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महाकुंभ में भदगड़ में विद्याराम की मौत…ऐसा मानकर सदमे में थे घरवाले, 50 दिन बाद हुआ चमत्कार; गाजीपुर में जिंदा मिला

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मध्य प्रदेश के भिंड जिले के बिछड़े बुजुर्ग की सकुशल घर वापसी से परिवार में खुशी का माहौल है. यहां एक दंपति कुंभ में स्नान के लिए प्रयागराज गया था. कुंभ मेले में अधिक भीड़ होने के कारण बुजुर्ग आदमी अपनी पत्नी से बिछड़ गया. बुजुर्ग आदमी करीब एक महीने तक इधर-उधर भटकता रहा. गाजीपुर पुलिस की एक महीने की कड़ी मशक्कत से वह सकुशल घर लौटा. घर लोटने की खुशी में बुजुर्ग का परिवार ने जोरदार स्वागत किया.

भिंड जिले के गोहद थाना क्षेत्र के बिरखड़ी निवासी विद्याराम शर्मा अपनी पत्नी यशोदा देवी के साथ बीते 14 फरवरी को स्नान के लिए महाकुंभ पहुचे थे. उनके साथ गांव से पूरा जत्था बस में भरकर कुंभ आया था. इस बीच 17 फरवरी को मेले में भीड़ बड़ जाने के कारण मानसिक रूप से अस्थिर विद्याराम शर्मा का साथ पत्नी से छूट गया. पति का सभी सामान व रूपए भी यशोदा के पास ही थे, जिसके चलते पति को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा.

गाजीपुर में मिला सहारा

परिवार के काफी तलाश करने के बावजूद विद्याराम नहीं मिले. एक माह तक कोई पता न लगने के चलते परिजनों ने उनके जीवित होने व वापस आने की उम्मीद छोड़ दी थी. विद्याराम प्रयागराज से गलत ट्रेन में बैठ जाने के कारण मुंबई पहुंच गए. विद्याराम 8 दिनों तक बिना कुछ खाए सिर्फ पानी पीकर रहे. इस दौरान उनके साथ अमानवीय हरकत की गई किसी ने उनसे खेत में काम कराया और बिना मजदूरी दिए भगा दिया.

मुंबई से भटकते हुए विद्याराम को एक ट्रक चालक ने गाजीपुर के सैदपुर में उतार दिया. यहां एक युवक रवि सोनकर ने उन्हें देखकर सहारा दिया और सैदपुर कोतवाली पहुंचा दिया. प्रभारी कोतवाल के निर्देश पर पुलिस ने उनकी पहचान और परिजनों से संपर्क करने का प्रयास किया.

वीडियो कॉल पर रो पड़ा परिवार

पुलिस की अथक कोशिशों के बाद विद्याराम के परिवार से संपर्क हुआ. वीडियो कॉल के जरिए जब परिजनों ने उन्हें देखा तो दोनों तरफ भावनाओं का ज्वार उमड़ पड़ा. घर जाने से पहले विद्याराम शर्मा कोतवाल के गले लगकर रो पड़े और उनके सहयोग के लिए आभार जताया. परिजन तुरंत गाजीपुर पहुंचे और विद्याराम को अपने साथ घर ले आए. घर पर जश्न का माहौल था. बेटी दरवाजे पर खड़ी होकर पिता की राह देख रही थी. पिता को देखते ही वह भावुक हो गई और उनसे लिपटकर रो पड़ी. परिजनों ने उनकी आरती उतारी, पटाखे जलाए और मिठाइयां बांटकर खुशी मनाई.

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