Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
"हर घर तिरंगा अभियान: आंगनवाड़ी केंद्रों पर बच्चों ने फहराया तिरंगा, देशभक्ति के गीतों से गूंजा आंगन... कलेक्टर-एसपी ने स्वतंत्रता दिवस समारोह पूर्व तैयारियों का लिया जायजा कलेक्टर और एसपी ने परेड ग्राउ... जिला संयोजक ने ली छात्रावास अधीक्षकों की बैठक, शत प्रतिशत परीक्षा परिणाम लाने के दिए निर्देश आगर-मालवा जिले में जन विश्वास अभियान के तहत 14 अगस्त को बड़ौद के गंगापुर में जन विश्वास शिविर, ग्राम... उज्जैन-आगर मालवा- झालवाड़ राष्ट्रीय राज्यमार्ग (NH-552G) की टेंडर प्रक्रिया को लेकर सांसद महेंद्र सि... सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला: कर्नाटक में UAPA मामलों की रोजाना सुनवाई के लिए बनेगा अलग स्पेशल कोर्ट जस्टिस यशवंत वर्मा मामले में बड़ी कार्रवाई, राज्यसभा में पेश की गई 3 सदस्यीय जांच समिति की रिपोर्ट देहरादून-मसूरी मार्ग पर सड़क चौड़ीकरण के दौरान भीषण भूस्खलन, सड़क पर गिरा भारी मलबा जालंधर के अवतार नगर में सनसनीखेज डबल मर्डर, कलयुगी युवक ने अपनी पत्नी और पिता की हत्या कर मचाया हड़क... 'जंतर-मंतर सीजन-2' का जल्द होगा आगाज: CJP फाउंडर अभिजीत दिपके का बड़ा ऐलान, हॉल न मिलने पर भाजपा पर ...

MP के कूनो पार्क में चीतों की लगातार मौत के बाद बाघ संरक्षण प्राधिकरण ने लगाई बयानों पर रोक

38

भोपाल। Cheetah in MP: कूनो नेशनल पार्क में चीतों की लगातार मौत के मामले में घिर चुके राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (एनटीसीए) ने चीतों को लेकर किसी भी तरह की बयानबाजी पर रोक लगा दी है। मध्य प्रदेश के मुख्य वन्यप्राणी अभिरक्षक को चीतों की मौत की विज्ञप्ति जारी करने और इस संबंध में वक्तव्य देने तक सीमित कर दिया है। यहां तक कि विज्ञप्ति में क्या-क्या रहेगा, यह भी एनटीसीए के अधिकारी ही तय कर रहे हैं।

इन अधिकारियों ने साफ कहा है कि कोई भी जानकारी बाहर नहीं जानी चाहिए। गुरुवार को दिल्ली में आयोजित चीता प्रबंधन समिति की बैठक में बाड़े में कैद चीतों को फिर से खुले जंगल में छोड़ने पर बात हुई है। एनटीसीए ने लिखित निर्देश जारी किए हैं।

इनमें कहा गया है कि चीतों के संबंध में बात करने के लिए एनटीसीए के सदस्य सचिव डा़ एसपी यादव और मध्य प्रदेश में मुख्य वन्यप्राणी अभिरक्षक अधिकृत हैं। इसके अलावा कोई भी अधिकारी चीतों के संबंध में बयान नहीं देगा। यहां तक कि मुख्य वन्यप्राणी अभिरक्षक भी सीमित दायरे में ही बात करेंगे।

उधर, सूत्र बताते हैं कि संचालन समिति की बैठक में जंगल से पकड़कर वापस बाड़ों में छोड़े गए चीतों को लेकर चिंता जताई गई है, क्योंकि चीतों को दो महीने बाद ही फिर बाड़ों में कैद कर दिया गया है।

इससे उन्हें तनाव बढ़ेगा और उनकी वंशवृद्धि पर असर पड़ेगा। बैठक में लापता मादा चीता निर्वा की तलाश जारी रखने और बाड़ों में कैद चीतों को वापस जंगल में छोड़ने के लिए प्रोटोकाल तय करने पर भी बात हुई है।

हेलिकाप्टर की बात हुई, पर सहमति नहीं बनी

सूत्र बताते हैं कि निर्वा को तलाश करने के लिए हेलिकाप्टर का उपयोग करने की खबरें अखबारों में प्रकाशित होने को लेकर बैठक में चर्चा हुई, पर कोई सहमति नहीं बनी। प्रदेश के अधिकारी बताते हैं कि निर्वा को तलाश करने के प्रयासों की प्रशंसा की गई है और उन्हें आगे भी जारी रखने को कहा गया है। बता दें कि निर्वा 21 जुलाई से लापता है। 28 जुलाई को वह दिखाई दी थी, पर उसे ट्रैंकुलाइज नहीं किया जा सका। इसके बाद से मादा चीता की लोकेशन नहीं मिल रही है।

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.