Panchkula School Case: पंचकूला के स्कूल में केजी की बच्ची से मारपीट मामले पर मानवाधिकार आयोग सख्त, टीम ने किया घटनास्थल का दौरा
पंचकूला: हरियाणा के पंचकूला जिले से एक बेहद संवेदनशील और दिल दहला देने वाला मामला प्रकाश में आया है। यहाँ के एक सरकारी विद्यालय के भीतर केजी कक्षा में पढ़ने वाली 6 साल की एक मासूम बच्ची के साथ कथित तौर पर अत्यधिक बेरहमी से मारपीट किए जाने की घटना सामने आई है, जिसने शैक्षणिक संस्थानों की सुरक्षा व्यवस्था और बच्चों की देखरेख पर गंभीर सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं। इस अति संवेदनशील और गंभीर मामले पर हरियाणा बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने स्वतः संज्ञान लेते हुए सख्त रुख अपनाया है।
मानवाधिकार आयोग की टीम ने स्कूल पहुंचकर लिया जायजा, परिजनों ने स्कूल प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर खड़े किए सवाल
घटना के सिलसिले में आज हरियाणा मानवाधिकार आयोग की एक विशेष टीम ने सीधे संबंधित स्कूल का औचक दौरा किया। इस दौरान टीम ने मौके पर पहुंचकर घटनास्थल का बारीकी से जायजा लिया और इस वीभत्स घटना से जुड़ी तमाम परिस्थितियों व कारणों को समझने का पूरा प्रयास किया। दूसरी ओर, इस खौफनाक घटना के सामने आने के बाद से पीड़ित बच्ची के माता-पिता और परिजनों में गहरा रोष व्याप्त है, तथा उन्होंने स्कूल प्रबंधन की सुरक्षा व्यवस्था और बच्चों पर रखी जाने वाली निगरानी पर बेहद गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
हरियाणा सरकार द्वारा जांच कमेटी गठित किए जाने के बाद आयोग की सक्रियता बढ़ी, सभी की निगाहें जांच रिपोर्ट पर टिकी
इस पूरे प्रकरण में हरियाणा सरकार की तरफ से पहले ही एक उच्चस्तरीय जांच कमेटी का गठन किया जा चुका है, और अब मानवाधिकार आयोग की टीम के सीधे स्कूल परिसर में पहुँचने से इस मामले की गंभीरता और अधिक बढ़ गई है। वर्तमान में प्रदेश भर के लोगों की नजरें आयोग की इस निष्पक्ष जाँच और स्कूल प्रबंधन की जवाबदेही तय होने पर टिकी हुई हैं, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि इतनी बड़ी लापरवाही कैसे हुई।
जस्टिस ललित बत्रा ने दिए कड़े निर्देश, स्कूलों में बच्चों के व्यवहार के आकलन के लिए नया सिस्टम विकसित करने की होगी सिफारिश
इस पूरे मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए हरियाणा मानवाधिकार आयोग के अध्यक्ष चेयरमैन जस्टिस ललित बत्रा ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि शिक्षण संस्थानों और स्कूलों में पढ़ रहे बच्चों की मानसिक स्थिति को बेहतर ढंग से समझने तथा उनके व्यवहार और मनोभावों का समय रहते सही आकलन करने के लिए एक मजबूत व अनिवार्य व्यवस्था (सिस्टम) विकसित किए जाने की औपचारिक सिफारिश राज्य सरकार से की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि पंचकूला के इस स्कूल में घटी घटना का आयोग बेहद गंभीरता के साथ अध्ययन (स्टडी) करेगा। इसके साथ ही, व्यवस्था में मौजूद तमाम कमियों और खामियों की पहचान करके भविष्य में इस तरह की अवांछित घटनाओं की पुनरावृत्ति को रोकने के लिए पुख्ता और कड़े कदम उठाए जाएंगे।


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