Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
पंचकूला में पहली गुरु रविदास ट्रॉफी नॉर्थ जोन गर्ल्स वॉलीबॉल 18 अगस्त से: मंत्री विपुल गोयल करेंगे उ... हरियाणा में सफाई और फायर कर्मचारियों की हड़ताल 18 अगस्त तक बढ़ी: 17 मांगों को लेकर सरकार से वार्ता व... मलोट स्टार सिटी फायरिंग मामला: गुरुग्राम से 2 शार्प शूटर गिरफ्तार, ऑस्ट्रेलिया से रची गई थी फिरौती क... नूरपुरबेदी में पतंग उड़ाते समय 12 वर्षीय बच्चा हाईटेंशन तारों की चपेट में आया, गंभीर हालत में PGI रे... गुरदासपुर के सभी सरकारी और प्राइवेट स्कूलों में 17 अगस्त को छुट्टी घोषित, DC आदित्य उप्पल ने जारी कि... होशियारपुर के मुकेरियां में सनसनीखेज वारदात, आर्मी जवान पर लगा पत्नी की हत्या का आरोप : पंजाब राजभवन में 'एट होम' समारोह का आयोजन: राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया के साथ CM भगवंत मान और CM ना... सुल्तानपुर लोधी में बड़ा हादसा टला: राइस मिल में 25 फीट गहरे कुएं में गिरे 3 मजदूर, प्रशासन ने सुरक्... मोहाली में विदेशी युवती से गैंगरेप और हैवानियत: गर्म मोम डाला, जबरन कराया देह व्यापार; आरोपी काबू जालंधर के अलास्का चौक पर दर्दनाक हादसा: करतार बस ने डिलीवरी बॉय को कुचला, मौके पर ही तोड़ा दम

विदेश मंत्री एस. जयशंकर का बड़ा बयान, ‘पाकिस्तान से वार्ता चाहते हैं, पर शर्तों पर नहीं’

42

विदेश मंत्री ने कहा, कई दशकों तक ऐसा चला, लेकिन अब भारत ने यह खेल खेलना बंद कर दिया है। हम चाहते हैं कि पड़ोसी देश से बात हो।

  1. जयशंकर ने समाचार एजेंसी ANI को दिया इंटरव्यू
  2. पाकिस्तान को साफ संदेश, पहले आतंकवाद खत्म करो
  3. कनाडा समेत कई विषयों पर बोले, देखिए वीडियो

एजेंसी, नई दिल्ली। भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर (S Jaishankar) ने कहा है कि भारत चाहता है कि पाकिस्तान के साथ वार्ता शुरू हो, लेकिन शर्तों पर नहीं। पाकिस्तान को पहले सीमा पार से आतंकवाद खत्म करना होगा।

एस. जयशंकर ने समाचार एजेंसी ANI को दिए इंटरव्यू में यह बात कही। उन्होंने कहा, ‘पाकिस्तान की हमेशा से मंशा रही है कि वह सीमा पार आतंकवाद के अपने हथकंडे का उपयोग भारत को वार्ता के लिए मजबूर करने के लिए करे।’

‘कई दशकों तक ऐसा चला, लेकिन अब भारत ने यह खेल खेलना बंद कर दिया है। हम चाहते हैं कि पड़ोसी देश से बात हो। आखिरी पड़ोसी, पड़ोसी होता है, लेकिन इसके लिए कोई शर्त नहीं होगी। आतंकवाद के खिलाफ भारत के सख्त रुख ने पाकिस्तान के इस हथकंडे को पूरी तरह अप्रासंगिक बना दिया।‘

यह पूछे जाने पर कि क्या भारत हमेशा माइंड गेम में चीन से हारता है, विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने कहा, ‘मुझे नहीं लगता कि हम हमेशा हारे हैं, लेकिन पहले के कुछ फैसलों को आज समझना मुश्किल है। पंचशील समझौता ऐसा ही एक और उदाहरण है। विश्वास करना हमारी आदत रही है। यह हमारे आचरण में है। अन्य देशों के साथ भी हम इसी तरह बर्ताव करते हैं।’

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.