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Chardham Yatra Update: अक्षय तृतीया पर खुलेंगे गंगोत्री-यमुनोत्री के द्वार, श्रद्धालुओं को मिलेगा दर्शन का अतिरिक्त समय; तैयारियां तेज

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उत्तराखंड की विश्व प्रसिद्ध चारधाम यात्रा को लेकर इस साल श्रद्धालुओं के लिए अच्छी खबर है. साल 2026 में चारधाम यात्रा पिछले साल की तुलना में 11 दिन पहले शुरू होने जा रही है. यात्रा का आगाज 19 अप्रैल को अक्षय तृतीया के पावन पर्व पर गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट खुलने के साथ होगा. पिछले वर्ष (2025) चारधाम यात्रा 30 अप्रैल को शुरू हुई थी, लेकिन इस बार तिथियों के शुभ संयोग के कारण यह 19 अप्रैल से ही शुरू हो जाएगी.

यात्रा का समय बढ़ने से न केवल देश-दुनिया से आने वाले श्रद्धालुओं को दर्शन के लिए अधिक समय मिलेगा, बल्कि स्थानीय होटल कारोबारियों, टैक्सी संचालकों और व्यापारियों के चेहरे भी खिल गए हैं. माना जा रहा है कि इस अतिरिक्त समय से पर्यटन कारोबार में बड़ी बढ़ोत्तरी होगी.

क्या होती है अक्षय तृतीया?

चारधाम यात्रा के शुभारंभ के लिए अक्षय तृतीया का दिन विशेष माना जाता है. हिंदू पंचांग के अनुसार, वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को अक्षय तृतीया कहते हैं. ‘अक्षय’ का अर्थ है जिसका कभी क्षय (नाश) न हो. शास्त्रों के अनुसार, इस दिन किया गया दान, जप और पुण्य कर्म अनंत फलदायी होता है. इसी दिन से सतयुग और त्रेतायुग का आरंभ माना जाता है. बद्रीनाथ धाम के कपाट खोलने की प्रक्रिया और गंगोत्री-यमुनोत्री के कपाट खोलने के लिए इस दिन को सबसे शुभ माना जाता है क्योंकि यह दिन नई शुरुआत और समृद्धि का प्रतीक है.

बीते साल की चुनौतियों से सबक

वर्ष 2025 की यात्रा कई विपरीत परिस्थितियों के कारण प्रभावित रही थी. सीमा पर तनाव और उसके बाद धराली व थराली में आई प्राकृतिक आपदाओं ने श्रद्धालुओं की राह रोकी थी. कई बार प्रशासन को सुरक्षा कारणों से यात्रा रोकनी पड़ी थी. इन अनुभवों को देखते हुए, इस बार प्रशासनिक मशीनरी पहले से ही ‘अलर्ट मोड’ पर है.

प्रशासनिक तैयारियां तेज

गढ़वाल कमिश्नर विनय शंकर पांडेय ने ऋषिकेश में यात्रा की प्रारंभिक तैयारियों की समीक्षा पूरी कर ली है. सड़कों की मरम्मत, पेयजल व्यवस्था और यात्रियों के पंजीकरण को लेकर खाका तैयार किया जा रहा है. जल्द ही मुख्य सचिव स्तर पर अंतिम समीक्षा बैठक की जाएगी ताकि यात्रियों को किसी भी तरह की अव्यवस्था का सामना न करना पड़े.

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