Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
बालाघाट में घर में घुसकर सो रही महिला को उठा ले गया बाघ: कान्हा बफर जोन में दिल नहला देने वाला हादसा... पन्ना में दर्दनाक हादसा: 9 माह की गर्भवती महिला और अजन्मे बच्चे की मौत, एनीमिया बनी वजह; पति पर लापर... इंदौर ने नम आंखों से दी वीर सपूत को अंतिम विदाई, मेजर हमजा आरिफ सैन्य सम्मान के साथ सुपुर्द-ए-खाक ग्वालियर में गुमशुदा तोते 'शकुंतला' के लिए 50 हजार का इनाम: ढोल-लाउडस्पीकर से तलाश में जुटा ओझा परिव... इंदौर में महज 7 दिन में टूटा शादी का बंधन, फैमिली कोर्ट ने तलाक की अर्जी को दी मंजूरी रतलाम में एग्रीमेंट वाली शादी का खौफनाक अंत: 3rd फ्लोर से रस्सी के सहारे भाग रही थी 23 साल की दुल्हन... छतरपुर में हॉस्टल की बड़ी लापरवाही! छत फांदकर एक साथ भागे 3 छात्र; मचा हड़कंप, परिजनों के उड़े होश गोरखपुर में दिल दहला देने वाली घटना, बहन से छेड़छाड़ का विरोध करने पर 9 वर्षीय मासूम की पीट-पीटकर हत... Vपप्पू यादव की प्रेस कॉन्फ्रेंस में हंगामा: चाकू लेकर पहुंचा युवक, समर्थकों ने दबोचा; सांसद बोले— 'म... Solar Eclipse 2027: 75 साल बाद सऊदी अरब में दिखेगा पूर्ण सूर्य ग्रहण, 21वीं सदी की सबसे बड़ी खगोलीय ...

मौत तो जैसे उसके पीछे लगी थी, पहले जहर पिया फिर पेड़ से कूदा, अब अस्पताल के आईसीयू में

37

खरगोन। एक व्यक्ति का मौत पीछा नहीं छोड़ रही है। महज 24 घंटे में उसे दो बार मौत से लड़ना पड़ा। अब गंभीर हालत में आइसीयू में जिंदगी और मौत के बीच है। जिले के भगवानपुरा के पीपलझोपा के 45 वर्षीय फिफरिया पुत्र डेमा ने सोमवार को घर पर कीटनाशक गटक लिया। स्वजन उसे बचाने के लिए जिला अस्पताल लाए। यहां वह मंगलवार रात को पेड़ पर चढ़ गया। बचाने के क्रेन का सहारा लेना पड़ा। पेड़ पर इधर, उधर जाने में वह गिर गया। गंभीरावस्था में आइसीयू में भर्ती किया है।

जानकारी के अनुसार फिफरिया ने घर पर कीटनाशक पी लिया था। स्वजन उसे जिला अस्पताल लाए थे। यहां से वह घर जाने की जिद करने लगा, लेकिन स्वजन नहीं माने। क्योंकि उसकी हालत गंभीर थी। इसके बाद वह स्वजनों को घर जाने का बोलकर जिला अस्पताल स्थित पेड़ पर चढ़ गया। यहां मौजूद लोगों ने देखा और जिला अस्पताल पुलिस को सूचना दी। इसके बाद नगर पालिका की क्रेन बुलाई गई। क्रेन पर दो कर्मचारियों को बैठाया और पेड़ तक पहुंचे।

इसी दौरान फिफरिया के स्वजन भी पेड़ के पास आ गए। उन्होंने कहा आप क्रेन में बैठ जाओ या नीचे आ जाओ, लेकिन वह नहीं माने। चार घंटे तक फिफरिया पेड़ पर ही इधर से उधर, चढ़ता रहा। कर्मचारियों ने थक हार कर अंतिम बार उसे समझाने का प्रयास किया और क्रेन को उसके पास ले गए। इसी दौरान फिफरिया नीचे गिर गया।

पुलिस और अस्पताल प्रबंधन ने जिला अस्पताल के आइसीयू में भर्ती किया। इसके बाद डाक्टरों ने उसे इंदौर रेफर करने की सलाह दी। स्वजनों ने जिला अस्पताल में ही इलाज करवाने की सहमति दी है। पत्नी दशमा व बेटों ने कहा सोमवार रात को कीटनाशक पीने के बाद यहां अस्पताल में भर्ती किया। रात में वो अचानक से बोला मैं घर जा रहा हूं। इसके बाद पेड़ पर चढ़ गया। फिफरिया को उतारने पड़ोसी सुनील भी पेड़ पर चढ़ा। उसकी बात भी नहीं मानी। स्वजनों ने बताया कि फिफरिया की मानसिक स्थिति थोड़ी खराब है।

क्रेन के सहारे फिफरिया के पास पहुंचे समझाइश के दौरान गिरा

 

 

aक्रेन पर मौजूद दो कर्मचारी पेड़ पर खड़े फिफरिया के पास पहुंचे। यहां उन्होंने पांच मिनट तक बातचीत की। इसके बाद कर्मचारी ने फिफरिया को हाथ देकर क्रेन में बैठने को कहा। इसी दौरान फिफरिया पीछे हुआ और नीचे गिर गया। पेड़ के नीचे मौजूद पुलिसकर्मियों ने उसे तत्काल जिला अस्पताल में भर्ती किया। पुलिसकर्मी भी चादर लेकर खड़े थे, लेकिन वह नीचे गिर गया। प्रत्यक्षदर्शी रामलाल कुशवाह का कहना है कि फिफरिया को चार घंटे तक क्रेन से उतारने के प्रयास किया। वह नीचे गिर गया। स्वजन भी चार घंटे तक समझाते रहे। उसका पड़ोसी सुनील भी पेड़ पर चढ़ गया था। मामले में चौकी प्रभारी सुदर्शन कुमार भी पहुंचे थे।

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.