Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
Iran-Israel War Impact: ईरान युद्ध के कारण बढ़ सकते हैं पानी और कोल्ड ड्रिंक की बोतलों के दाम; भारतीय... मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड का बड़ा फरमान: "मुसलमानों के लिए इस्लामी उत्तराधिकार कानून अनिवार्य"; संपत्ति... विकसित भारत 2047: हरियाणा बनेगा देश का 'ग्रोथ इंजन'! उद्योग और युवाओं के कौशल पर सरकार का बड़ा दांव;... दिल्ली-देहरादून हाईवे पर 'आपत्तिजनक नारा' लिखना पड़ा भारी! दो युवतियों समेत 3 गिरफ्तार; माहौल बिगाड़ने... सावधान! दिल्ली में 48 घंटे बाद बरसेगा पानी, यूपी-राजस्थान में 'तूफान' जैसी हवाओं का अलर्ट; IMD ने पह... आगरा में 'जहरीली गैस' का तांडव! कोल्ड स्टोरेज से रिसाव के बाद मची भगदड़, जान बचाने के लिए खेतों की त... Bus Fire News: जैसलमेर से अहमदाबाद जा रही स्लीपर बस में लगी भीषण आग, एक यात्री झुलसा; खिड़कियों से क... कश्मीर में VIP सुरक्षा पर 'सर्जिकल स्ट्राइक'! फारूक अब्दुल्ला पर हमले के बाद हिला प्रशासन; अब बुलेटप... ईरान की 'हिट लिस्ट' में Google, Apple और Microsoft? अब टेक कंपनियों को तबाह करेगा तेहरान; पूरी दुनिय... दिल्ली में 'Zero' बिजली बिल वालों की शामत! खाली पड़े घरों की सब्सिडी छीनने की तैयारी; क्या आपका भी बं...

जेल प्रहरी ने पेश की मानवता की मिसाल, कैंसर पीड़ित बंदी के लिए किया रक्तदान

28

भोपाल। जेल के कर्मचारियों को बंदियों को अदालत में पेशी पर ले जाने के अलावा उपचार के लिए अस्पताल ले जाते समय काफी सजग रहना पड़ता है। अक्सर चूक होने पर बंदी भाग निकलते हैं। कई बार उद्दंड अपराधी जेल के कर्मचारियों के साथ अभद्रता से भी पेश आते हैं, लेकिन जेल के कर्मचारी जरूरत पड़ने पर मानवता का परिचय देना नहीं भूलते। हाल ही में इसका एक उदाहरण सामने आया। राजधानी में स्थित केंद्रीय कारागार (सेंट्रल जेल) में सजा काट रहे एक कैंसर पीड़ित बंदी को तकलीफ बढ़ने पर गुरुवार दोपहर को जवाहरलाल नेहरू कैंसर चिकित्सालय में भर्ती कराया गया। चिकित्सक ने उसे फौरन खून चढ़ाने की जरूरत बताई। इस पर जेल प्रहरी ने तुरंत आगे आया और बंदी की खातिर एक यूनिट रक्तदान करते हुए उसकी मदद की।

डाक्टरों ने बताई थी तत्काल रक्त की जरूरत

दरअसल जेल प्रहरी दीपेश इंगले गुरुवार को जेल कर्मचारियों के साथ बीमार बंदियों को अस्पताल में भर्ती कराने हमीदिया एवं कैंसर अस्पताल गए थे। उनमें से मुख के कैंसर से पीड़ित जयराम नाम का एक बंदी भी शामिल था। जयराम को जवाहरलाल नेहरू कैंसर अस्पताल ले जाया गया था। वहां चेकअप करके डाक्टर ने उसे आपरेशन के लिए भर्ती कर लिया। साथ ही उसकी हालत गंभीर देखकर चिकित्सकों ने तत्काल खून की आवश्यकता बताई। अस्पताल में ‘ओ पाजिटिव’ खून उपलब्ध भी नहीं था। जेल प्रहरी दीपेश ने तुरंत जांच करवाते हुए एक यूनिट रक्त बंदी के लिए दान कर दिया। जेल के अधिकारियों के प्रहरी के सेवा भाव की सराहना की है।

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.