Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
MP Wildlife News: इंदौर से आई विशेष टीम ने बुरहानपुर में पकड़ा रीछ, शहडोल के केशवाही में भी भालू के ... Bhopal News: सोशल मीडिया पर भड़काऊ पोस्ट डालने वालों पर पुलिस की पैनी नजर, प्रशासन ने लोगों से की शा... MP Fraud News: रतलाम में करोड़ों की ठगी और संपत्तियों की जांच तेज, आरोपी महिला के कारनामों से जुड़ी ... Clean Drinking Water Bihar: नल-जल योजना में लापरवाही बर्दाश्त नहीं, मुख्यमंत्री के निर्देश पर पीएचईड... Maharashtra Government Decision: सूखा प्रभावित इलाकों के बीच लोकायुक्त कार्यालय के लिए कारों पर खर्च... Medical Certification Report: कर्नाटक में दिल और सांस के बाद किडनी बनी मौत का तीसरा सबसे बड़ा कारण, ... Golden Book of World Records: कानपुर में दीपों से बनी कलात्मक आकृतियों ने बनाया वर्ल्ड रिकॉर्ड, 500 ... Patna ADM Corruption Case: आय से अधिक संपत्ति मामले में बड़ी कार्रवाई, 1.06 करोड़ के अवैध साम्राज्य ... Maharashtra Farmer News: पुणे में किसान ने दिवंगत बैल 'शाहिर' की मूर्ति स्थापित कर पेश की अनूठी मिसा... Simhastha 2028 Ujjain: मंदिर से मस्जिद तक, सिंहस्थ के लिए उज्जैन में बन रही आम सहमति, विकास और आस्था...

तेज बारिश में पूरी रात नाले में पड़ा रहा 10 वर्षीय बच्चा समाजसेवी ने पहुंचाया अस्पताल

38

मुलताई। नागपुर रोड पर मोंग्या नाले में एक 10 वर्षीय बच्चा बेहोशी की हालत में पड़ा मिला। बच्चे को लेकर नगर के समाजसेवी अस्पताल पहुंचे और पुलिस को सूचना दी। बच्चा पूरी रात तेज बारिश के बीच नाले में पड़ा रहा।

समाजसेवी पाशा खान ने बताया कि उन्हें पहले नाले में किसी बच्चे का शव पड़ा होने की सूचना मिली थी। वे अपने मित्रों के साथ नाले पर पहुंचे, तो बच्चे की सांस चल रही थी। वह बेहोशी की हालत में था, जिसे नाले से निकालकर तत्काल अस्पताल पहुंचाया। अस्पताल में इलाज के बाद होश आने पर बच्चे ने अपना नाम लक्की ओझा बताया है।

पाशा खान ने बताया कि बच्चा नगर में पन्नी बीनने का काम करता है, जिसने बताया कि रात में उसे शराब पिलाई गई थी। वह नशे की हालत में कब नाले में पहुंचा उसे नहीं पता चला। पुलिस ने अस्पताल में पहुंचकर बच्चे से पूछताछ की।

पानी बढ़ता तो हो सकती थी गंभीर घटना

नगर के नागपुर रोड स्थित मोंग्या नाले में बारिश के दौरान काफी पानी आता है। रात में तेज गरज के साथ मूसलाधार बारिश भी हुई, ऐसी स्थिति में बच्चा नाले में ही पड़ा रहा। अधिक पानी की आवक होती तो बच्चा डूब सकता था और गंभीर घटना हो सकती थी। बच्चे को दोपहर के बाद होश आया।

स्कूल ना जाने से बढ़ रही आपराधिक प्रवृत्ति

पूरे मामले में संयुक्त मानव अधिकार एवं अपराध नियंत्रण ब्यूरो की जिलाध्यक्ष रूपाली खाड़े ने घटना को गंभीर बताते हुए कहा है कि जिले में ऐसे कई बच्चे हैं, जिनका आधार कार्ड नहीं होने से वे स्कूल नहीं जा पाते हैं। ऐसी स्थिति में बच्चों में आपराधिक प्रवृत्ति बढ़ रही है।

शासन को काम करने वाले बच्चों को चिन्हित कर उनके आधार कार्ड बनाकर स्कूल भिजवाना जरूरी है। पूरे जिले में बाल मजदूरी भी चरम पर है, जिस पर अंकुश लगाना आवश्यक है। उन्होने कहा कि चंद पैसों के लिए निर्धन पालक बच्चों से काम करवाते हैं, जिससे बच्चे गलत रास्ते पर चले जाते हैं, जिससे उनका भविष्य खराब हो रहा है।

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.