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एमआरओ प्रोजेक्ट के लिए वीएफजे के 25 कर्मी चयनित, टी-टैंक को खोलने की तकनीक सीखेगी टीम

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 जबलपुर : वाहन निर्माणी जबलपुर (वीएफजे) ने 25 कर्मचारियों की एक टीम चयनित की है। इन्हें आर्मर्ड व्हीकल्स निगम लिमिटेड (एवीएनएल) की एक अन्य इकाई हैवी व्हीकल फैक्ट्री (एचवीएफ) अवाडी चेन्नई में सेना के टी-टैंक की गुणवत्ता को परखने के साथ इसे खोलने की तकनीक सीखने एक माह का विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा। मरम्मत, रिपेरिंग-ओवरहालिंग (एमआरओ) प्रोजेक्ट के तहत वीएफजे सेना के टी-टैंक के रखरखाव का काम जल्द आरंभ करेगा। प्रशिक्षण के बाद विशेषज्ञों की टीम निर्माणी में प्लांट विकसित करेगी। चूंकि एवीएनएल अब तक टी-टैंक को चुस्त-दुरुस्त करता रहा है अत: अपनी सहयोगी इकाई के रूप में वीएफजे की टीम को वहां प्रशिक्षण के लिए भेजा जा रहा है। निर्माणी टैंकों के रखरखाव के बाद टेस्टिंग ट्रैक पर उनकी गुणवत्ता को भी परखेगी।

एमआरओ प्रोजेक्ट से वीएफजे की साख बढ़ी

 

चेन्नई स्थित निर्माणी सेना के लिए उपयोगी तोप व टी-टैंकों की मरम्मत व ओवरहालिंग पूर्व से करता रहा है। लेकिन कार्य की अधिकता के कारण अब यह कार्य वीएफजे के पाले में आ चुका है। एमआरओ प्रोजेक्ट (मरम्मत, रिपेरिंग-ओवरहालिंग) के तहत टैंकों के संपूर्ण मेंटनेंस का कार्य वीएफजे में होगा। इसके लिए वीएफजे में आधुनिक प्लांट का कार्य जारी है साथ ही टैंक के लिए टेस्टिंग ट्रैक के लिए जगह की तलाश जारी है जहां मरम्मत व रिपेरिंग के बाद टैंक को चलाकर उसकी गुणवत्ता को परखा जाएगा।

चरणबद्ध प्रशिक्षण का सिलसिला जारी

 

वीएफजे की टीम तीन चरणों में चेन्नई प्रशिक्षण के लिए भेजी जा रही है। पहले चरण में 25 की टीम तीन माह का अपना ट्रेनिंग सेशन पूरा कर चुकी है। वहीं दूसरे में चरण में भी करीब 25 कर्मियों की टीम रवाना होगी। यह दल टैंक के पुर्जे-पुर्जे खोलकर खराब पार्टस अलग करेगा और नए के साथ पुन: इसे फिट करने का तकनीक प्रशिक्षण हासिल करेगा। अभी निर्माणी के पास टैंक को खोलने और फिर उसे फिट करने वाली विशेषज्ञ टीम नहीं है। यही कारण है कि टी-टैंक की संपूर्ण मरम्मत का कार्य अभी शुरू नहीं किया गया है। चरणबद्ध प्रशिक्षण के बाद विशेषज्ञों की टीम तैयार कर ली जाएगी इसके बाद टी-टैंक पर कार्य आरंभ होगा। दूसरे चरण में तकनीक प्रशिक्षण हासिल करने जाने वाली टीम के लिए एक माह का ट्रेनिंग सेशन बनाया गया है। तीसरे व आखिरी चरण में करीब 50 कर्मचारी का दल जाएगा। इस तरह वीएफजे के पास करीब 100 का दल टैंक कार्य में निपुण होकर कार्य करेगा।

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