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पुरानी दिल्ली के चावड़ी बाजार में इमारत गिरने के मामले में 3 ठेकेदार गिरफ्तार, सीएम रेखा गुप्ता ने दिए जांच के आदेश

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नई दिल्ली: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के ऐतिहासिक और घनी आबादी वाले चावड़ी बाजार इलाके में हुई एक दर्दनाक इमारत ढहने की घटना में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। इस अवैध रूप से चल रहे निर्माण कार्य के दौरान हुए भीषण हादसे में दो निर्दोष मजदूरों की मौत हो गई थी, जिसके बाद दिल्ली पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए तीन मुख्य ठेकेदारों को धर दबोचा है। पकड़े गए आरोपियों की पहचान हरियाणा के फरीदाबाद जिले के अंतर्गत आने वाली दौज तहसील के सिरोही गांव निवासी सिराज, ताजुद्दीन और फरकान के रूप में की गई है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार तीनों आरोपियों के खिलाफ सुसंगत धाराओं के तहत गंभीर मामला दर्ज कर लिया गया है।

बिना मंजूर नक्शे के अवैध रूप से कराई जा रही थी लगभग 50 वर्ग मीटर भूखंड पर तीन मंजिला इमारत की अनधिकृत रूप से तामीर

पुलिस की शुरुआती और विस्तृत जांच में यह बात खुलकर सामने आई है कि जिस भूखंड पर इस इमारत का निर्माण कार्य कराया जा रहा था, वह पूरी तरह से अनधिकृत था। लगभग 50 वर्ग मीटर के छोटे से भूखंड पर बनाई जा रही इस बिल्डिंग का कोई भी वैध नक्शा नगर निगम (MCD) से पास नहीं कराया गया था। निगम के जिम्मेदार अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि इस निर्माण कार्य के लिए किसी भी प्रकार की आधिकारिक अनुमति नहीं ली गई थी, और न ही इस संबंध में पूर्व में विभाग को कोई शिकायत प्राप्त हुई थी। स्थानीय सूत्रों के मुताबिक इस इमारत का काम लगभग 15 दिन पहले रोक दिया गया था, लेकिन इसके बावजूद काम चल रहा था और हादसे के वक्त तक इमारत की तीन मंजिलें खड़ी हो चुकी थीं तथा सबसे ऊपरी छत की ढलाई का कार्य किया जा रहा था।

घटिया निर्माण सामग्री के इस्तेमाल और मानकों की अनदेखी को माना जा रहा है हादसे की मुख्य वजह, मलबे में दबकर दो मजदूरों की गई जान

प्रारंभिक तकनीकी जांच में यह भी तथ्य सामने आया है कि इस इमारत के निर्माण में बेहद घटिया और निर्धारित गुणवत्ता के विपरीत सामग्री का इस्तेमाल किया गया था। निर्माण सामग्री ठीक प्रकार से जमी भी नहीं थी, जिसके कारण पूरी संरचना कमजोर हो गई और यह माना जा रहा है कि यही तकनीकी और गुणवत्ता संबंधी खामी इस इमारत के ढहने की मुख्य वजह बनी। इस हृदयविदारक हादसे में अपनी जान गंवाने वाले दोनों मजदूरों की शिनाख्त पूर्वी दिल्ली के मंडावली स्थित रेलवे कॉलोनी निवासी किशोरी (आयु 40 वर्ष) और संजीत (आयु 45 वर्ष) के रूप में हुई है, जो इस निर्माण स्थल पर मजदूरी का काम करते थे। इसके अलावा इस दुर्घटना में सहदेव चौधरी (25 वर्ष) और फिरोज (37 वर्ष) समेत कई अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें तुरंत नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया जहाँ उनका इलाज जारी है।

धमाके जैसी आवाज के साथ ढही इमारत, एनडीआरएफ और पुलिस की संयुक्त टीमों ने चलाया रेस्क्यू ऑपरेशन

प्रत्यक्षदर्शियों और स्थानीय निवासियों के अनुसार, गुरुवार की सुबह जब यह इमारत ढही तो एक तेज धमाके जैसी जोरदार आवाज गूंजी थी। आवाज सुनते ही आसपास के तमाम लोग तुरंत मौके पर दौड़े और अपनी जान जोखिम में डालकर मलबे के नीचे दबे लोगों को बाहर निकालने के प्रयास में जुट गए। घटना की सूचना मिलते ही दिल्ली पुलिस, दिल्ली अग्निशमन सेवा, राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) और एमसीडी की विशेष टीमें तुरंत घटनास्थल पर पहुँच गईं। सभी एजेंसियों ने मिलकर संयुक्त रूप से एक व्यापक राहत और बचाव अभियान चलाया।

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने किया घटनास्थल का दौरा, लापरवाह जूनियर और असिस्टेंट इंजीनियर को तुरंत निलंबित करने के दिए कड़े निर्देश

इस गंभीर हादसे के तुरंत बाद मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने स्वयं घटनास्थल का दौरा किया और हालात का जायजा लेते हुए उच्चस्तरीय जांच के आदेश दिए। उन्होंने पुलिस को सख्त निर्देश दिए कि इस लापरवाही के लिए जिम्मेदार सभी ठेकेदारों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए। इसके साथ ही उन्होंने नगर निगम के संबंधित जूनियर इंजीनियर (JE) और असिस्टेंट इंजीनियर (AE) को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने का हुक्म दिया, जिसके बाद एमसीडी प्रशासन ने दोनों अधिकारियों को तुरंत सस्पेंड कर दिया। मुख्यमंत्री ने कड़े शब्दों में कहा कि निर्माण कार्यों के दौरान सुरक्षा मानकों के साथ खिलवाड़ करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। साथ ही उन्होंने अधिकारियों को घायलों के बेहतर इलाज की व्यवस्था करने और पीड़ित परिवारों को तुरंत वित्तीय सहायता प्रदान करने के निर्देश भी दिए हैं।

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