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18 लाख रुपये की गड़बड़ी के आरोप में लेखापाल निलंबित

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बिलासपुर। विकासखंड शिक्षा कार्यालय कोटा में 18 लाख रुपये की गड़बड़ी करने के आरोप में लेखापाल को जिला शिक्षा अधिकारी डीके कौशिक ने निलंबित कर दिया है। विभागीय जांच में वित्तीय गड़बड़ी करने की बात सामने आई है। मंगलवार को डीईओ ने निलंबन का आदेश जारी किया।

शिक्षा विभाग में लगातार कार्रवाई होने से अधिकारी व कर्मचारियों में हड़कंप मचा हुआ है। बीईओ कार्यालय में राजेश कुमार प्रताप लेखापाल के पद पर पदस्थ था। 24 जुलाई 2023 को जिला शिक्षा कार्यालय में उसके खिलाफ वित्तीय गड़बड़ी करने की शिकायत हुई। इस मामले की जांच की गई। जांच में शिकायत सही पाई गई थी। इसके बाद डीईओ कार्रवाई नहीं कर रहे थे।

20 जून को कोटा बीईओ ने लेखापाल राजेश कुमार प्रताप के द्वारा आर्थिक अनियमितता करने की जानकारी देते हुए उनसे उचित मार्गदर्शन मांगा था। लेकिन, बीईओ के पत्र का कोई जवाब नहीं दिया गया। एक साल बाद डीईओ कौशिक ने लेखापाल के खिलाफ कार्रवाई की।

लेखापाल राजेश कुमार प्रताप द्वारा दो-दो बार एक ही मद से राशि का भुगतान किया था। परिवार कल्याण निधि से 70 हजार रुपये और 66 हजार रुपये, 904 सामूहिक बीमा योजना से एक लाख 91 हजार रुपये 224, अवकाश नगदीकरण से छह लाख 75 हजार 392 और छह लाख 75 हजार 392, सामूहिक बीमा योजना से एक लाख 77 हजार 179 रुपये का नियम विरुद्ध भुगतान करते हुए राजकीय कोष को आर्थिक क्षति पहुंचाई है। 16 जून को लोक शिक्षण संचालनालय से जब आडिट के दौरान 18 लाख 56 हजार 91 रुपये की आर्थिक अनियमितता मिली थी।

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