशी टमाटर लगाया और टमाटर की पैदावार भी अच्छी हुई लेकिन दाम नहीं मिल रहे जिससे बड़ा नुकसान हो गया है। खेतों में लगे टमाटर खेत में छोड़ भी नहीं सकते क्योंकि टमाटर खेत में पककर गिरेगा तो वह अगली फसल में बीज फिर उग जाएगा और दूसरी फसल खराब करेगा। इसलिए मजदूरी देकर मजदूरों से टमाटर तुड़वाकर खेत खाली कर रहे हैं। लोगों को फ्री में बांट रहे हैं और ज्यादा पके टमाटर खेतों के बाहर फेंक दे रहे हैं।

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.