Korba News: 7 साल की मासूम से दुष्कर्म और हत्या के मामले में आरोपी गिरफ्तार, पुलिस चौकी का घेराव कर लोगों ने की फांसी की मांग
कोरबा: छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले से एक बेहद दर्दनाक और झकझोर देने वाली घटना सामने आई है, जहाँ सात साल की एक मासूम बच्ची के साथ दुष्कर्म के बाद उसकी निर्मम हत्या कर दी गई। इस जघन्य वारदात के सामने आने के बाद से पूरे इलाके में शोक और भारी आक्रोश का माहौल है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को धर दबोचा है। जानकारी के अनुसार, पीड़ित बच्ची का परिवार मूल रूप से सक्ती जिले का रहने वाला है और रोजी-रोटी की तलाश में करीब चार महीने पहले कोरबा के रजगामार क्षेत्र में आया था, जहाँ बच्ची के पिता एक पोल्ट्री फार्म में मजदूरी करते हैं और परिवार वहीं निवास कर रहा था।
सामान लेने निकली बच्ची हुई थी लापता, तीन दिन बाद मिला शव
बीती 19 अक्टूबर को बच्ची के पिता ने उसे घर के पास स्थित एक स्थानीय दुकान से सामान लाने के लिए भेजा था, लेकिन वह वापस नहीं लौटी। परिजनों ने आसपास काफी तलाश की और कोई सुराग न मिलने पर पुलिस चौकी में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस और स्थानीय लोगों ने उसकी तलाश शुरू की, और आखिरकार 22 अक्टूबर को पोल्ट्री फार्म के पीछे की झाड़ियों से बच्ची का संदिग्ध अवस्था में शव बरामद किया गया। फॉरेंसिक जांच और शुरुआती पड़ताल में बच्ची के साथ दुष्कर्म की पुष्टि होने के बाद पुलिस ने हत्या और पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज कर जांच तेज कर दी।
बांगाे के जंगल से दबोचा गया 40 वर्षीय आरोपी, चॉकलेट का दिया था लालच
पुलिस अधीक्षक (SP) सिद्धार्थ तिवारी के निर्देश पर गठित टीम ने डॉग स्क्वॉड और तकनीकी साक्ष्यों की मदद से आरोपी की तलाश शुरू की। पुलिस ने 22 अक्टूबर की देर रात बांगाे क्षेत्र के घने जंगलों की घेराबंदी कर 40 वर्षीय आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी बालको थाना क्षेत्र के बेलगारी नाला इलाके का रहने वाला है। पूछताछ में उसने खुलासा किया कि वह 19 अक्टूबर को चॉकलेट दिलाने के बहाने बच्ची को बहला-फुसलाकर जंगल की तरफ ले गया था, जहाँ उसने इस घिनौनी वारदात को अंजाम देने के बाद बच्ची की हत्या कर दी और फरार हो गया। आरोपी नशे का आदी बताया जा रहा है।
आरोपी की गिरफ्तारी के बाद भड़का जनआक्रोश, थाने का घेराव और प्रदर्शन
आरोपी के पकड़े जाने की खबर मिलते ही 23 अक्टूबर को सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण और महिलाएं राजगामार पुलिस चौकी के बाहर एकत्र हो गए। आक्रोशित भीड़ ने पुलिस चौकी का घेराव कर जोरदार नारेबाजी की और आरोपी को फांसी की सजा देने की मांग उठाई। इस सनसनीखेज घटना को लेकर वकीलों ने भी कड़ा रुख अपनाते हुए घोषणा की है कि वे अदालत में इस दरिंदे की कोई पैरवी नहीं करेंगे। इसके अलावा, विभिन्न राजनीतिक दलों और सामाजिक संगठनों जैसे छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना द्वारा कैंडल मार्च निकालकर कड़े विरोध प्रदर्शन किए गए।
फास्ट ट्रैक कोर्ट के जरिए कड़ी सजा दिलाने का आश्वासन
मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी सिद्धार्थ तिवारी ने प्रेस वार्ता कर पूरी जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि पुलिस ने वैज्ञानिक साक्ष्यों को आधार बनाते हुए मामले में पॉक्सो एक्ट की गंभीर धाराएं जोड़ी हैं। प्रशासन की मंशा है कि इस मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट के माध्यम से तेजी से कराई जाए, ताकि दोषी को कानून के तहत जल्द से जल्द कठोरतम सजा दिलाई जा सके और पीड़ित परिवार को न्याय मिल सके।
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