Latehar Coal Smuggling News: लातेहार के मगध कोलफील्ड में CISF की बड़ी कार्रवाई, 35 टन अवैध कोयले से लदा हाइवा ट्रक जब्त
लातेहार: झारखंड के लातेहार जिले के अंतर्गत आने वाले मगध कोलफील्ड क्षेत्र में कोयले की अवैध तस्करी और चोरी के खिलाफ केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) ने एक बहुत बड़ी और सफल कार्रवाई को अंजाम दिया है। सुरक्षा बल की विशेष टीम ने मगध क्षेत्र के चामातू मोड़ के पास बुधवार की देर रात औचक छापेमारी करते हुए कोयले से भरे एक संदिग्ध हाइवा ट्रक को अपने कब्जे में ले लिया। पकड़े गए इस भारी-भरकम वाहन में लगभग 32 से 35 टन अवैध कोयला लदा हुआ था, जिसे बिना किसी वैध दस्तावेज के ले जाया जा रहा था।
सुरक्षा बल की कड़ी निगरानी: पिछले एक महीने में 800 टन अवैध कोयला बरामद और कई वाहन जब्त
CISF की ओर से साझा की गई आधिकारिक जानकारी के अनुसार, यह पूरी कार्रवाई कोलफील्ड क्षेत्रों में लगातार पनप रही कोयला चोरी और खनिज की अवैध निकासी पर पूरी तरह रोक लगाने के वास्ते चलाए जा रहे विशेष अभियान का एक अहम हिस्सा है। उल्लेखनीय है कि मगध-अम्रपाली कोयला परियोजना क्षेत्र में CISF की तैनाती को अभी महज एक महीना ही पूरा हुआ है, लेकिन इस अल्प अवधि में ही बल ने अपनी सक्रियता दिखाते हुए लगातार छापेमारी और गुप्त सूचनाओं के आधार पर कई बड़े एक्शन लिए हैं। इन ताबड़तोड़ कार्रवाइयों के दौरान अब तक कई अवैध वाहनों को दबोचा जा चुका है तथा कुल 700 से 800 टन अवैध कोयला सफलतापूर्वक बरामद किया गया है।
जीरो कोल लीकेज नीति को प्रभावी बनाना है मकसद, सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड की संपत्ति की हो रही सुरक्षा
मगध-अम्रपाली के इस विशाल कोयलांचल में खनिज की चोरी को जड़ से उखाड़ने के लिए CISF की टुकड़ियां पूरी तरह मुस्तैद हैं। खुफिया तंत्र से मिलने वाली पुख्ता सूचनाओं के आधार पर संदिग्ध गतिविधियों पर पैनी नजर रखी जा रही है और विभिन्न रास्तों पर घेराबंदी कर कार्रवाई की जा रही है। इस पूरे अभियान का मुख्य उद्देश्य सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड (CCL) की बेशकीमती संपत्तियों की रक्षा करना और कोयले की अवैध निकासी पर शिकंजा कसना है। सुरक्षा बल के अधिकारियों के मुताबिक, इस क्षेत्र में उनकी तैनाती का प्रमुख लक्ष्य केंद्रीय गृह मंत्रालय की ‘जीरो कोल लीकेज’ नीति को जमीनी स्तर पर पूरी तरह प्रभावी ढंग से लागू करना है।
वरिष्ठ अधिकारियों के नेतृत्व में की गई कार्रवाई, नक्सल प्रभावित और संवेदनशील क्षेत्र में भी जारी रहेगा अभियान
चामातू मोड़ के समीप की गई इस पूरी छापामार कार्रवाई का सफल नेतृत्व सहायक कमांडेंट सुभाष कुमार और इंस्पेक्टर एसएन व्यास द्वारा किया गया, जिसमें CISF के अन्य प्रशिक्षित जवान भी साजो-सामान के साथ शामिल रहे। यह पूरा सफल ऑपरेशन डीआईजी सुमन सिंह और कमांडेंट अमित कुमार के कुशल मार्गदर्शन में संपन्न हुआ। सुरक्षा की दृष्टि से यह पूरा मगध-अम्रपाली कोयला क्षेत्र नक्सल प्रभावित होने के कारण काफी संवेदनशील माना जाता है, तमाम भौगोलिक और सुरक्षा संबंधी चुनौतियों के बावजूद CISF के जवान पूरी दिलेरी से अवैध खनन पर प्रहार कर रहे हैं। बल ने दोटूक शब्दों में स्पष्ट किया है कि भविष्य में भी यह अभियान निरंतर जारी रहेगा, और इसके लिए सीसीएल (CCL) प्रबंधन के साथ बेहतर तालमेल बनाकर सरकारी संपत्ति को सुरक्षित रखा जाएगा।
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