Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
बालाघाट में घर में घुसकर सो रही महिला को उठा ले गया बाघ: कान्हा बफर जोन में दिल नहला देने वाला हादसा... पन्ना में दर्दनाक हादसा: 9 माह की गर्भवती महिला और अजन्मे बच्चे की मौत, एनीमिया बनी वजह; पति पर लापर... इंदौर ने नम आंखों से दी वीर सपूत को अंतिम विदाई, मेजर हमजा आरिफ सैन्य सम्मान के साथ सुपुर्द-ए-खाक ग्वालियर में गुमशुदा तोते 'शकुंतला' के लिए 50 हजार का इनाम: ढोल-लाउडस्पीकर से तलाश में जुटा ओझा परिव... इंदौर में महज 7 दिन में टूटा शादी का बंधन, फैमिली कोर्ट ने तलाक की अर्जी को दी मंजूरी रतलाम में एग्रीमेंट वाली शादी का खौफनाक अंत: 3rd फ्लोर से रस्सी के सहारे भाग रही थी 23 साल की दुल्हन... छतरपुर में हॉस्टल की बड़ी लापरवाही! छत फांदकर एक साथ भागे 3 छात्र; मचा हड़कंप, परिजनों के उड़े होश गोरखपुर में दिल दहला देने वाली घटना, बहन से छेड़छाड़ का विरोध करने पर 9 वर्षीय मासूम की पीट-पीटकर हत... Vपप्पू यादव की प्रेस कॉन्फ्रेंस में हंगामा: चाकू लेकर पहुंचा युवक, समर्थकों ने दबोचा; सांसद बोले— 'म... Solar Eclipse 2027: 75 साल बाद सऊदी अरब में दिखेगा पूर्ण सूर्य ग्रहण, 21वीं सदी की सबसे बड़ी खगोलीय ...

बच्चों के स्कूल बैग का तकिया बनाकर क्लास में ही सो गए टीचर जी ! वीडियो वायरल

39

छतरपुर: छतरपुर जिले की एक प्राथमिक शाला का प्रधानाध्यापक बच्चों के स्कूल बैग का तकिया बनाकर क्लास में हो सो गया। इसी दौरान किसी व्यक्ति ने उनका वीडियो बना लिया जो कि अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। बहरहाल जिला शिक्षा अधिकारी ने उक्त वीडियो को संज्ञान में लेकर जांच के निर्देश दिए हैं। जानकारी के मुताबिक यह वीडियो लवकुशनगर विकासखण्ड की प्राथमिक शाला बजौरा का है। वीडियो में विद्यालय के प्रधानाध्यापक राजेश कुमार अरजरिया एक बच्चे के स्कूल बैग को तकिया बनाकर फट्टी पर आराम फरमा रहे हैं और कक्षा के बच्चे लापता हैं। वहीं विद्यालय की अन्य कक्षाओं के बच्चे भी शाला के बाहर शोर-गुल मचाते हुए खेलने में व्यस्त हैं। ग्रामीणों द्वारा बनाया गया यह वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल हुआ तो लोगों में चर्चा का विषय बन गया।

ग्रामीणों ने कहा कि कलेक्टर संदीप जी आर सहित शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारी लगातार ग्रामीण अंचलों की शालाओं का औचक निरीक्षण कर शिक्षण कार्य को ठीक ढंग से करने के निर्देश दे रहे हैं लेकिन उनके गांव की शाला की शिक्षकों पर इसका कोई प्रभाव नहीं है, वे विद्यालय सिर्फ खानापूर्ति के लिए आते हैं। विद्यालय आने के बाद ज्यादातर शिक्षक या तो इसी तरह से आराम फरमाते हैं, या फिर अपने मोबाइलों में व्यस्त रहते हैं। गांव की शाला में पढऩे वाले बच्चों की शिक्षा का स्तर निम्न है, उन्हीं मामूली से सवालों के जवाब भी नहीं आते हैं।

हालांकि इन दिनों डीपीसी सहित लवकुशनगर बीआरसी द्वारा लगातार शालाओं का औचक निरीक्षण कर लापरवाही करने वाले शिक्षकों पर कार्यवाही करते हुए ठीक ढंग से शिक्षण कार्य करने के निर्देश दिए जा रहे हैं।

●इनका कहना है…

लवकुशनगर क्षेत्र के प्राथमिक शाला बजौरा में शिक्षक के सामने का वीडियो मेरे संज्ञान में आया है, जिसकी जांच के निर्देश संकुल प्राचार्य और विकासखंड शिक्षा अधिकारी को दिए गए हैं। संबंधित शिक्षक के खिलाफ कार्यवाही की जाएगी। किसी भी शिक्षक को विद्यालय में सोना नहीं चाहिए। हम लगातार शिक्षकों को समय पर स्कूल पहुंचने और निर्धारित समय में अध्यापन कार्य कराने के निर्देश दे रहे हैं।

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.