Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
देश की पहली LNG ट्रेन को अमित शाह ने दिखाई हरी झंडी: गुजरात को मिली ₹1,542 करोड़ के रेलवे प्रोजेक्ट्... Assam Politics News: आशुतोष रांका को असम पुलिस ने लिया हिरासत में, CJP का आरोप- 'सच्चाई सामने लाने स... दिल्ली के मंत्री प्रवेश वर्मा पर लगा गंभीर आरोप: सड़क निरीक्षण के दौरान युवक को थप्पड़ मारने का वीडि... NEET पेपर लीक विवाद के बाद NTA का बड़ा फैसला: नए मुख्यालय में तैनात होंगे CISF जवान दिल्ली की अनधिकृत कॉलोनियों को 214 करोड़ की सौगात: 53 विकास कार्यों का मुख्यमंत्री ने किया शिलान्यास जयपुर में सनसनीखेज वारदात: महिला की हत्या कर गार्डन में दफनाया शव, आरोपी मकान पर ताला लगाकर फरार Jaipur Crime News: झोटवाड़ा के मंदिर में 63 वर्षीय पुजारी से मारपीट, कपड़े फाड़े; CCTV में कैद हुई व... मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ CJP का हल्लाबोल: 2 अक्टूबर को देशभर में विरोध प्रदर्शन, सोनम वांगचुक का ... Bihar Railway Negligence: जमुई में रेल प्रशासन की अमानवीयता, ट्रैक पर कौवे नोचते रहे शव; परिजनों ने ... LPU Student Protest: जालंधर लवली यूनिवर्सिटी में कथित रेप की अफवाह पर भारी बवाल, पुलिस वाहन फूंका; S...

ऐसा क्या हुआ कि अचानक सोशल मीडिया पर ट्रेंड करने लगीं ‘माता वैष्णो देवी’? लोगों ने जमकर शेयर किया VIDEO

78

चंद्रयान-3 मिशन की सफलता के लिए जहां पूरे देश में पूजा-पाठ का दौर शुरू था वहीं उत्तराखंड के देहरादून के टपकेश्वर महादेव मंदिर  में माता वैष्णो देवी गुफा में भी विशेष पूजा की गई।

जम्मू के कटरा में स्थित माता वैष्णो देवी के नाम की समानता के कारण इस पूजा में बड़ी संख्या में लोगों ने हिस्सा लिया और  इस पूजा से जुड़े वीडियो को जमकर शेयर किया। जिसके बाद सोशल मीडिया पर माता वैष्णों देवी ट्रेंड करने लगा। जो भक्त माता वैष्णो देवी के मंदिर नहीं जा पाते वो भक्त यहां आकर माता वैष्णो देवी के दर्शन करते हैं।

टपकेश्वर शिव मंदिर एक प्राकृतिक गुफा है जो टोंस नदी के पास स्थित है।यहां गुफा के अंदर एक खुद से बना शिवलिंग है, जिस पर उपर से पानी की बूंदें प्राकृतिक और नियमित रूप से गिरती हैं. इसीलिए इस शिव मंदिर को टपकेश्वर कहा जाता है।

इस मंदिर में भक्त प्राकृतिक रूप से बनी एक गुफा से सिर झुका कर  गुजरते हैं। इसे माता वैष्णो देवी गुफा मंदिर के नाम से जाना जाता है। मंदिर के आसपास हरियाली, नदी और झरने इस जगह को प्राकृतिक का खूबसूरत खजाना है। टपकेश्वर मंदिर का इतिहास महाभारत काल में गुरु द्रोणाचार्य से शुरू होता है। पुराओं के मुतबिक,  गुरु द्रोणाचार्य यहां भगवान शिव की तपस्या करने आए थे और उन्होंने भगवान शिव के लिए यहां पर बैठक 12 साल तक तपस्या की थी।

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.