भोपाल: मध्य प्रदेश में पेट्रोकेमिकल और इससे जुड़े उद्योगों के तेजी से आगे बढ़ने की उम्मीद है। बीना में आने वाले समय में 22 लाख टन से ज्यादा पेट्रोकेमिकल उत्पाद तैयार होंगे। इससे मध्य प्रदेश में रोजगार और निवेश के अवसर बढ़ेंगे। साथ ही यहां प्लास्टिक, पैकेजिंग, फार्मा, टेक्सटाइल और ऑटोमोबाइल जैसे उद्योगों को कच्चा माल उपलब्ध कराया जा सकेगा। मुंबई में बॉम्बे एग्जिबिशन सेंटर में आयोजित तीन दिवसीय ‘इंडिया केम 2026’ को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने ये बातें कहीं।
🏭 ग्वालियर के बिलोवा में बना 93 एकड़ का अत्याधुनिक प्लास्टिक पार्क
मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्य प्रदेश सरकार बड़े उद्योगों के साथ ही छोटे उद्योगों को लगातार आगे बढ़ाने का काम कर रही है। प्रदेश में प्लास्टिक, पॉलीमर आधारित उद्योगों को नई रफ्तार देने के लिए रायसेन के तामोट में 121 एकड़, ग्वालियर के बिलोवा में 93 एकड़ का अत्याधुनिक प्लास्टिक पार्क तैयार किया गया है। कार्यक्रम में केन्द्रीय रसायन एवं उर्वरक मंत्री जेपी नड्डा, महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस और केन्द्रीय राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल मौजूद रहे। कार्यक्रम में उद्योगपतियों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा, “मध्य प्रदेश में पीएम मित्र पार्क देश का सबसे सफलतम उदाहरण बना है। इससे देश में मध्य प्रदेश की विशेष साख बनी है। खासतौर पर गैस आधारित उद्योग में विजयपुर की महत्वपूर्ण भूमिका है। यहां GAIL का अत्याधुनिक प्रसंस्करण मौजूद है, जो गैस आधारित औद्योगिक गतिविधियों को महत्वपूर्ण मदद प्रदान कर रहा है। सीहोर के आष्टा में GAIL India की पेट्रोकेमिकल्स परियोजना के विकास से प्रदेश में पेट्रोकेमिकल उत्पादन और इससे जुड़े उद्योगों की नई संभावनाओं पर काम मिलेगा।”
💰 प्रदेश में जमीन पर उतरा 12 लाख करोड़ का निवेश
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट (GIS) के बाद 12 लाख करोड़ के निवेश का प्रस्ताव धरातल पर उतरा है। बीते पौने तीन सालों में मध्य प्रदेश तेजी से आगे निकला है। प्रदेश में बिजली, पानी और भूमि देश में सबसे सस्ती और रियायती दरों पर उपलब्ध है। प्रदेश में सरप्लस बिजली और ‘प्लग एंड प्ले’ जोन उपलब्ध हैं। प्रदेश में सरलीकृत व्यवस्था बनी है। उन्होंने कहा कि देश में साल 2014 में केमिकल एवं पेट्रोकेमिकल का बाजार 120 अरब डॉलर का था, जो अब दो गुना से ज्यादा हो चुका है। साल 2014 से 2026 के दौरान इस क्षेत्र में 1 लाख करोड़ से ज्यादा का प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) आया है।
🎯 केन्द्रीय मंत्री बोले- 1.6 ट्रिलियन का लक्ष्य
केन्द्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने कार्यक्रम में कहा कि नीतियां भारत सरकार बनाती है, लेकिन उन्हें धरातल पर उतारने का काम राज्यों का है। यह अच्छा अवसर है जब नीति बनाने वाले, इंडस्ट्री लीडर, निवेशक, इनोवेटर और स्टेकहोल्डर्स एक मंच पर आकर इंडस्ट्री के बारे में चर्चा कर रहे हैं। हम बहुत महत्वाकांक्षी योजना को आगे बढ़ाना चाहते हैं। पेट्रोकेमिकल का मार्केट साइज आज 2420 बिलियन का है, लेकिन 2040 में 1 ट्रिलियन पहुंचने की उम्मीद है। विकसित भारत के तहत हमारा लक्ष्य 1.6 ट्रिलियन का है।
Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.