Haryana ACB Action: हरियाणा में भ्रष्टाचार के खिलाफ एंटी-करप्शन ब्यूरो ने तोड़ा 10 साल का रिकॉर्ड, दर्ज हुए रिकॉर्ड ट्रैप केस
चंडीगढ़: हरियाणा राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ए.सी.बी.) ने वर्ष 2026 के दौरान ट्रैप मामलों में पिछले एक दशक के सभी पुराने रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिए हैं। आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, 21 अक्तूबर तक ब्यूरो द्वारा कुल 171 ट्रैप केस दर्ज किए जा चुके हैं, जो साल 2016 के बाद से किसी भी एक साल में दर्ज किए गए सर्वाधिक मामले हैं। इससे पहले वर्ष 2022 में सर्वाधिक 170 ट्रैप केस दर्ज करने का रिकॉर्ड दर्ज था। साल 2026 अभी पूरा नहीं हुआ है और अक्टूबर माह में ही यह आंकड़ा पिछले दस सालों के रिकॉर्ड से आगे निकल चुका है।
जनवरी से सितंबर 2026 तक दर्ज हुए आंकड़े
ब्यूरो की रिपोर्ट के अनुसार, 1 जनवरी से 30 सितंबर 2026 के बीच विभिन्न सरकारी अधिकारियों, कर्मचारियों और निजी व्यक्तियों के खिलाफ कुल 191 आपराधिक मुकदमे दर्ज किए गए हैं। इनमें से 155 ट्रैप मामले शामिल हैं, जिनमें 16 राजपत्रित अधिकारियों (गैजेटेड ऑफिसर्स), 131 अराजपत्रित कर्मचारियों और 25 निजी व्यक्तियों समेत कुल 172 आरोपियों को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों दबोचा गया। इसके साथ ही, वर्ष 2026 में सितंबर माह के अंत तक ब्यूरो ने कुल 88 नई जांचों का पंजीकरण किया, जबकि 15 सितंबर तक उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक 61 जांचों को सफलतापूर्वक पूरा भी कर लिया गया है।
विभागीय कार्रवाई और आपराधिक मुकदमों की सिफारिश
पूरी की गई जांचों में से 16 मामलों के आधार पर कुल 74 राजपत्रित और 20 अराजपत्रित अधिकारियों-कर्मचारियों के विरुद्ध सख्त विभागीय कार्रवाई की संस्तुति की गई है। इसके अतिरिक्त, 10 अन्य जांचों में संलिप्त पाए गए 7 राजपत्रित अधिकारियों, 16 अराजपत्रित कर्मचारियों और 40 निजी व्यक्तियों के खिलाफ औपचारिक आपराधिक मुकदमा दर्ज करने की सिफारिश की गई है। ब्यूरो के साझा किए गए आंकड़ों के अनुसार, इस साल 1 जनवरी से 30 सितंबर के बीच दर्ज किए गए 21 आपराधिक मामलों में कुल 26 दोषियों को अदालत द्वारा कठोर कारावास की सजा सुनाई गई है, जिनमें 23 सरकारी मुलाजिम और 3 निजी व्यक्ति शामिल हैं।
किन-किन विभागों के कर्मचारियों को मिली सजा
न्यायालय द्वारा जिन विभिन्न विभागों के दोषी अधिकारियों और कर्मचारियों को सजा सुनाई गई है, उनमें बिजली विभाग के 5, पुलिस विभाग के 6, शहरी स्थानीय निकाय विभाग का 1, सिंचाई विभाग के 2, शिक्षा विभाग के 2, आबकारी एवं कराधान विभाग के 2, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के 2, स्किल डेवलपमेंट विभाग का 1, हरियाणा वेयरहाउस का 1 और हरियाणा राज्य औद्योगिक एवं संरचना विकास निगम का 1 कर्मचारी शामिल है।
एसीबी प्रमुख डॉ. ए.एस. चावला की कड़ी चेतावनी
हरियाणा एसीबी के प्रमुख डॉ. ए.एस. चावला ने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी है कि जो अधिकारी और कर्मचारी रिश्वत लिए बिना आम नागरिकों के वैध कार्य नहीं करते, उन्हें दफ्तरों के अनावश्यक चक्कर कटवाते हैं या अपने पद का दुरुपयोग करके प्रताड़ित करते हैं, वे यह गलतफहमी बिल्कुल न पालें कि वे कानून के शिकंजे से बच सकते हैं। ऐसे भ्रष्ट तत्वों के खिलाफ बेहद सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी और किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा। ट्रैप मामलों में दशक का रिकॉर्ड टूटना राज्य सरकार की भ्रष्टाचार के प्रति ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति का स्पष्ट प्रमाण है।
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