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बालिग होने से पहले ही अपराध, गैंग बनाकर चोरी, चार बदमाश गिरफ्तार

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गुरुवार को एसपी राहुल लोढ़ा ने पत्रकार वार्ता में बताया कि आठ दिसंबर की रात गांव धराड़ में सूने मकान का ताला तोड़कर चोर घर में आलमारी व पेटी में रखे सोने चांदी के जेवरात व नगदी रुपये चुराकर ले गए थे। बिलपांक थाने पर प्रकरण दर्ज किया गया था। घटना के बाद एएसपी राकेश खाखा के मार्गदर्शन में व एसडीओपी रतलाम ग्रामीण अभिलाष भलावी, थाना प्रभारी बिलपांक मुनेन्द्र गौतम के नेतृत्व में टीम का गठन किया गया।

60 स्थानों के सीसीटीवी, दस साल पुरानी वारदातों के रिकार्ड से मिला सुराग

जांच टीम ने धराड़ में चौराहों, गलियों, दुकानों में लगे लगभग 60 स्थानों के सीसीटीवी कैमरों को देखा। इसमें एक सीसीटीवी कैमरे के फुटेज में संदिग्ध आरोपित दिखाई दिए। इन फुटेज से गांव धराड़ वर्ष 2014-2015 में चोरी की वारदातो में संलिप्त मनासा की बाछड़ा गैंग पर वारदात करने का अनुमान होने पर थाना मनासा से सीसीटीवी फुटेज की पहचान कराई गई। वहां से पहचान होने पर थाना बिलपांक व सायबर सेल ने आरोपितों की तलाश शुरू की। गुरुवार को को मुखबिर से मिली सूचना पर टीम ने धराड़ के समीप ही घेराबंदी कर चार संदिग्धों को पकड़ा।

पूछताछ में आरोपितों ने अपना नाम 20 वर्षीय दिलखुश पुत्र पप्पु कर्मावत, राजेश पुत्र मदनलाल मालवीय, 22 वर्षीय अजय पुत्र राजू कर्मावत तीनों निवासी पिपलिया रूण्डी थाना मनासा, 26 वर्षीय मनीष उर्फ बाबा पुत्र हेमन्त गौड़ निवासी बडेलिया थाना मनासा जिला नीमच का होना बताया।

सीसीटीवी फुटेज से पहचान करने पर व पूछताछ में आरोपितों ने आठ दिसंबर की दरमियानी रात में अपने अन्य दो साथियों मनीष पुत्र रोशनलाल व राकेश पुत्र मदनलाल निवासी दोनों पिपलिया रुण्डी थाना मनासा के साथ मिलकर करीब 20 लाख रुपये की चोरी करना स्वीकार किया। चारों आरोपितों को गिरफ्तार कर चोरी किए सोने चांदी के जेवरात व नगदी जब्त किए गए। मनीष व राकेश की तलाश की जा रही है।

वारदात के लिए कार, ट्रक से अलग-अलग आते थे

एसपी ने बताया कि यह गिरोह नीमच से रतलाम, धार, उज्जैन तक वारदात कर चूका है। गिरोह के सदस्यों के उम्र 20 से 30 साल के बीच है। माननखेड़ा में तो रिश्तेदारों के यहां आयोजन में ही चोरी को अंजाम दिया। अन्य जिलों के थानों पर भी सूचना दी गई है। वारदात के लिए गिरोह के सदस्य ट्रक, कार व अन्य वाहनों से अलग-अलग आते थे। धराड़ में चोरी के माल में भी एक चोर ने अपने साथियों से छुपाकर कुछ सामान अलग रख दिया था, जिसे बाद में लेने आने की भी पुष्टि हुई है। आरोपितों पर दर्ज पुराने मामलों में जमानत निरस्त कराने के लिए भी संबंधित जिलों के एसपी को पत्र लिखा जाएगा। गत दिनों डकैती की योजना बनाते नीमच के बांछड़ा गिरोह के आठ सदस्य भी इनके साथी हैं, जिन्हें जेल भेज दिया गया है।

तीन चोरी कबूल की, अन्य की पूछताछ

आरोपितों ने ग्राम धराड़ में ही दो माह पूर्व एक चोरी की वारदात की थी। छह माह पूर्व ग्राम माननखेड़ा थाना रिंगनोद में करीब नौ लाख रुपये की चोरी, थाना स्टेशन रोड़ के प्रतापनगर में चार माह पूर्व 70 हजार रुपये की चोरी की थी। इन वारदातों के माल व नगदी बरामदगी के लिए भी पुलिस पूछताछ कर रही है।

आरोपितों को शुक्रवार को न्यायालय में पेश किया जाएगा। चोर गिरोह को पकड़ने में थाना प्रभारी बिलपांक मुनेन्द्र गौतम, एसआइ जगदीश सिंह तोमर, मुकेश सस्तिया, सायबर सेल प्रभारी अमित शर्मा, आरक्षक माखन सिंह, हेमंत यादव, अमित यादव, गजेंद्र झाला, विपुल भावसार, रोशन राठौर सहित एएसआइ योगेश निनामा, राजेंद्र जगताप, प्रधान आरक्षक रमेशचंद्र डाबी, देवीदान सिंह, लक्ष्मीनारायण सूर्यवंशी (सायबर सेल), आरक्षक दुर्गालाल गुजराती, चतरसिंह, विनोद सोलंकी, योगेश बालके ,विजय कोगे, रितेश यादव, अभिषेक पाठक (थाना स्टेशन रोड़), लोमेश शर्मा सीसीटीएनएस शाखा की सराहनीय भूमिका रही।

ऐसा है गैंग के सदस्यों का आपराधिक रिकार्ड

01-दिलखुश कर्मावत बांछड़ा- 20 साल के दिलखुश ने बालिग होने के पहले ही अपराध की दुनिया में कदम रख दिया था। पहला मामला वर्ष 2019 में मनासा थाने पर दर्ज हुआ। कुल दर्ज 15 प्रकरणों में डकैती के दौरान हत्या, लूट, चोरी, पाक्सो एक्ट के मामले हैं। इनमें से नौ मामले नीमच जिले में, तीन मामले रतलाम में व तीन राजस्थान के थानों में दर्ज हैं। गंभीर बात यह है कि दिलखुश व गैंग के अन्य सदस्यों को प्रकरण दर्ज होने के बाद लगातार जमानत भी मिलती गई।

02-राजेश मालवीय बांछड़ा-गिरोह के दूसरे सदस्य राजेश पर नीमच में आबकारी अधिनियम के अंतर्गत एक वर रतलाम में बिलपांक थाने पर एक चोरी का मामला दर्ज है।

03-अजय कर्मावत बांछड़ा- 22 साल के अजय पर नीमच जिले में छह व रतलाम के बिलपांक में एक मामला दर्ज है। कुल सात मामलों में एक मारपीट का व शेष छह मामले चोरी के हैं।

04-मनीष गौड़ बांछड़ा-26 साल के मनीष पर कुल छह मामले दर्ज हैं। इसमें रतलाम में बिलपांक थाने पर चोरी का एक व नीमच में मनासा थाने पर मारपीट के पांच मामले शामिल हैं।

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