Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
Iran-Israel War Impact: ईरान युद्ध के कारण बढ़ सकते हैं पानी और कोल्ड ड्रिंक की बोतलों के दाम; भारतीय... मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड का बड़ा फरमान: "मुसलमानों के लिए इस्लामी उत्तराधिकार कानून अनिवार्य"; संपत्ति... विकसित भारत 2047: हरियाणा बनेगा देश का 'ग्रोथ इंजन'! उद्योग और युवाओं के कौशल पर सरकार का बड़ा दांव;... दिल्ली-देहरादून हाईवे पर 'आपत्तिजनक नारा' लिखना पड़ा भारी! दो युवतियों समेत 3 गिरफ्तार; माहौल बिगाड़ने... सावधान! दिल्ली में 48 घंटे बाद बरसेगा पानी, यूपी-राजस्थान में 'तूफान' जैसी हवाओं का अलर्ट; IMD ने पह... आगरा में 'जहरीली गैस' का तांडव! कोल्ड स्टोरेज से रिसाव के बाद मची भगदड़, जान बचाने के लिए खेतों की त... Bus Fire News: जैसलमेर से अहमदाबाद जा रही स्लीपर बस में लगी भीषण आग, एक यात्री झुलसा; खिड़कियों से क... कश्मीर में VIP सुरक्षा पर 'सर्जिकल स्ट्राइक'! फारूक अब्दुल्ला पर हमले के बाद हिला प्रशासन; अब बुलेटप... ईरान की 'हिट लिस्ट' में Google, Apple और Microsoft? अब टेक कंपनियों को तबाह करेगा तेहरान; पूरी दुनिय... दिल्ली में 'Zero' बिजली बिल वालों की शामत! खाली पड़े घरों की सब्सिडी छीनने की तैयारी; क्या आपका भी बं...

राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के कर्मचारियों ने जमकर किया रोष प्रदर्शन, जानें पूरा मामला

27

गुरदासपुर : स्वास्थ्य विभाग में कार्यरत राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के कर्मचारियों ने अपनी जायज मांगों को पूरा करने तथा सरकार तक अपनी आवाज पहुंचाने के लिए राज्य यूनियन द्वारा बनाए गए विरोध कार्यक्रम के अनुसार हड़ताल की। इस दौरान सभी कर्मचारियों ने डाकखाना चौक पर पंजाब सरकार का पुतला फूंका तथा जोरदार नारेबाजी की। इस दौरान भीषण गर्मी के बावजूद नेताओं ने शहर में रोष मार्च निकाला ।

जिला गुरदासपुर के नेता गुरप्रीत सिंह, डॉ. विक्रम सूरी, अमनदीप सिंह, गौरव शर्मा, प्रवीण शर्मा, वरिंदर कौर, परमजीत सिंह, प्रदीप आदि ने कहा कि चुनावों से पहले वादा किया गया था कि सरकार बनने के बाद राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के तहत काम कर रहे सभी कच्चे कर्मचारियों को नियमित किया जाएगा। लेकिन अब सरकार के तीन साल बीत चुके हैं। लेकिन एनएचएम के तहत काम कर रहे किसी भी कर्मचारी को नियमित नहीं किया गया है और न ही किसी कर्मचारी के वेतन में कोई सम्मानजनक बढ़ोतरी की गई है। उन्होंने कहा कि एनएचएम कर्मचारी अपने पदों के अनुसार योग्य हैं और एनएचएम की भर्तियां भी उचित प्रक्रिया के तहत की गई हैं। लेकिन फिर भी कच्चे स्वास्थ्य कर्मचारियों की कोई सुनवाई नहीं हो रही है।

पिछले तीन सालों में यूनियन के साथ करीब 31 मीटिंग करने के बाद भी सरकार ने यूनियन की एक भी मांग पूरी नहीं की है जिसके चलते एनएचएम यूनियन ने एक दिवसीय हड़ताल की घोषणा की थी और 15 जून को लुधियाना में एक बड़ी राज्य स्तरीय रोष रैली करने की घोषणा की गई है। उन्होंने आगे बताया कि इस रोष रैली के दौरान राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के कर्मचारियों के प्रति पंजाब सरकार के सौतेले व्यवहार को जनता के सामने लाया जाएगा। रैली से एनएचएम कर्मचारी लुधियाना शहर की सड़कों पर मार्च करते हुए फिर से पंजाब सरकार के खिलाफ करीब 10 हजार पर्चे बांटेंगे।

उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य कर्मचारियों के हड़ताल पर जाने से लोगों को होने वाली असुविधा के लिए राज्य सरकार जिम्मेदार होगी क्योंकि अपनी जायज मांगों के लिए हड़ताल पर जाना स्वास्थ्य कर्मचारियों की मजबूरी है। उन्होंने कहा कि पंजाब विधानसभा के पिछले सत्रों के दौरान भी पंजाब सरकार ने राज्य के कच्चे कर्मचारियों के मुद्दे पर गंभीरता से चर्चा नहीं की। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार जहां आम लोगों को अच्छी सेहत सुविधाएं देने के बड़े-बड़े वादे करती है, वहीं सेहत विभाग जैसे महत्वपूर्ण विभाग में राष्ट्रीय सेहत मिशन के कर्मचारियों का पंजाब सरकार द्वारा शोषण किया जा रहा है। इस अवसर पर गुरदासपुर जिले से सूरज प्रकाश, विकास जोएल, दिलराज कौर, डॉ. आरती, डॉ. संदीप कुमार, डॉ. गगन, सतीश कुमार, अनीता, अमनदीप कौर, सिमरनजीत कौर, अश्विनी व अन्य ब्लॉक नेता मौजूद थे।

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.