Bihar MLC Election Results: बिहार विधान परिषद चुनाव के बाद बीजेपी को मिली बड़ी मजबूती, दो निर्दलीय एमएलसी बंशीधर ब्रजवासी और राहुल राज हुए शामिल
पटना: बिहार विधान परिषद चुनाव के नतीजे घोषित होने के ठीक बाद राज्य की राजनीतिक गलियारों में एक बड़ा बदलाव देखने को मिला है। तिरहुत स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से लगातार दूसरी बार निर्दलीय रूप में शानदार जीत हासिल करने वाले बंशीधर ब्रजवासी और सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से पहली बार चुनावी मैदान में उतरकर जीत का परचम लहराने वाले डॉ. राहुल राज ने शनिवार को औपचारिक रूप से भारतीय जनता पार्टी (BJP) की सदस्यता ग्रहण कर ली है। इन दोनों नेताओं ने बिहार भाजपा के वरिष्ठ प्रदेश प्रभारी की गरिमामयी उपस्थिति में पार्टी का दामन थामा है। चुनाव परिणाम आने के साथ ही यह कयास लगाए जाने लगे थे कि ये दोनों नेता जल्द ही भाजपा में शामिल हो सकते हैं।
भाजपा के पाले में पहुंचे चार नवनिर्वाचित एमएलसी, एनडीए के भीतर समीकरणों में आया बड़ा बदलाव
इन दोनों निर्दलीय और बागी नेताओं के पार्टी में शामिल होने के बाद अब भारतीय जनता पार्टी के नवनिर्वाचित एमएलसी की कुल संख्या बढ़कर चार हो गई है। खास बात यह है कि सारण शिक्षक सीट से जीत दर्ज करने वाले राहुल राज मूल रूप से भाजपा के ही पुराने सदस्य रहे हैं, जो पार्टी से बगावत करके निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़े थे और अब जीत हासिल करने के बाद उन्होंने अपनी घर वापसी कर ली है। इसी प्रकार, तिरहुत स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से जीत दर्ज करने वाले बंशीधर ब्रजवासी भी अब आधिकारिक तौर पर भाजपा परिवार का हिस्सा बन गए हैं।
जेडीयू उम्मीदवारों को हराकर दर्ज की थी जीत, एनडीए के भीतर सीटों के आंकड़ों में हुआ फेरबदल
इस राजनीतिक घटनाक्रम का एक दिलचस्प पहलू यह भी है कि इन दोनों ही सीटों पर एनडीए गठबंधन के तहत जनता दल यूनाइटेड (JDU) के उम्मीदवार आधिकारिक रूप से चुनावी मैदान में उतरे थे। सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में राहुल राज ने जेडीयू के प्रत्याशी आनंद पुष्कर को शिकस्त दी थी, जबकि तिरहुत स्नातक सीट पर बंशीधर ब्रजवासी ने जेडीयू के अभिषेक झा को हराकर बाजी मारी थी। इन दोनों नेताओं के भाजपा में शामिल हो जाने के बाद अब पार्टी का यह दावा मजबूत हो गया है कि कुल आठ सीटों में से चार पर उसका सीधा अधिकार है, जबकि जेडीयू के पास फिलहाल एक सीट बची है।
शिक्षकों के हितों की आवाज उठाने वाले बंशीधर ब्रजवासी ने लगातार दूसरी बार निर्दलीय लड़कर दर्ज की ऐतिहासिक जीत
बंशीधर ब्रजवासी की पूरे बिहार में एक ऐसे तेजतर्रार नेता के रूप में गहरी पहचान है जो हमेशा से शिक्षकों के अधिकारों और उनकी समस्याओं के खिलाफ मुखर होकर आवाज उठाते रहे हैं। उन्होंने शिक्षकों की विभिन्न मांगों को लेकर राज्यभर में कई बड़े आंदोलनों और संघर्षों में सक्रिय भूमिका निभाई है। वे ‘परिवर्तनकारी प्रारंभिक शिक्षक संघ, बिहार’ के प्रदेश अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं। तिरहुत स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से उन्होंने एक निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में ताल ठोकते हुए जेडीयू के मजबूत प्रत्याशी अभिषेक झा को करारी शिकस्त दी और लगातार दूसरी मर्तबा इस सीट पर कब्जा जमाया।
पहली बार चुनाव लड़कर विजयी हुए डॉ. राहुल राज, शैक्षणिक पृष्ठभूमि और राजनीतिक परिवार से रखते हैं ताल्लुक
सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से अपनी राजनीतिक पारी की धमाकेदार शुरुआत करने वाले डॉ. राहुल राज ने अपने जीवन का पहला एमएलसी चुनाव लड़कर ही शानदार जीत हासिल की है। उन्होंने इस मुकाबले में जेडीयू के आनंद पुष्कर को हराया है। शैक्षणिक रूप से राहुल राज एक पीएचडी धारक हैं और वर्तमान में एक प्रतिष्ठित वीआईपी कॉलेज में एसोसिएट प्रोफेसर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। शिक्षण कार्यों के साथ-साथ वे कई व्यावसायिक गतिविधियों से भी जुड़े हुए हैं। सारण जिले के रिविलगंज प्रखंड के मुकरेड़ा गांव के निवासी राहुल राज के पिता का नाम विपिन सिंह है, जो खुद भाजपा की प्रदेश कार्यसमिति के सदस्य रहने के साथ-साथ रिविलगंज के ब्लॉक प्रमुख जैसी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं। हालांकि, इस बार के चुनाव में उन्होंने तमाम राजनीतिक समीकरणों को दरकिनार करते हुए एक निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में मैदान में उतरकर अपनी जीत सुनिश्चित की थी।
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