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मानसून की सक्रियता बरकरार भोपाल उज्जैन इंदौर एवं ग्वालियर संभागों में बारिश के आसार

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भोपाल। कम दबाव का क्षेत्र मध्य प्रदेश में बना हुआ है। मानसून द्रोणिका भी कम दबाव के क्षेत्र से होकर बंगाल की खाड़ी तक जा रही है। मौसम विज्ञानियों के मुताबिक इन दो मौसम प्रणालियों के असर से प्रदेश के अधिकतर जिलों में रुक-रुककर वर्षा हो रही है। रविवार को भोपाल, उज्जैन, इंदौर एवं ग्वालियर संभाग के जिलों में कहीं-कहीं मध्यम स्तर की वर्षा होने के आसार हैं।

यहां बरसा पानी

उधर, पिछले 24 घंटों के दौरान रविवार सुबह साढ़े आठ बजे तक रायसेन में 69, पचमढ़ी में 66.2,सिवनी में 40.8, रतलाम में 37, गुना में 35.2, नरसिंहपुर में 29, इंदौर में 26.6, दमोह में 24, खरगोन में 22, नर्मदापुरम में 21.9,खंडवा में 21,उमरिया में 20.6, दतिया में 18.8,भोपाल में 16, शिवपुरी में 14.2, छिंदवाड़ा में 14.2, धार में 13.2, मंडला में 9.5, बैतूल में 8.8, जबलपुर में 7.8, खजुराहो में 7.2, उज्जैन में चार, सागर में चार, मलाजखंड में 2.6, टीकमगढ़ में एक, सतना में 0.9 मिलीमीटर वर्षा हुई। नौगांव एवं ग्वालियर में बूंदाबांदी हुई।

यहां वेदर सिस्टम सक्रिय

मौसम विज्ञान केंद्र से मिली जानकारी के मुताबिक एक कम दबाव का क्षेत्र वर्तमान में उत्तरी मध्य प्रदेश के मध्यम में बना हुआ है। मानसून द्रोणिका राजस्थान से मप्र में बने कम दबाव के क्षेत्र से होकर छत्तीसगढ़, ओडिशा से होकर बंगाल की खाड़ी तक बनी हुई है। इसके अतिरिक्त पाकिस्तान के आसपास एक पश्चिमी विक्षोभ भी बना हुआ है।

कल से घट सकती हैं मानसून की गतिविधियां

मौसम विज्ञान केंद्र के पूर्व वरिष्ठ मौसम विज्ञानी अजय शुक्ला ने बताया कि वर्तमान में अलग-अलग स्थानों पर बनी मौसम प्रणालियों के असर से प्रदेश के अधिकतर जिलों में वर्षा होने की संभावना बनी हुई है। विशेषकर भोपाल, इंदौर, उज्जैन एवं ग्वालियर संभाग के जिलों में मध्यम स्तर की वर्षा होगी। हालांकि पूर्वी मप्र में अब धीरे-धीरे मौसम साफ होने के भी आसार हैं। सोमवार से पूरे प्रदेश में मानसून की गतिविधियों में कमी आ सकती है।

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