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कैसे पढ़ेगा और बढ़ेगा इंडिया कहीं स्कूल छात्र विहीन तो कहीं शिक्षकों का टोटा

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Education in MP श्योपुर। जिले में कई सरकारी स्कूल बदहाल हैं। कहीं छात्र नहीं हैं तो कहीं शिक्षक। विजयपुर विकासखंड के प्राथमिक स्कूल नीमदा में एक भी छात्र पंजीकृत नहीं हैं। 8 स्कूल ऐसे हैं, जिनकी छात्र संख्या सिंगल डिजिट में है यानी 10 से कम है। वहीं 60 स्कूल ऐसे हैं, जिनमें छात्रों की संख्या 20 से कम है। उधर, तबादलों के बाद स्कूलों में शिक्षकों का टोटा भी हो गया है। शिक्षकों के तबादले के कारण जिले के 62 स्कूल शिक्षक विहीन हो गए है यानी यहां फिलहाल कोई नियमित शिक्षक पदस्थ नहीं है। 150 स्कूल एक-एक शिक्षक के भरोसे हैं।

जिले के कई सरकारी प्राथमिक स्कूलों में विद्यार्थियों का टोटा बना हुआ है। हालात यह हो गए है कि कई सरकारी प्राथमिक स्कूलों में छात्रों की संख्या 5 से 20 तक सिमट गई है। ऐसे में इन स्कूलों के लिए शासन का स्कूल चले हम अभियान भी बच्चों की संख्या में बढाने में सार्थक साबित नहीं हो सका है।

निजी स्कूलों की ओर बढ़ रहा मोह

दरअसल, निजी स्कूलों में पढाई का जो स्तर है, वैसी पढाई सरकारी स्कूलों में नही होती। इसलिए पालक अपने बच्चों का प्रवेश सरकारी स्कूलों में न कराते हुए निजी स्कूलों में करा रहे है। आरटीई के तहत 25 प्रतिशत गरीब बच्चों का निजी स्कूलों में निःशुल्क प्रवेश के चलते गरीब अभिभावक भी अपने बच्चों को निजी स्कूलों में दाखिला करा रहे है। ऐसे में अब कई सरकारी स्कूलो में गिने-चुने विद्यार्थी ही बचे हैं।

कई स्‍कूलाें में बच्‍चों की संख्‍या 50 से कम

जिले में करीब 50 ऐसे सरकारी प्राथमिक विद्यालय हैं जहां विद्यार्थियों की संख्या 5 से 20 के बीच ही सिमटकर रह गई है। शिक्षा विभाग के सूत्र बताते है कि कराहल विकासखंड के 20 सरकारी प्राथमिक विद्यालयों में बच्चों की संख्या 20 से कम है। वहीं श्योपुर विकासखंड के 20 प्राथमिक स्कूलो में भी छात्र संख्या का आंकडा 20 से नीचे रह गया है। उधर विजयपुर विकासखंड के आधा दर्जन से ज्यादा स्कूलों में भी छात्र संख्या की स्थिति काफी चिंता बढाने वाली है।

प्राथमिक विद्यालय खेडली

श्योपुर ब्लाक के जन शिक्षा केंद्र पांडोला के तहत आने वाले शासकीय प्राथमिक विद्यालय खेडली बच्चों के लिए तरस रहा है। क्योंकि इस स्कूल में कक्षा एक से पांचवी तक मात्र 9 विद्यार्थी ही रह गए है। जबकि इन्हें पढाने के लिए शिक्षकों की संख्या दो से ज्यादा बताई गई है।

प्राथमिक विद्यालय प्रेमपुरा हवेली

शहर के नजदीक संचालित होने वाले शासकीय प्राथमिक विद्यालय प्रेमपुरा हवेली जन शिक्षा केंद्र शासकीय कन्या उमावि श्योपुर के तहत आता है। जन शिक्षा केन्द्र के नजदीक होने के बाद भी यह स्कूल बच्चों के लिए तरस रहा है। यहां वर्तमान में 10 छात्र संख्या स्कूल में दर्ज है। जबकि स्कूल का स्टाफ छात्र संख्या के मान से ज्यादा है।

प्राथमिक विद्यालय जाट बाबडी

आदिवासी विकासखंड कराहल के ग्राम जाट बाबडी स्थित शासकीय प्राथमिक विद्यालय में बच्चों की संख्या भी काफी चिंतनीय है। बताया गया है कि इस पूरे स्कूल में महज 5 बच्चे दर्ज है। जबकि शिक्षकों की संख्या में दो बताई गई है। गत वर्ष भी इस स्कूल में बच्चों की संख्या दयनीय थी।

प्राथमिक विद्यालय नवलपुरा

आदिवासी विकासखंड कराहल के ग्राम नवलपुरा स्थित शासकीय प्राथमिक विद्यालय की पांचो कक्षाओं में बच्चों की संख्या 8 रह गई है। जो काफी चिंतनीय बात है। स्कूल चले हम अभियान भी यहां बच्चों की संख्या में इजाफा नहीं कर सका है।

कई स्कूलों में एक भी शिक्षक नहीं

श्योपुर विकासखंड में 22 सरकारी स्कूल और विजयपुर विकासखंड में 40 स्कूल शिक्षक विहीन हो गए हैं, क्योंकि तबादले के कारण यहां पदस्थ सभी शिक्षक दूसरे स्कूलों में पहुंच गए हैं।

श्योपुर विकासखंड क्षेत्र के 65 स्कूल और विजयपुर विकासखंड के 85 स्कूल ऐसे हैं, जिनमें अब बच्चों को पढ़ाने के लिए महज एक-एक शिक्षक पदस्थ रह गए हैं। ऐसे में इन स्कूलों में इकलौते बचे शिक्षकों के सामने यह समस्या खड़ी हो गई कि वे अब स्कूल का कामकाज करें या बच्चों की पढ़ाई कराएं। कई ऐसे शिक्षकों के भी तबादले कर दिए गए हैं, जिनकी नियुक्ति को अभी एक साल ही हुआ है।

इन स्कूलों में भी छात्र संख्या 20 से कम

  • शासकीय प्राथमिक विद्यालय गोडाखेडी – 11 छात्र
  • शासकीय प्राथमिक विद्यालय पीतनाखेडली – 11 छात्र
  • शासकीय प्राथमिक विद्यालय बमोरीहाला – 14 छात्र
  • शासकीय प्राथमिक विद्यालय खानपुरा – 16 छात्र
  • शासकीय प्राथमिक विद्यालय रामपुरा – 10 छात्र
  • शासकीय प्राथमिक विद्यालय पहाडी – 11 छात्र
  • शासकीय प्राथमिक विद्यालय चकरामपुरा – 13 छात्र
  • शासकीय प्राथमिक विद्यालय हथेडी – 13 छात्र
  • बालक आश्रम रीछी – 14 छात्र

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