Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
Prashant Kishor Delhi Visit: दिल्ली में जनसुराज के समर्थकों से मिले प्रशांत किशोर, राष्ट्रीय राजधानी... Delhi Stray Dogs Report: जानिए दिल्ली में क्यों बढ़ रहे हैं कुत्तों के हमले, पुरुषों और बच्चों पर ज्... Sukhbir Khalifa FIR Noida: पर्थला फ्लाईओवर पर प्रदर्शन के दौरान हंगामा, रास्ता रोकने और सरकारी संपत्... Tilak Nagar Slap Case Update: PWD मंत्री परवेश वर्मा के खिलाफ 5 शिकायतें दर्ज, लेकिन अभी तक कोई FIR ... Weather Forecast Today: मौसम का रौद्र रूप, उत्तर प्रदेश, बिहार और मध्य भारत समेत इन राज्यों में बरसे... Ujjain Road Widening: सिंहस्थ 2028 की तैयारियों के बीच शाही मस्जिद हटाने पर हंगामा, पुलिस ने संभाला ... Raipur News: फिफ्टी परसेंट से ज्यादा संघर्ष के बाद रितेश पाल बने डांस रियलिटी शो के चैंपियन, मां के ... Gold and Silver Price Today: आज सोने और चांदी की कीमतों में बदलाव, जानिए क्या हैं आपके शहर के ताजा भ... देश की पहली LNG ट्रेन को अमित शाह ने दिखाई हरी झंडी: गुजरात को मिली ₹1,542 करोड़ के रेलवे प्रोजेक्ट्... Assam Politics News: आशुतोष रांका को असम पुलिस ने लिया हिरासत में, CJP का आरोप- 'सच्चाई सामने लाने स...

दीप अमावस्या पर दक्षिण दिशा में रखें आटे का दीपक पितर हो जाएंगे खुश

47

इस वर्ष आषाढ़ अमावस्या 17 जुलाई को है। इसे दीप अमावस्या या रोशनी की सुबह कहा जाता है। इस दिन घर पर दीपक जलाए जाते हैं और रंगोली सजाकर पूजा-अर्चना की जाती है। इस पूजा में आटे का दीपक चढ़ाया जाता है।

अमावस्या के दिन पितरों के लिए तर्पण और दान-पुण्य किया जाता है। जिस तरह आषाढ़ अमावस्या में दीप पूजन का महत्व है। उसी प्रकार हर अमावस्या की अलग-अलग विशेषताएं हैं। यह पूजा आने वाले श्रावण के स्वागत की तैयारी की तरह है। इस दिन आटे या बाजरे का दीपक बनाकर दक्षिण दिशा में रखना चाहिए। यह दीपक दीप पूजन और पितरों की पूजा का उद्देश्य पूरा करता है।

दीप अमावस्या कब है?

पंचांग के अनुसार, अमावस्या तिथि 16 जुलाई को रात 10 बजे पर शुरु होगी। अमावस्या तिथि 17 जुलाई को सूर्योदय होगी। इसलिए आषाढ़ अमावस्या या दीप अमावस्या 17 तारीख को मनाई जाएगी। अमावस्या तिथि 17 जुलाई को रात 12 बजे समाप्त होगी। आषाढ़ अमावस्या सोमवार के दिन पड़ने से यह दीप अमावस्या सोमवती अमावस्या होगी। इसलिए यह अमावस्या विशेष है।

दीप अमावस्या कैसे मनाएं?

दीप अमावस्या के दिन घर में रखें दीपकों को साफ किया जाता है। इसके बाद मेज पर एक साफ कपड़ा बिछाएं और दीपक को रखें। इन्हें तिल के तेल या घी से जलाया जाता है। इन दीपकों की फूलों और नैवेद्य से पूजा की जाती है। कई घरों में इस दिन आटे का दीपक प्रसाद के रूप में बनाया जाता है।

डिसक्लेमर

‘इस लेख में दी गई जानकारी/सामग्री/गणना की प्रामाणिकता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं है। सूचना के विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/धार्मिक मान्यताओं/धर्मग्रंथों से संकलित करके यह सूचना आप तक प्रेषित की गई हैं। हमारा उद्देश्य सिर्फ सूचना पहुंचाना है, पाठक या उपयोगकर्ता इसे सिर्फ सूचना समझकर ही लें। इसके अतिरिक्त इसके किसी भी तरह से उपयोग की जिम्मेदारी स्वयं उपयोगकर्ता या पाठक की ही होगी।’

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.