Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
ट्रेन से बांधा पूरा पेड़! होलिका दहन के लिए ऐसा पागलपन देख हैरान रह गई पुलिस, गिरफ्तार हुए सभी आरोपी Himachal Weather Update: हिमाचल में बदलेगा मौसम, अगले 3 दिन भारी बारिश और बर्फबारी का अलर्ट बरेली में 'इश्क' का दर्दनाक अंत: प्रेमिका की मौत की खबर सुनते ही प्रेमी भी फंदे पर झूला, एक साथ खत्म... Bhagalpur News: भागलपुर में दुकान में घुसी मुखिया की अनियंत्रित कार, एक की मौत और 8 घायल सावधान! होली पर बदलने वाला है मौसम: इन राज्यों में बारिश की चेतावनी, दिल्ली-NCR में चलेंगी तेज हवाएं नोएडा में दबंगई की हद! महिलाओं ने विरोध किया तो तान दी पिस्टल, फिर पीछे छोड़ दिया पालतू कुत्ता; वीडि... एमपी में भीषण सड़क हादसा, कार-बाइक की भिड़ंत में दो सगे भाइयों की मौत होली पर बदमाशों का तांडव! मुफ्त शराब के लिए मांगी रंगदारी, मना करने पर बरसाईं गोलियां, देखें वीडियो Tonk News: टोंक में दो समुदायों के बीच झड़प, तनाव के बाद भारी पुलिस बल तैनात कैसा होगा 'नया आगरा'? 15 लाख लोगों के लिए तैयार हुआ मास्टर प्लान, नोएडा की तर्ज पर बसेंगे 58 गांव!

पंजाब के इन कर्मचारियों का बड़ा ऐलान, 6 और 16 मार्च को…

31

जलालाबाद: सरकार के खिलाफ मार्च 2025 में राज्यव्यापी आंदोलन की घोषणा की गई है। इस मौके पर पंजाब एड्स कंट्रोल कर्मचारी वेलफेयर एसोसिएशन (पनसेवा) के प्रधान जसमेल सिंह दियोल और जिला प्रधान (फाजिल्का) व जोन प्रधान (जलालाबाद) मंदीप छोकड़ा ने बताया कि मार्च 2025 में प्रदर्शनों की एक शृंखला आयोजित की जाएगी।

कर्मचारी अपनी मुख्य मांगों को लेकर संघर्षरत हैं, जिनमें नौकरी को स्थायी करना, क्लास सी और डी के फील्ड स्टाफ के वेतन में 20 प्रतिशत वृद्धि, वेतन में देरी, स्वास्थ्य बीमा की कमी, ई.पी.एफ. लागू न होना और ठेका अवधि के नवीनीकरण की समस्या आदि शामिल है। इन मांगों को लेकर सरकार पर दबाव बनाया जा रहा है। 6 मार्च 2025 को पंजाब के विभिन्न जिलों में दो घंटे का प्रदर्शन होगा, जिसमें कर्मचारी अपने-अपने सिविल सर्जन और डिप्टी कमिश्नर को ज्ञापन सौंपेंगे। उन्होंने आगे बताया कि 16 मार्च 2025 को पटियाला में स्वास्थ्य मंत्री बलबीर सिंह के निवास स्थान के सामने एक बड़ी रैली निकाली जाएगी, जिसमें सरकार से तुरंत कार्रवाई की मांग की जाएगी। कई संविदा कर्मचारी 10-15 वर्षों से अधिक समय से कार्यरत हैं, फिर भी उन्हें स्थायी नौकरी नहीं दी जा रही।

उच्च जोखिम वाले हालात में काम करने के बावजूद स्वास्थ्य बीमा का अभाव बना हुआ है। अन्य राज्यों की तुलना में यहां अलग स्थिति है, जहां एक दिन का अवकाश लगाकर कर्मचारियों के अधिकारों को प्रभावित किया जाता है। वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने इंश्योरेंस कवरेज और नौकरी के मूल्यांकन का वादा किया था, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। पंजाब में स्टॉक की कमी को विभाग ने नकारा था, लेकिन अब यह सबके सामने स्पष्ट हो चुका है। विभाग ने कर्मचारियों के हित में की जाने वाली बैठकों से बचते हुए मुलाजम-विरोधी फैसले चुपचाप लागू करने की तैयारी कर ली है।

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.

Please Pay your remaining balance to remove this banner !
इस बैनर को हटाने के लिए कृपया अपनी बकाया राशि का भुगतान करें !