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अमरमणि त्रिपाठी और मधुमणि को समय पूर्व रिहा करने के फैसले के खिलाफ SC में सुनवाई आज

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लखनऊ/नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश के चर्चित कवियत्री मधुमिता शुक्ला हत्याकांड में सजा काट रहे प्रदेश के पूर्व मंत्री अमरमणि त्रिपाठी और उनकी पत्नी मधुमणि त्रिपाठी की जल्द रिहाई के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती गई है। इस पर शुक्रवार को सुनवाई होगी। मामले में अमरमणि त्रिपाठी और मधुमणि को उम्र कैद की सजा सुनाई गई है, लेकिन अच्छे कारण के हवाला देते हुए दोनों को जल्द रिहाई का फैसला लिया गया है।

अमरमणि त्रिपाठी और मधुमणि अभी गोरखपुर जेल में बंद हैं। कारागार विभाग ने दोनों की दया याचिका को स्वीकार कर अच्छे आचरण के चलते शेष सजा को माफ कर समय पूर्व रिहाई का आदेश जारी कर दिया है।

सजा माफी के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होनी है, तो सरकार अमरमणि त्रिपाठी व मधुमणि त्रिपाठी को कैसे रिहा करने का आदेश कर सकती है? सुप्रीम कोर्ट में हमने उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड सरकार को पार्टी बना रखा है। – निधि शुक्ला, मधुमिता की बड़ी बहन

कैसे हुई थी मधुमिता शुक्ला की हत्या

लखनऊ की पेपरमिल कॉलोनी में कवियत्री मधुमिता की 9 मई 2003 को गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। सीबीआई ने मामले की जांच की। इसके बाद देहरादून की विशेष अदालत ने गोरखपुर निवासी बाहुबली व सपा के पूर्व मंत्री अमरमणि त्रिपाठी व उनकी पत्नी मधुमणि त्रिपाठी को दोषी पाते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई।

जानिए क्या है समय पूर्व रिहाई का नियम

  • अच्छे आचरण के आधार पर कैदी को हर माह तीन से सात दिनों की सजा की माफी मिलती है। इसे काटी गई सजा में जोड़कर जल्द रिहाई का हिसाब लगाया जाता है।
  • इस केस में कारागार विभाग की ओर से जारी आदेश के अनुसार, अभी अमरमणि त्रिपाठी की उम्र 66 साल है। वह 22 नवंबर 2022 तक 17 वर्ष, नौ माह व चार दिन की सजा काट चुके हैं।
  • मधुमणि की उम्र 61 वर्ष है। वह 22 नवंबर, 2022 तक 17 वर्ष, तीन माह व नौ दिन की सजा काट चुकी हैं।

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