Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
गढ़चिरोली में बड़ा हादसा: आवासीय आश्रम स्कूल में सांप के काटने से 3 छात्राओं की मौत, इलाके में मचा ह... फर्जी डिग्री से बने थे वकील! इलाहाबाद हाईकोर्ट के निर्देश पर 12 अधिवक्ताओं पर एफआईआर, कई जिलों में म... झारखंड JPSC परीक्षा विवाद में ED की बड़ी एंट्री: ECIR दर्ज कर शुरू की जांच, 17वें दिन भी छात्रों का ... रांची: JPSC-JSSC धांधली पर छात्रों का नई विधानसभा तक मार्च, बीजेपी नेताओं की गिरफ्तारी पर महुआ माजी ... महाराष्ट्र में FDA की बड़ी कार्रवाई: बीड में 1.94 करोड़ का 1.19 लाख kg मिलावटी खाद्य तेल जब्त, 5 फैक... संबलपुर में 'हर घर तिरंगा' यात्रा की धूम: धर्मेंद्र प्रधान संग सड़क पर उतरे हजारों लोग, देशभक्ति के ... PM मोदी ने की CWG 2026 पदक विजेताओं की अगवानी: 7 LKM में खिलाड़ियों से मुलाकात, दिया "जो खेलेगा, वो ... मुंबई में FDA की बड़ी कार्रवाई का होटल कारोबारियों ने किया समर्थन: बोले— 'ग्राहकों की सेहत से समझौता... दिल्ली विधानसभा के मानसून सत्र का दूसरा दिन आज, CAG रिपोर्ट और नए विधेयकों पर हंगामे के आसार सिद्धार्थनगर में सीएम योगी आदित्यनाथ ने ₹311 करोड़ की 107 विकास परियोजनाओं का किया लोकार्पण व शिलान्...

बड़े कांटे हैं इस राह में…हेमंत सोरेन चाहें तो भी पत्नी कल्पना को मुख्यमंत्री बनाना नहीं होगा आसान

31

झारखंड में सियासी हलचल के बीच के बीच अटकले हैं कि हेमंत सोरेन गिरफ्तार हो सकते हैं. उनसे जमीन घोटाले को लेकर ईडी पूछताछ कर रही है. आज भी ईडी उनके मुख्यमंत्री आवास पहुच कर पूछताछ कर रही है. जानकारी के मुताबिक अगर गिरफ्तारी की नौबत आती है तो हेमंत कल्पना सोरेन या फिर चंपई सोरेन का नाम आगे मुख्यमंत्री के तौर पर बढ़ा सकते हैं. कल्पना सोरेन मुख्यमंत्री हेमंत की पत्नी हैं. कल्पना का नाम आगे करने में हालांकि एक पेंच है. वे अभी विधायक नहीं हैं और ऐसे में उन्हें 6 महीने के भीतर विधायक चुनकर आना होगा. अब यहीं सारा मामला उलझ सकता है.

दरअसल झारखंड में विधानसभा चुनाव होने में महज 11 महीने बचे हुए हैं, चुनाव आयोग के नियम के अनुसार राज्य विधानसभा चुनाव होने में एक साल से कम समय होने पर उपचुनाव नहीं कराए जाते. अगर कल्पना सोरेन का नाम राजभवन जाएगा तब राज्यपाल इस पर चुनाव आयोग से सलाह मांग सकते हैं. ऐसे में कल्पना सोरेन का मामला कानूनी पेंचीदगीयो में फंस सकता है. झारखंड विधानसभा का कार्यकाल 5 जनवरी तक ही है. कल्पना के अलावा अन्य नामों पर विचार होने के पीछे ये वजह हो सकती है. मीडिया रपटों में कह जा रहा है कि आज भी विधायकों के साथ बैठक कर हेमंत सोरेन आगे के सियासी विकल्पों पर बातचीत कर चुके हैं.

10 समन, दो बार पेशी

हेमंत सोरेन को लेकर पिछले चार दिनों से झारखंड की राजनीति में कयास का आलम है. अब तक 10 बार उनको ईडी समन जारी कर चुकी है मगर हर बार कुछ न कुछ वजह देकर वह ई़डी के सामने पेशी से बचते रहें. हां, एक बार इस बीच में जरूर वह ईडी के समक्ष पूछताछ के लिए हाजिर रहे. सोमवार को ईडी ने उनके साउथ दिल्ली के शांति निकेतन स्थित आवास से 36 लाख रूपये और एक बीएमडब्ल्यू की जब्ती हुई है. आज ईडी की पूछताछ पूरी होने के बाद क्या सियासी समीकरण प्रदेश में बनता है, इस पर लोगों की निगाहें होंगी.

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.