Chhattisgarh Solar Village: छत्तीसगढ़ का खैरा बना राज्य का पहला पूरी तरह सोलर पैनल वाला गांव, पीएम सूर्यघर योजना से चमकी तकदीर
राजनांदगांव: छत्तीसगढ़ राज्य से एक बेहद प्रेरणादायक और सकारात्मक खबर सामने आई है, जहाँ का एक पूरा गांव शत-प्रतिशत सोलर पैनल से लैस हो गया है। इस गांव के सभी पक्के मकानों की छतों पर ‘पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना’ के अंतर्गत सोलर सिस्टम स्थापित किए जा चुके हैं। छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले में स्थित इस गांव का नाम खैरा है, जिसकी कुल आबादी 889 लोगों की है। खैरा गांव ने बिजली के पारंपरिक ग्रिड पर अपनी निर्भरता को पूरी तरह समाप्त करने की दिशा में देश भर के लिए एक अनूठी और शानदार मिसाल कायम की है।
बिना एक भी रुपया खर्च किए रोशन हुआ पूरा गांव, केंद्र-राज्य सब्सिडी और सीएसआर फंड से पूरी हुई पूरी लागत
प्राप्त जानकारी के अनुसार, खैरा गांव के प्रत्येक घर में 2 किलोवाट क्षमता का सोलर सिस्टम लगाया गया है, जिसके चलते पूरा गांव मिलकर कुल 282 किलोवाट सौर ऊर्जा का सफलतापूर्वक उत्पादन कर रहा है। इस पूरी पहल की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसके लिए गांव के किसी भी परिवार को अपनी जेब से एक भी पैसा खर्च नहीं करना पड़ा है। योजना के तहत केंद्र और राज्य सरकारों की ओर से भारी सब्सिडी प्रदान की गई, और उसके बाद जो अतिरिक्त लागत बची, उसे जिला प्रशासन ने विभिन्न कंपनियों के कॉर्पोरेट सोशल रिस्पांसिबिलिटी (CSR) फंड के जरिए पूरी तरह कवर कर लिया।
नेट मीटरिंग तकनीक से लैस है घरों में स्थापित सोलर सिस्टम, अतिरिक्त बिजली सीधे ग्रिड को भेजी जाएगी वापस
ग्रामीणों के घरों में स्थापित किए गए ये सभी सोलर सिस्टम आधुनिक नेट मीटरिंग तकनीक के साथ जोड़े गए हैं। इस तकनीक का मुख्य फायदा यह है कि दिन के समय सौर ऊर्जा से जितनी बिजली का उत्पादन होगा, वह सबसे पहले घरों की दैनिक जरूरतों को पूरा करेगी और उसके बाद जो अतिरिक्त बिजली बचेगी, उसे सीधे पावर ग्रिड को वापस भेज दिया जाएगा। इस महत्वाकांक्षी अभियान को धरातल पर उतारने और सफल बनाने में पद्मश्री पुलबासन बाई यादव तथा स्थानीय महिला स्वयं सहायता समूहों ने बहुत ही महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
पीएम आवास योजना के तहत बने मकान भी सौर ऊर्जा से जुड़े, समाज के हर वर्ग के लोगों को मिला इसका सीधा लाभ
गांव में जागरूकता फैलाने के लिए ‘सूर्य सखौ’ और ‘सूर्य सभा’ जैसी पहलों के माध्यम से महिलाओं ने घर-घर जाकर संपर्क किया और ग्रामीणों के मन में लागत तथा उसके रखरखाव से जुड़ी सभी शंकाओं व आशंकाओं को पूरी तरह दूर किया। उल्लेखनीय है कि खैरा गांव के जिन 141 घरों में सोलर सिस्टम लगाए गए हैं, उनमें से 93 घर प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत निर्मित हैं, जिन्हें भी अब सौर ऊर्जा से जोड़ दिया गया है। इसके अलावा, गांव के 21 अनुसूचित जनजाति और 4 अनुसूचित जाति के परिवारों को भी इस योजना का पूरा और सीधा लाभ मिला है।
कलेक्टर जितेंद्र यादव ने साझा की जानकारी, खैरा गांव का हर घर अब अपनी छत पर खुद पैदा कर रहा है बिजली
इस पूरे प्रोजेक्ट पर बात करते हुए जिला प्रशासन के अधिकारियों ने बताया कि सोलर सिस्टम लगवाने के लिए स्थानीय परिवारों को अपनी तरफ से कोई वित्तीय बोझ नहीं उठाना पड़ा है, जिसमें स्थानीय जनप्रतिनिधियों और सरपंच का भी पूरा सहयोग मिला है। अब खैरा गांव का प्रत्येक परिवार अपनी खुद की छत से बिजली पैदा करने की दिशा में आगे बढ़ चुका है, जो पर्यावरण संरक्षण और आत्मनिर्भरता की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है।
Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.