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भिंड विधायक नरेंद्र कुशवाह के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट, बसपा प्रत्याशी को धमकाने का है आरोप

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ग्वालियर। एमपी-एमएलए कोर्ट ने भिंड के वर्तमान भाजपा विधायक नरेंद्र सिंह कुशवाह की गिरफ्तारी के लिए बुधवार को वारंट जारी कर दिए हैं। विधायक पर आरोप है कि वह वर्ष 2015 में जिला पंचायत वार्ड-एक बाराकलां से बसपा प्रत्याशी बाबूराम जामौर को कलेक्ट्रेट कैंटीन से अपने वाहन में जबरदस्ती बैठाकर ले गए और उनको चुनाव नहीं लड़ने के लिए धमकाया, मारपीट की। बाद में हथियारों से लैस लोगों की गाड़ी में बैठा दिया।

बुधवार को सुनवाई के दौरान जब दोपहर दो बजे विधायक नरेंद्र सिंह कुशवाह को अदालत में पुकारा गया तो उनकी ओर से पेश हुए प्रतिनिधि ने बताया कि वह तबीयत खराब होने की वजह से भोपाल हैं, वहां उनका उपचार चल रहा है। उनको वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से सुनवाई में शामिल किए जाने की बात भी कही। कोर्ट ने इस पर सख्ती दिखाते हुए विधायक की गिरफ्तारी के लिए वारंट जारी कर दिए। अब उन्हें आगामी आठ जनवरी को कोर्ट के समक्ष पेश होकर अपना स्पष्टीकरण देना होगा।

यह थी पूरी घटना

शिकायत में तत्कालीन बसपा प्रत्याशी बाबूराम जामौर ने बताया कि घटना के दिन वह जिला पंचायत के लिए फार्म डालकर आए और कैंटीन में वकील के साथ काफी पी रहे थे। इसी दौरान गाड़ी में तत्कालीन पूर्व विधायक नरेंद्र सिंह कुशवाह आए और उन्हें बुलाया। गाड़ी में उनके साढ़ू केशव सिंह देसाई भी थे तो वह भरोसे में चले गए। वह जैसे ही गाड़ी में बैठे, वैसे ही गेट बंद कर गाड़ी चला दी गई। वह चिल्लाए कि यह तो धोखा है, लेकिन उन्हें गाड़ी से अज्ञात जगह ले जाया गया। यहां पूर्व विधायक ने उनसे बात करते हुए उन्हें धमकाया। कुछ समय उन्हें अज्ञात स्थान पर रखा फिर किसी का फोन आने पर छोड़ दिया।

मामले के शिकायतकर्ता बाबूराम ने शिकायत में यह भी बताया कि उन्हें दूसरी गाड़ी में पटक दिया गया। इसमें हथियारों से लैस लोग उन्हें ऊमरी थाने ले गए। फिर दोपहर तीन बजे तक घुमाते रहे। एसपी को भी निर्देश दिए न्यायालय ने पूर्व विधायक के खिलाफ जारी हुए गिरफ्तारी वारंट की तामील करवाने के लिए ग्वालियर और भिंड एसपी को निर्देश पत्र जारी किए हैं। उन्हें स्पष्ट तौर पर कहा गया है कि मामले में जारी किए गए वारंट को गंभीरता से लिया जाए और तत्कालीन पूर्व विधायक कुशवाह की गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाए।

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