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100 से ज्यादा ट्रेनें प्रभावित कर दो माह किया मेंटनेंस, फिर भी दो दिन में तीन रेल दुर्घटनाएं

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जबलपुर । जबलपुर रेल मंडल में इन दिनों रेल हादसे लगातार बढ़ रहे हैं जो कि रेलवे के मेंटनेंस कार्य पर सवाल खड़े कर रहे हैं। जबलपुर रेल मंडल ने पिछले दो माह के दौरान पटरियों से लेकर सिग्नल, प्वाइंट और ओएचई का मेंटनेंस किया। इस काम की वजह से 100 से ज्यादा यात्री ट्रेनों का आवागमन प्रभावित हुआ। बावजूद इसके पिछले दो दिनों में मंडल की सीमा में तीन रेल हादसे हुए।

बीते दिनों जबलपुर स्टेशन पर मेन लाइन के प्वाइंट पर इंजन पटरी से उतर गया तो वहीं कटनी और बरगवां में मालगाड़ी के डिब्बे पटरी छोड़ दूसरी पटरियों पर जा पहुंचे। इन घटनाओं के बाद जबलपुर रेल मंडल के इंजीनियरिंग, आपरेटिंग, सिग्नल, इलेक्ट्रीकल और टेलीकम्प्यूनिकेशन विभाग द्वारा मेंटनेंस के नाम पर हुए करोड़ों खर्च पर सवाल खड़े हो गए हैं। जबलपुर रेल मंडल के डीआरएम विवेक शील ने तीनों रेल घटनाओं की जांच के आदेश दे दिए हैं। तीनों घटनाओं में अधिकारी स्तर यानि जे ग्रेड जांच शुरू हो गई। गुरुवार से अधिकारियों ने अपनी जांच शुरू कर दी। कई अधिकारी जांच करने मौके पर भी पहुंचे।

हादसों से नहीं ले पाए सबक

उड़ीसा के बालासोर में हुए रेल हादसे के बाद जबलपुर समेत देशभर के सभी रेल मंडल में पटरियों से लेकर सिग्नल, प्वाइंट आैर विद्युत विभाग ने मेंटनेंस का काम किया गया। जबलपुर मंडल ने इस काम के लिए कई ट्रेनों के रास्ते बदले, ट्रेनों को रद किया और यहां तक घंटों ट्रेनों को जहां के तहां रोक दिया। दो माह में मेंटनेंस का काम करने अभियान चलाया गया। कई जगह चार से छह घंटे तक का ब्लाक भी लिया गया, ताकि पटरियों पर ट्रेनों का सुरक्षित परिचालन किया जा सके, लेकिन इसका असर यह हुआ कि मेंटनेंस पर करोड़ों खर्च करने के बाद भी दो दिन में तीन बड़ी दुर्घटनाएं हो गई। हालांकि इन दुर्घटनाओं की वजह बताने से अभी भी जबलपुर रेल मंडल बच रहा है।

जबलपुर के हादसे में ड्राइवर की गलती मानी

जबलपुर रेलवे स्टेशन के कटनी आउटर में लोको तलैया के पास मेन लाइन से लूप लाइन में आ रहा इंजन पटरी से उतर गया। घटना प्वाइंट नंबर 122 के पास हुई। इस घटना की वजह से प्लेटफार्म दो से छह पर ट्रेनों का आवागमन कई घंटे अवरूध रहा। जबलपुर रेल मंडल ने इस रेल हादसे में इंजन चला रहे ड्राइवर की गलती मानी है और घटना की जांच के आदेश दे दिए हैं। हालांकि की वजह सिग्नल न देखते हुए प्वाइंट परिवर्तन के दौरान इंजन को चला दिया गया। अब इसकी जांच के बाद ही यह पता चलेगा कि इससे रेलवे को कितना नुकसान हुआ। जबलपुर के साथ कटनी और बरगवां में हुए रेल हादसे की रिपोर्ट सीधे रेलवे बोर्ड ने मांगी है।

पिछले कुछ माह में हुए रेल हादसे

  • – मैहर की साइडिंग में ट्रेक पटरी से उतर गया।
  • – पिपरिया के पास मालगाड़ी पटरी से उतर गई
  • – जबलपुर के मदनमहल आउटर पर इंजन पटरी से उतरा
  • – सागर के पास पुलिया की मिट्टी बह गई
  • – नरसिंहपुर के पास भी पुलिया की मिट्टी बह गई।

इनका कहना है..

कटनी में हुए रेल हादसे की वजह ट्रैक पर कर्व में दिक्कत होना बताया गया है। वहीं जबलपुर स्टेशन पर इंजन के पटरी उतर जाने की घटना ड्राइवर की लापरवाही से हुई। इन घटनाओं की जांच रेलवे अधिकारी कर रहे हैं। रिपोर्ट के आने के बाद लापरवाही करने वाले पर कार्रवाई की जाएगी।-विवेक शील, डीआरएम जबलपुर रेल मंडल

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