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हरियाली अमावस्या पर एक पौधा लगाने से समृद्ध होगी प्रकृति प्रसन्न होंगे महादेव

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इंदौर। प्रकृति के पूजन और शिव की प्रिय हरियाली अमावस्या 17 जुलाई को हर्षोल्लास से मनाई जाएगी। इस बार श्रावणी अमावस्या सावन के दूसरे सोमवार को आने से शिव आराधना का श्रेष्ठ फल देने वाली सोमवती अमावस्या का संयोग बन रहा है। ज्योर्तिविदों के मुताबिक इस दिन एक पौधा लगाने मात्र से जहां पार्वती प्रकृति समृद्ध होगी, वहीं परमात्मा महादेव की प्रसन्नता भक्त को प्राप्त होकर पितर तृप्त होंगे। इस अवसर पर शहर भर में कई स्थानों पर पौधा रोपण किया जाएगा। शिव मंदिर में भोले भंडारी को हरियाली के बीच विराजितकर शृंगार होगा।

ज्योर्तिविद आचार्य शिव तिवारी के अनुसार श्रावणी अमावस्या की शुरुआत 17 जुलाई को रात 12 बजकर 1 मिनिट तक रहेगी। इस दिन पुष्य नक्षत्र भी दोपहर 12.40 बजे तक रहेगा। सोमवार और शनिवार को जब अमावस्या आती है, तो उसका महत्व कई गुणा बड़ जाता है। इस दिन सूर्य कर्क राशि में प्रवेश करेंगे। यहां पहले से बुध विराजमान हैं। इसके चलते मंगलाकारी बुधादित्य योग भी बनेगा।

ज्योर्तिविद् कान्हा जोशी के अनुसार श्रावणी अमावस्या का धार्मिक और प्राकृतिक महत्व हमारे शास्त्रों में बताया है। धार्मिक दृष्टिकोण से इस दिन पिंडदान और अन्य दान संबंधी कार्य किए जाते हैं। पौधा लगाने से कालसर्प दोष, पितृदोष और शनि के वक्री दृष्टि से जातक को राहत मिलती है।

शिवधाम फूल-पत्तों से सजेगा शिव मंदिर

परदेशीपुरा स्थित शिवधाम को इस अवसर पर फूल-पत्तों से सजाया जाएगा। भगवान को हरा गुलाल लगाया जाएगा। मंदिर हरी रंग की विद्युत सज्जा से जगमगाएगा। व्यवस्थापक राजेश विजयवर्गीय ने बताया कि इसके साथ ही भांग मिश्रित जल से महादेव का अभिषेक भी होगा। पिश्ते की मिठाई का भोग लगाया जाएगा।

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