Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
बालाघाट में घर में घुसकर सो रही महिला को उठा ले गया बाघ: कान्हा बफर जोन में दिल नहला देने वाला हादसा... पन्ना में दर्दनाक हादसा: 9 माह की गर्भवती महिला और अजन्मे बच्चे की मौत, एनीमिया बनी वजह; पति पर लापर... इंदौर ने नम आंखों से दी वीर सपूत को अंतिम विदाई, मेजर हमजा आरिफ सैन्य सम्मान के साथ सुपुर्द-ए-खाक ग्वालियर में गुमशुदा तोते 'शकुंतला' के लिए 50 हजार का इनाम: ढोल-लाउडस्पीकर से तलाश में जुटा ओझा परिव... इंदौर में महज 7 दिन में टूटा शादी का बंधन, फैमिली कोर्ट ने तलाक की अर्जी को दी मंजूरी रतलाम में एग्रीमेंट वाली शादी का खौफनाक अंत: 3rd फ्लोर से रस्सी के सहारे भाग रही थी 23 साल की दुल्हन... छतरपुर में हॉस्टल की बड़ी लापरवाही! छत फांदकर एक साथ भागे 3 छात्र; मचा हड़कंप, परिजनों के उड़े होश गोरखपुर में दिल दहला देने वाली घटना, बहन से छेड़छाड़ का विरोध करने पर 9 वर्षीय मासूम की पीट-पीटकर हत... Vपप्पू यादव की प्रेस कॉन्फ्रेंस में हंगामा: चाकू लेकर पहुंचा युवक, समर्थकों ने दबोचा; सांसद बोले— 'म... Solar Eclipse 2027: 75 साल बाद सऊदी अरब में दिखेगा पूर्ण सूर्य ग्रहण, 21वीं सदी की सबसे बड़ी खगोलीय ...

100 से ज्यादा ट्रेनें प्रभावित कर दो माह किया मेंटनेंस, फिर भी दो दिन में तीन रेल दुर्घटनाएं

40

जबलपुर । जबलपुर रेल मंडल में इन दिनों रेल हादसे लगातार बढ़ रहे हैं जो कि रेलवे के मेंटनेंस कार्य पर सवाल खड़े कर रहे हैं। जबलपुर रेल मंडल ने पिछले दो माह के दौरान पटरियों से लेकर सिग्नल, प्वाइंट और ओएचई का मेंटनेंस किया। इस काम की वजह से 100 से ज्यादा यात्री ट्रेनों का आवागमन प्रभावित हुआ। बावजूद इसके पिछले दो दिनों में मंडल की सीमा में तीन रेल हादसे हुए।

बीते दिनों जबलपुर स्टेशन पर मेन लाइन के प्वाइंट पर इंजन पटरी से उतर गया तो वहीं कटनी और बरगवां में मालगाड़ी के डिब्बे पटरी छोड़ दूसरी पटरियों पर जा पहुंचे। इन घटनाओं के बाद जबलपुर रेल मंडल के इंजीनियरिंग, आपरेटिंग, सिग्नल, इलेक्ट्रीकल और टेलीकम्प्यूनिकेशन विभाग द्वारा मेंटनेंस के नाम पर हुए करोड़ों खर्च पर सवाल खड़े हो गए हैं। जबलपुर रेल मंडल के डीआरएम विवेक शील ने तीनों रेल घटनाओं की जांच के आदेश दे दिए हैं। तीनों घटनाओं में अधिकारी स्तर यानि जे ग्रेड जांच शुरू हो गई। गुरुवार से अधिकारियों ने अपनी जांच शुरू कर दी। कई अधिकारी जांच करने मौके पर भी पहुंचे।

हादसों से नहीं ले पाए सबक

उड़ीसा के बालासोर में हुए रेल हादसे के बाद जबलपुर समेत देशभर के सभी रेल मंडल में पटरियों से लेकर सिग्नल, प्वाइंट आैर विद्युत विभाग ने मेंटनेंस का काम किया गया। जबलपुर मंडल ने इस काम के लिए कई ट्रेनों के रास्ते बदले, ट्रेनों को रद किया और यहां तक घंटों ट्रेनों को जहां के तहां रोक दिया। दो माह में मेंटनेंस का काम करने अभियान चलाया गया। कई जगह चार से छह घंटे तक का ब्लाक भी लिया गया, ताकि पटरियों पर ट्रेनों का सुरक्षित परिचालन किया जा सके, लेकिन इसका असर यह हुआ कि मेंटनेंस पर करोड़ों खर्च करने के बाद भी दो दिन में तीन बड़ी दुर्घटनाएं हो गई। हालांकि इन दुर्घटनाओं की वजह बताने से अभी भी जबलपुर रेल मंडल बच रहा है।

जबलपुर के हादसे में ड्राइवर की गलती मानी

जबलपुर रेलवे स्टेशन के कटनी आउटर में लोको तलैया के पास मेन लाइन से लूप लाइन में आ रहा इंजन पटरी से उतर गया। घटना प्वाइंट नंबर 122 के पास हुई। इस घटना की वजह से प्लेटफार्म दो से छह पर ट्रेनों का आवागमन कई घंटे अवरूध रहा। जबलपुर रेल मंडल ने इस रेल हादसे में इंजन चला रहे ड्राइवर की गलती मानी है और घटना की जांच के आदेश दे दिए हैं। हालांकि की वजह सिग्नल न देखते हुए प्वाइंट परिवर्तन के दौरान इंजन को चला दिया गया। अब इसकी जांच के बाद ही यह पता चलेगा कि इससे रेलवे को कितना नुकसान हुआ। जबलपुर के साथ कटनी और बरगवां में हुए रेल हादसे की रिपोर्ट सीधे रेलवे बोर्ड ने मांगी है।

पिछले कुछ माह में हुए रेल हादसे

  • – मैहर की साइडिंग में ट्रेक पटरी से उतर गया।
  • – पिपरिया के पास मालगाड़ी पटरी से उतर गई
  • – जबलपुर के मदनमहल आउटर पर इंजन पटरी से उतरा
  • – सागर के पास पुलिया की मिट्टी बह गई
  • – नरसिंहपुर के पास भी पुलिया की मिट्टी बह गई।

इनका कहना है..

कटनी में हुए रेल हादसे की वजह ट्रैक पर कर्व में दिक्कत होना बताया गया है। वहीं जबलपुर स्टेशन पर इंजन के पटरी उतर जाने की घटना ड्राइवर की लापरवाही से हुई। इन घटनाओं की जांच रेलवे अधिकारी कर रहे हैं। रिपोर्ट के आने के बाद लापरवाही करने वाले पर कार्रवाई की जाएगी।-विवेक शील, डीआरएम जबलपुर रेल मंडल

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.