Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
Iran-Israel War Impact: ईरान युद्ध के कारण बढ़ सकते हैं पानी और कोल्ड ड्रिंक की बोतलों के दाम; भारतीय... मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड का बड़ा फरमान: "मुसलमानों के लिए इस्लामी उत्तराधिकार कानून अनिवार्य"; संपत्ति... विकसित भारत 2047: हरियाणा बनेगा देश का 'ग्रोथ इंजन'! उद्योग और युवाओं के कौशल पर सरकार का बड़ा दांव;... दिल्ली-देहरादून हाईवे पर 'आपत्तिजनक नारा' लिखना पड़ा भारी! दो युवतियों समेत 3 गिरफ्तार; माहौल बिगाड़ने... सावधान! दिल्ली में 48 घंटे बाद बरसेगा पानी, यूपी-राजस्थान में 'तूफान' जैसी हवाओं का अलर्ट; IMD ने पह... आगरा में 'जहरीली गैस' का तांडव! कोल्ड स्टोरेज से रिसाव के बाद मची भगदड़, जान बचाने के लिए खेतों की त... Bus Fire News: जैसलमेर से अहमदाबाद जा रही स्लीपर बस में लगी भीषण आग, एक यात्री झुलसा; खिड़कियों से क... कश्मीर में VIP सुरक्षा पर 'सर्जिकल स्ट्राइक'! फारूक अब्दुल्ला पर हमले के बाद हिला प्रशासन; अब बुलेटप... ईरान की 'हिट लिस्ट' में Google, Apple और Microsoft? अब टेक कंपनियों को तबाह करेगा तेहरान; पूरी दुनिय... दिल्ली में 'Zero' बिजली बिल वालों की शामत! खाली पड़े घरों की सब्सिडी छीनने की तैयारी; क्या आपका भी बं...

हादसों का कारिडोर बनता जा रहा बीआरटीएस, एलिवेटेड डबल डेकर ब्रिज बनने से पहले लेन हटना जरूरी

39

भोपाल। संत हिरदाराम नगर (बैरागढ़) मेन रोड पर बने बीआरटीएस कारिडोर से जहां कारोबार पर असर पड़ रहा है, वहीं इसके बनने से अब तक यहां दर्जनों लोग मौत का शिकार बन चुके हैं। यहां सड़क दुर्घटनाएं होने का बड़ा कारण नगर निगम प्रशासन की लापरवाही है। मिक्स लेन में अतिक्रमण हटाने में प्रशासन बुरी तरह नाकाम रहा है। यही कारण है कि वाहन चालक अक्सर बीआरटीएस लेन में घुसकर दुर्घटनाओं का शिकार बन जाते हैं।

बैरागढ़ में बीआरटीएस के दोनों प्रवेश मार्ग एक्सीडेंट जोन में तब्दील होते जा रहे हैं। सीहोर नाके से बीआरटीएस मार्ग के पहले प्वाइंट और टी वार्ड नाके पर हरदेव अस्पताल छोर पर लगातार दुर्घटनाएं हो रही हैं। बीआरटीएस लेन में गेट लगने के बाद व्यवस्था में कुछ सुधार हुआ था। लगातार दुर्घटनाओं को देखते हुए नगर निगम ने बीआरटीएस लेन में गेट लगा दिए थे। शुरुआत में इससे दुर्घटनाओं पर रोक लग गई क्योंकि यह गेट केवल लो-फ्लोर बस आते समय ही खोले जाते थे। लेकिन अब ये गेट भी गायब हो चुके हैं। यातायात पुलिस ने लेन में प्रवेश करने वाले सामान्य वाहन चालकों के चालान बनाने का अभियान शुरू किया है, लेकिन इससे भी समस्या हल नहीं हो पा रही है।

नागरिकों का कहना है कि जहां गेट लगे हैं, वहां तैनात कर्मचारियों को सख्ती बरतनी चाहिए ताकि दूसरे वाहन प्रवेश नहीं कर सकें। मिक्स लेन में खड़े ठेलों एवं ओटलों को हटाने की भी जरूरत है। विगत गुरुवार को एक बाइक सवार के साथ दुर्घटना इसी कारण हुई। एक प्रोफेसर मिक्स लेन में हल्का जाम देखकर कारिडोर में चला गया। बाइक सीधी लाल बस से जा भिड़ी। प्रोफेसर ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। इस तरह की दुर्घटनाएं आए दिन हो रही हैं।

ब्रिज बनने से पहले हटे कारिडोर

लालघाटी से बैरागढ़ प्रवेश करते वक्त ब्रेकर से टकराकर अक्सर दुपहिया वाहन चालक संतुलन खो देते हैं। यहां लगे रेडियम संकेतक खराब हो चुके हैं। आए दिन वाहन फिसल रहे हैं। कुछ समय पहले यही हाल सीहोर नाका क्षेत्र का था। सीहोर से आते समय वाहन चालकों को डेडिकेटेड लेन की जालियां नजर नहीं आती थीं। यहां रेडियम एवं लाइट्स लगाने के बाद कुछ राहत मिली है। संत हिरदाराम जी की कुटिया के आसपास भी रेडियम एवं संकेत बोर्ड लगाने की जरूरत महसूस की जा रही है। रेडियम एवं संकेत बोर्ड लगे होने से वाहन चालक दूर से ही सतर्क हो जाते हैं। बैरागढ़ मेन रोड पर एलिवेटेड डबल डेकर ब्रिज बनाने का प्रस्ताव है। कपड़ा संघ के अध्यक्ष कन्हैया इसरानी कहना है कि पहले लेन हटाकर सिंगल डिवाइडर बनाया जाए, ताकिदुर्घटनाओं पर रोक लग सके।

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.