Ludhiana Chain Snatching News: बीआरएस नगर और राजगुरु नगर में चेन स्नैचिंग के आरोपियों को नहीं पकड़ पाई पुलिस, सोशल मीडिया पर मांगनी पड़ी मदद
लुधियाना: महानगर के अति-सुरक्षित माने जाने वाले पॉश क्षेत्रों भाई रणधीर सिंह नगर (BRS नगर) और राजगुरु नगर में महिलाओं को खुलेआम निशाना बनाकर सोने की चेन उड़ाने वाले शातिर बदमाशों को दबोचने में कमिश्नरेट पुलिस को अब तक कोई सफलता नहीं मिली है। थाना सराभा नगर के अधिकार क्षेत्र में महज चौबीस घंटे के भीतर हुई दो सनसनीखेज वारदातों के बाद पुलिस ने आरोपियों के सीसीटीवी (CCTV) फुटेज अपने आधिकारिक सोशल मीडिया पेज पर अपलोड कर दिए हैं और आम जनता से उनकी पहचान उजागर करने की गुहार लगाई है। पुलिस द्वारा इस तरह ऑनलाइन वीडियो साझा कर मदद मांगने के बाद विभाग की कार्यप्रणाली, मुस्तैदी और पारंपरिक खुफिया तंत्र पर बड़े सवाल खड़े होने लगे हैं।
सोशल मीडिया पर वीडियो शेयर कर पुलिस ने मांगी जनता की मदद
संबंधित थाने की पुलिस ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर संदिग्ध बाइक सवार लुटेरों की स्पष्ट तस्वीरें जारी की हैं। वीडियो के माध्यम से नागरिकों से अपील की गई है कि यदि कोई भी व्यक्ति फुटेज में दिख रहे संदिग्धों, उनके हुलिए या उनकी मोटरसाइकिल को पहचानता है, तो तुरंत पुलिस को सूचना दे। पुलिस का दावा है कि सूचना देने वाले की पहचान को पूरी तरह गोपनीय रखा जाएगा, लेकिन इस कदम ने पुलिस की अपनी छानबीन क्षमता पर सवालिया निशान लगा दिया है।
बीआरएस नगर और राजगुरु नगर में हुई थीं वारदातें
गौरतलब है कि पिछले कुछ दिनों के दौरान थाना सराभा नगर इलाके में बदमाशों ने कानून-व्यवस्था को सीधी चुनौती दी थी। बीआरएस नगर के आई-ब्लॉक में अपनी दुकान से एक्टिवा पर घर लौट रही रजनी नाम की महिला से दो बाइक सवारों ने करीब तीन तोले की सोने की चेन झपट ली थी, जिससे गाड़ी अनियंत्रित होने के कारण महिला के चेहरे और बाजू पर गंभीर चोटें आईं थीं। वहीं, राजगुरु नगर में अपनी कार से उतरकर घर की ओर पैदल जा रही एक बुजुर्ग महिला को तीन नकाबपोश और हथियारबंद बदमाशों ने घेरकर तेजधार हथियार के बल पर सोने की चेन लूट ली थी।
क्या फेल हो चुका है पुलिस का खुफिया और मुखबिर नेटवर्क?
पुलिस द्वारा इस प्रकार जनता से मदद की गुहार लगाने से शहर के सुरक्षा प्रबंधों और जांच तंत्र की पोल खुलती नजर आ रही है। स्थानीय निवासियों और जानकारों का कहना है कि स्पष्ट सीसीटीवी फुटेज होने के बावजूद यदि पुलिस को अपराधियों को पकड़ने के लिए आम लोगों के सहारे की जरूरत पड़ रही है, तो यह जमीनी खुफिया तंत्र की नाकामी को उजागर करता है। पुलिस के पास आधुनिक सर्विलांस और मुखबिरों का मजबूत ढांचा होने का दावा किया जाता है, ऐसे में बीट प्रणाली और खुफिया नेटवर्क की निष्क्रियता चिंता का विषय है।
इलाके में रोष, गश्त बढ़ाने और कार्रवाई की मांग
स्थानीय लोगों का आरोप है कि पॉश बस्तियों में न तो प्रभावी पीसीआर गश्त होती है और न ही समय पर नाकाबंदी की जाती है। महिलाएं खुद को असुरक्षित महसूस कर रही हैं और पुलिस केवल घटना के बाद औपचारिकताएं पूरी करती नजर आ रही है। नागरिकों का कहना है कि जब तक पुलिस अपने गश्त तंत्र को मजबूत नहीं करेगी और पुराने अपराधियों के रिकॉर्ड को खंगालकर धरपकड़ तेज नहीं करेगी, तब तक केवल सोशल मीडिया पर वीडियो अपलोड करने से अपराधियों के हौसले कम नहीं होने वाले हैं।
Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.