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प्रेमी के साथ मिलकर की थी पति की हत्या मिली उम्रकैद की सजा

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मुरैना। चिन्नौनी थाना क्षेत्र के रामचंद्र का पुरा गांव में महिला ने अपनी प्रेमी के साथ मिलकर पति की गला घोंटकर हत्या कर दी, इसके बाद दीवार गिराकर, इसे हादसा साबित करने का प्रयास किया। प्रथम सत्र न्यायाधीश ने इस मामले में महिला व उसके प्रेमी को दोषी करार देते हुए शनिवार को उम्र कैद की सजा सुनाई है। इस मामले में आठ अन्य आरोपित भी बनाए गए थे, जो मृतक के दाह संस्कार में शामिल हुए। उन पर साक्ष्य विलोपित करने का आरोप लगाया गया था। जिन पर फैसला आना बाकी है। इस मामले में शासन की ओर से पैरवी अपर लोक अभियोजक सुरेंद्र शर्मा ने की।

हत्या को दुर्घटना में बदल दिया

जानकारी के मुताबिक रामचंद्र का पुरा गांव निवासी चतुरी मल्लाह व उसके प्रेमी विजय सिंह ने गत छह-सात जुलाई 2016 की रात को पति वृंदावन उर्फ कल्ला मल्लाह की गला घोंटकर हत्या कर दी। इसके बाद शव को घटिया पर लिटाकर उसके ऊपर दीवार को पटक दिया। दोनों ने इस हत्या को दुर्घटना में बदल दिया।

पति का अंतिम संस्कार भी करवा दिया था

ग्रामीण गुलाब, नंदलाल, मनीराम, परीक्षत, राजाराम, पप्पू, कबाड़ी, रमेश मल्लाह के सहारे उसका दाह संस्कार भी कर दिया। इसी बीच गांव के चौकीदार रामकिशोर सविता ने पुलिस को घटना की सूचना दी। पुलिस ने मामले में चतुरी व उसके प्रेमी विजय सिंह पर हत्या का मामला दर्ज किया, वहीं आठ अन्य पर साक्ष्य विलोपित करने का मामला दर्ज किया। यह मामला सबलगढ़ न्यायालय में चला। जिस पर शनिवार को प्रथम सत्र न्यायाधीश ने फैसला सुनाते हुए चतुरी व विजय सिंह को आजीवन करावास की सजा सुनाई है।

चतुरी की तीन मासूम बच्चियों को रखने पर हुई चर्चा

चतुरी मल्लाह को उम्रकैद होने के बाद उसकी तीन मासूम बच्चियों को कहां रखा जाए, इसको लेकर भी न्यायालय में चर्चा हुई। चतुरी की कुल पांच बेटियां हैं, जिनमें तीन बेटियां चार, छह व आठ साल की है। सजा बुलने के बाद चतुरी ने कहा कि बच्चियों को अकेला नहीं छोड़ा जा सकता, उनका अब बाहर कोई नहीं है, इसलिए उन्हें उसके साथ जेल में रखा जाए। जिस पर न्यायाधीश ने मना कर दिया।

वहीं बच्चियों को ऐसी स्थिति में कहां रखा जाए इसके लिए वह वकील के माध्यम से न्यायालय से मांग कर सकती है। जिस पर फिलहाल तीनों बच्चियों को विजय सिंह का पिता अपने साथ ले गया। वहीं दो बच्चियों अभी 12 से 14 साल की है वह अकेली ही रहेंगीं।

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